WhatsApp Image 2020-04-26 at 18.01.40

10 September 2020

12:10 PM : ‘Pradhan Mantri Matsya Sampada Yojna’ & ‘e-gopala’

10:25 AM : Induction Ceremony of Rafale Jets

10:37 AM : Traditional 'Sarva Dharma Puja'

10:00 AM : COVID-19 Updates

9:49 AM : बता रहे हैं डॉक्टर्स, कोरोना में सीटी वैल्यू (CT Value) क्या है?

9:36 AM : PM Garib Kalyan Yojana

9:36 AM : PM Garib Kalyan Yojana

9:36 AM : PM Garib Kalyan Yojana

9 September 2020

2:30 PM : Union Minister Rijiju meets WADA President

2:25 PM : India continues to scale new heights in COVID-19 tests

2:10 PM : Khadi and Village Industry Commission’s venture into the online

2:08 PM : LG Manoj Sinha reviews the ongoing construction work at AIIMS

2:01 PM : कोरोना काल में बिगड़ सकता है लोगों का मानसिक संतुलन

कोरोना काल में बिगड़ सकता है लोगों का मानसिक संतुलन : स्वास्‍थ्‍य विशेषज्ञ

कोरोना वायरस महामारी ने लोगों के मानसिक स्तर पर भी काफी प्रभावित किया है। जिस तरह वायरस से संक्रमितों के केस बढ़ रहे हैं वैसे ही मानसिक रोगियों कि संख्या भी पूरे विश्व में बढ़ती जा रही है। ऐसे में कई विशेषज्ञों का मानना है कि कोविड महामारी के बाद एक मानसिक रोग की महामारी भी आ सकती है। हाल ही में इस पर एक शोध भी सामने आया है, जो काफी चौंकाने वाले हैं।

कोरोना में कितना प्रभावित हो रहा है लोगों का मानसिक स्तर

इस बारे में बताते हुये सर गंगाराम अस्‍पताल, नई दिल्ली के डॉ. मोहसिन वली ने बताया कि इटली की एक पत्रिका में सैन रेफेल अस्पताल के एक्सपर्ट ने लिखा है कि आगे आने वाले दिनों में 30-32 प्रतिसत लोगों में डिप्रेशन, 42 प्रतिशत में एज़ाइटी, 40 प्रतिशत लोगों में नींद की कमी और 20 प्रतिशत लोगों में ऑब्‍सेशन कम्‍पल्‍शन डिसऑर्डर (obsession compulsion disorder) हो सकता है। इसकी संख्या और बढ़ सकती है, और खास कर कोविड होने के समय में अलग-अलग तरह से ये सब हो रहा है। दरअसल जो लोग अपने मस्तिष्क को कंट्रोल नहीं कर पा रहे हैं, इनमें ऐसे लक्षण हो सकते हैं।

ऐसा क्यों हो रहा है, इसके जवाब में उन्होंने कहा कि कोरोना से ठीक हो रहे लोगों में 3-4 महीने तक शरीर में दर्द, जकड़न, सुस्ती, आदि रहती है। इसे लॉन्ग हॉलर्स कहते हैं। ऐसे लोगों में अगर कोई परेशानी आ रही है और उनके आरएनए टेस्ट कर रहे हैं तो उसका असर दिख रहा है। ऐसे में कुछ लोग ऐसे भी हैं, जिनकी मानसिक स्थिति में बदलाव आ रहा है, जैसे अचानक शांत हो जाना, या किसी से बात नहीं करना, आदि। कई लोगों में भविष्य को लेकर चिंता, तनाव से भी ऐसी स्थिति आ रही है।

मास्क पर किया अनूठा प्रयोग

वहीं मास्क न लगाने के लिये लोगों के अलग-अलग तर्क हैं, ऐसे लोगों के लिये डॉ वली ने खुद से एक रिसर्च किया। जिसमें उन्होंने बताया कि मास्क को लेकर लोगों ने मुझे कई तरह की समस्याएं बताईं। मैने उनकी बातों को समझने के लिए, तीन दिन तक डबल मास्क लगाया, एक सर्जिकल और एन95 मास्क और दो दिन ट्रिपल लेयर मास्क लगा कर अस्पताल गया और पूरे दिन लगाये रखा, लेकिन मुझे कोई परेशानी नहीं हुई। इससे साफ है कि जो लोग तर्क दे रहे हैं, वो वास्‍तव में मास्‍क लगाना ही नहीं चाहते हैं।

पूरा विश्व चाहता है भारत रहे सुरक्षित

इस दौरान उन्होंने ये भी कहा कि भारत में केस बढ़ रहे हैं, लेकिन आईसीएमआर और स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार जनसंख्या को देखते हुए हमारे देश में अभी भारत की स्थिति अभी खराब नहीं कह सकते हैं, लेकिन अलावा हमारे लिये हर एक व्यक्ति की जान की कीमत है। जो सबसे अच्छी बात है, अभी भी जितने केस आये उस हिसाब से मृत्यु दर काफी कम है। एक बात और भारत सुरक्षित रहे और यहां स्थिति कंट्रोल में रहे, यह बात हम ही नहीं बल्कि दूसरे देश वाले भी चाहते हैं। क्योंकि वैक्सीन (vaccine) आने पर उसके प्रोडक्शन की बहुत बड़ी ज़िम्मेदारी भारत को निभानी है।

1:46 PM : 15th Sustainability Summit 2020

1:32 PM : A fruitful meeting with FM Chingiz Aidarbekov of Kyrgyz Republic on SCO sidelines.

12:42 PM : South India’s first Kisan Train

12:22 PM : इनडोर फार्मिंग

इनडोर फार्मिंग से स्टार्ट अप कर उगा रहे हरी सब्जियां, इम्यूनिटी बूस्टर

आजकल बागवानी और घरों में सब्जियां उगाने का मन सभी का करता है। हर कोई चाहता है कि उसका स्वास्थ्य बेहतर हो और बेहतर जीवन जिये। बाजार में मिलने वाली सब्जियां अत्यधिक रसायनों के कारण कई बार शरीर के लिए हानिकारक हो जाती हैं। लेकिन, क्या आपने कभी ऐसा सोंचा है कि कोई ऐसी सुविधा मिल जाये कि आप बिना मिट्टी के, घर में ही सबज्यिां उगा सकें, फल उगा सकें?

तो जी हां, बिल्कुल ऐसी पद्धति है। इस पद्धति को कहते हैं ‘हाइड्रोपोनिक’ पद्धति। इसमें आप नियंत्रित हवा, पानी और मिट्टी के घर में सब्जियां उगा सकते हैं।

इनडोर फार्मिंग कर रही बियांड आर्गेनिक

पुराने लखनऊ में एलईडी रोशनी से जगमग 21 डिग्री एसी के तापमान में 2000 लीटर पानी के प्रवाह के शोर के बीच एक विशेष प्रकार के स्टैण्ड पर उगी लाल और हरी लैक्टस, पार्सली, पर्पल बेसिप, अमेरिकन कोर्न समेत करीब 12 तरह की हरी सब्जियां यहां की दूसरी ही कहानी बयां कर रही हैं। दरअसल, यह दो दोस्तों, गौरव रस्तोगी और दीपांकर गुप्ता के जुनून, लगन और जोखिम उठाने का साहस का स्टार्ट अप है और इसे बियांड आर्गेनिक नाम दिया गया है। यहां हाइड्रोपोनिक तकनीक से इण्डोर फार्मिंग कर इम्यूनिटी बूस्टर, हरी पत्तेदार सब्जियां उगाई जा रही हैं।

2000 लीटर पानी का इस्तेमाल फिर भी 80 प्रतिशत पानी की बचत

कुछ हटकर करने की सोच में दोनों दोस्तों ने नौकरी छोड़ इनडोर फार्मिंग को अपनाया। उन्होनें पुराने खाली पड़े घर में इसका सेट-अप लगाया। पहले एक कमरे में सेटअप था, लेकिन अब छत पर भी सेटअप लग गया है। यहां गर्मी के सीजन वाली सब्जियां उग रही हैं। अगला पड़ाव, स्ट्राबेरी और खीरे की खेती शुरू करने का है।

गौरव रस्तोगी ने बताया कि हम लोग नाॅन जीएमओ सीड्स प्रयोग करते हैं। बीज को उगने में करीब 10 से 12 दिन लगते हैं। हम लोग 10 से 12 वैराइटी को उपजाते हैं। जब 10 से 12 दिन बीत जाते हैं, तो हम लोग इसको यहां से शिफ्ट करते हैं। दीपांकर ने बताया कि ट्रेडीशनल फार्मिंग के बजाय इसमें करीब 80 प्रतिशत कम पानी प्रयोग होता है। 200 स्क्वायर फिट के कमरे में लगे सेट-अप में 2000 लीटर पानी का इस्तेमाल हो रहा है और एक बूंद भी पानी बेकार नहीं जा रहा है। सेट-अप का ढांचा ऐसा है कि यह रिसाइकिल होता रहता है और परम्परागत खेती की तुलना में करीब 90 फीसदी तक कम पानी का इस्तेमाल होता है। ऐसे में, यह पहल काफी सराहनीय है।

12:20 PM : Indigenously developed Light Utility Helicopter (LUH)

11:04 AM : 'Svanidhi Samvad'

8 September 2020

3:59 PM : झांसी मण्डल को मिला प्रथम स्थान

एनएचएम की प्रदेश स्तरीय रैकिंग में झांसी मण्डल को मिला प्रथम स्थान

प्रदेश स्तर पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एनएचएम की ओर से तीस इंडीकेटर संकेतांकों पर आधारित रिपोर्ट में झांसी मण्डल को प्रदेश में प्रथम स्थान मिला है। वित्तीय वर्ष 2019-20 में 30 इंडीकेटर पर आधारित डीपीएम रैंकिंग, यूपी हेल्थ डैशबोर्ड पर 14 इंडीकेटर व जिला स्वास्थ्य समिति की शासी निकाय और कार्यकारी समिति की बैठकों के कार्यवृत की गुणवत्ता के आधार पर जिलों की रैकिंग को आधार बनाते हुए ओवरआल इंडेक्स वैल्यू की गणना की गई है। इंडेक्स वैल्यू के आधार पर जनपद एवं मंडल स्तर की रैकिंग तैयार की गई है। इस रैकिंग में झांसी मंडल प्रथम स्थान पर है। जबकि प्रदेश के पांच टाप जनपदों में जालौन का स्थान भी है।

अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण झांसी मंडल डा. विनय कृष्ण सिन्हा ने कहा कि मंडलायुक्त के निर्देशन में चलाये गए इन कार्यक्रमों में मिली उपलब्धि के लिए सभी टीम बधाई की पात्र हैं। साथ ही कहा कि हमारा प्रयास होगा कि झांसी मण्डल स्वास्थ्य के क्षेत्र में भविष्य में भी अग्रणीय बना रहे। सिफ़प्सा के मंडलीय प्रबन्धक आनंद चौबे ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मातृत्व स्वास्थ्य, नवजात शिशु स्वास्थ्य, नियमित टीकाकरण, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, परिवार नियोजन, राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन, क्वालिटी एश्योरेंस, आयुष, गैर संचारी रोग, संचारी रोग, कम्युनिटी प्रोसेस, एमआईएस पोर्टल फीडिंग, योजनाओं का अनुश्रवण समेत 30 बिंदुओं पर जारी की गई रैकिंग में मण्डल को प्रदेश में प्रथम स्थान मिला है।

इसके अलावा जनपद स्तर पर यूपी हेल्थ डैशबोर्ड के 14 इंडीकेटर में प्रसव उपरांत देखभाल, संस्थागत प्रसव, सेजेरियन डिलेवरी, क्षय रोग चिह्नीकरण, एचआईबी स्क्रीनिंग, प्रसव के दौरान हेपेटाइटिस बी की जांच, परिवार नियोजन, संपूर्ण टीकाकरण, आशा को प्रोत्साहन राशि भुगतान आदि में मण्डल ने उल्लेखनीय कार्य किया है। साथ ही जालौन जनपद प्रदेश में पांचवे स्थान पर रहा है। उन्होंने बताया कि यह सूची बीती 4 सितंबर को एनएचएम की मिशन निदेशक की ओर से जारी की गई है। इसमें पहले स्थान पर झांसी, दूसरे पर लखनऊ, तीसरे पर अयोध्या, चौथे पर मेरठ और पांचवे पर कानपुर मण्डल का स्थान है।

(हिन्दुस्थान समाचार)

3:59 PM : झांसी मण्डल को मिला प्रथम स्थान

एनएचएम की प्रदेश स्तरीय रैकिंग में झांसी मण्डल को मिला प्रथम स्थान

प्रदेश स्तर पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एनएचएम की ओर से तीस इंडीकेटर संकेतांकों पर आधारित रिपोर्ट में झांसी मण्डल को प्रदेश में प्रथम स्थान मिला है। वित्तीय वर्ष 2019-20 में 30 इंडीकेटर पर आधारित डीपीएम रैंकिंग, यूपी हेल्थ डैशबोर्ड पर 14 इंडीकेटर व जिला स्वास्थ्य समिति की शासी निकाय और कार्यकारी समिति की बैठकों के कार्यवृत की गुणवत्ता के आधार पर जिलों की रैकिंग को आधार बनाते हुए ओवरआल इंडेक्स वैल्यू की गणना की गई है। इंडेक्स वैल्यू के आधार पर जनपद एवं मंडल स्तर की रैकिंग तैयार की गई है। इस रैकिंग में झांसी मंडल प्रथम स्थान पर है। जबकि प्रदेश के पांच टाप जनपदों में जालौन का स्थान भी है।

अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण झांसी मंडल डा. विनय कृष्ण सिन्हा ने कहा कि मंडलायुक्त के निर्देशन में चलाये गए इन कार्यक्रमों में मिली उपलब्धि के लिए सभी टीम बधाई की पात्र हैं। साथ ही कहा कि हमारा प्रयास होगा कि झांसी मण्डल स्वास्थ्य के क्षेत्र में भविष्य में भी अग्रणीय बना रहे। सिफ़प्सा के मंडलीय प्रबन्धक आनंद चौबे ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मातृत्व स्वास्थ्य, नवजात शिशु स्वास्थ्य, नियमित टीकाकरण, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, परिवार नियोजन, राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन, क्वालिटी एश्योरेंस, आयुष, गैर संचारी रोग, संचारी रोग, कम्युनिटी प्रोसेस, एमआईएस पोर्टल फीडिंग, योजनाओं का अनुश्रवण समेत 30 बिंदुओं पर जारी की गई रैकिंग में मण्डल को प्रदेश में प्रथम स्थान मिला है।

इसके अलावा जनपद स्तर पर यूपी हेल्थ डैशबोर्ड के 14 इंडीकेटर में प्रसव उपरांत देखभाल, संस्थागत प्रसव, सेजेरियन डिलेवरी, क्षय रोग चिह्नीकरण, एचआईबी स्क्रीनिंग, प्रसव के दौरान हेपेटाइटिस बी की जांच, परिवार नियोजन, संपूर्ण टीकाकरण, आशा को प्रोत्साहन राशि भुगतान आदि में मण्डल ने उल्लेखनीय कार्य किया है। साथ ही जालौन जनपद प्रदेश में पांचवे स्थान पर रहा है। उन्होंने बताया कि यह सूची बीती 4 सितंबर को एनएचएम की मिशन निदेशक की ओर से जारी की गई है। इसमें पहले स्थान पर झांसी, दूसरे पर लखनऊ, तीसरे पर अयोध्या, चौथे पर मेरठ और पांचवे पर कानपुर मण्डल का स्थान है।

(हिन्दुस्थान समाचार)

3:59 PM : झांसी मण्डल को मिला प्रथम स्थान

एनएचएम की प्रदेश स्तरीय रैकिंग में झांसी मण्डल को मिला प्रथम स्थान

प्रदेश स्तर पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एनएचएम की ओर से तीस इंडीकेटर संकेतांकों पर आधारित रिपोर्ट में झांसी मण्डल को प्रदेश में प्रथम स्थान मिला है। वित्तीय वर्ष 2019-20 में 30 इंडीकेटर पर आधारित डीपीएम रैंकिंग, यूपी हेल्थ डैशबोर्ड पर 14 इंडीकेटर व जिला स्वास्थ्य समिति की शासी निकाय और कार्यकारी समिति की बैठकों के कार्यवृत की गुणवत्ता के आधार पर जिलों की रैकिंग को आधार बनाते हुए ओवरआल इंडेक्स वैल्यू की गणना की गई है। इंडेक्स वैल्यू के आधार पर जनपद एवं मंडल स्तर की रैकिंग तैयार की गई है। इस रैकिंग में झांसी मंडल प्रथम स्थान पर है। जबकि प्रदेश के पांच टाप जनपदों में जालौन का स्थान भी है।

अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण झांसी मंडल डा. विनय कृष्ण सिन्हा ने कहा कि मंडलायुक्त के निर्देशन में चलाये गए इन कार्यक्रमों में मिली उपलब्धि के लिए सभी टीम बधाई की पात्र हैं। साथ ही कहा कि हमारा प्रयास होगा कि झांसी मण्डल स्वास्थ्य के क्षेत्र में भविष्य में भी अग्रणीय बना रहे। सिफ़प्सा के मंडलीय प्रबन्धक आनंद चौबे ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मातृत्व स्वास्थ्य, नवजात शिशु स्वास्थ्य, नियमित टीकाकरण, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, परिवार नियोजन, राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन, क्वालिटी एश्योरेंस, आयुष, गैर संचारी रोग, संचारी रोग, कम्युनिटी प्रोसेस, एमआईएस पोर्टल फीडिंग, योजनाओं का अनुश्रवण समेत 30 बिंदुओं पर जारी की गई रैकिंग में मण्डल को प्रदेश में प्रथम स्थान मिला है।

इसके अलावा जनपद स्तर पर यूपी हेल्थ डैशबोर्ड के 14 इंडीकेटर में प्रसव उपरांत देखभाल, संस्थागत प्रसव, सेजेरियन डिलेवरी, क्षय रोग चिह्नीकरण, एचआईबी स्क्रीनिंग, प्रसव के दौरान हेपेटाइटिस बी की जांच, परिवार नियोजन, संपूर्ण टीकाकरण, आशा को प्रोत्साहन राशि भुगतान आदि में मण्डल ने उल्लेखनीय कार्य किया है। साथ ही जालौन जनपद प्रदेश में पांचवे स्थान पर रहा है। उन्होंने बताया कि यह सूची बीती 4 सितंबर को एनएचएम की मिशन निदेशक की ओर से जारी की गई है। इसमें पहले स्थान पर झांसी, दूसरे पर लखनऊ, तीसरे पर अयोध्या, चौथे पर मेरठ और पांचवे पर कानपुर मण्डल का स्थान है।

(हिन्दुस्थान समाचार)

3:59 PM : झांसी मण्डल को मिला प्रथम स्थान

एनएचएम की प्रदेश स्तरीय रैकिंग में झांसी मण्डल को मिला प्रथम स्थान

प्रदेश स्तर पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एनएचएम की ओर से तीस इंडीकेटर संकेतांकों पर आधारित रिपोर्ट में झांसी मण्डल को प्रदेश में प्रथम स्थान मिला है। वित्तीय वर्ष 2019-20 में 30 इंडीकेटर पर आधारित डीपीएम रैंकिंग, यूपी हेल्थ डैशबोर्ड पर 14 इंडीकेटर व जिला स्वास्थ्य समिति की शासी निकाय और कार्यकारी समिति की बैठकों के कार्यवृत की गुणवत्ता के आधार पर जिलों की रैकिंग को आधार बनाते हुए ओवरआल इंडेक्स वैल्यू की गणना की गई है। इंडेक्स वैल्यू के आधार पर जनपद एवं मंडल स्तर की रैकिंग तैयार की गई है। इस रैकिंग में झांसी मंडल प्रथम स्थान पर है। जबकि प्रदेश के पांच टाप जनपदों में जालौन का स्थान भी है।

अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण झांसी मंडल डा. विनय कृष्ण सिन्हा ने कहा कि मंडलायुक्त के निर्देशन में चलाये गए इन कार्यक्रमों में मिली उपलब्धि के लिए सभी टीम बधाई की पात्र हैं। साथ ही कहा कि हमारा प्रयास होगा कि झांसी मण्डल स्वास्थ्य के क्षेत्र में भविष्य में भी अग्रणीय बना रहे। सिफ़प्सा के मंडलीय प्रबन्धक आनंद चौबे ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मातृत्व स्वास्थ्य, नवजात शिशु स्वास्थ्य, नियमित टीकाकरण, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, परिवार नियोजन, राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन, क्वालिटी एश्योरेंस, आयुष, गैर संचारी रोग, संचारी रोग, कम्युनिटी प्रोसेस, एमआईएस पोर्टल फीडिंग, योजनाओं का अनुश्रवण समेत 30 बिंदुओं पर जारी की गई रैकिंग में मण्डल को प्रदेश में प्रथम स्थान मिला है।

इसके अलावा जनपद स्तर पर यूपी हेल्थ डैशबोर्ड के 14 इंडीकेटर में प्रसव उपरांत देखभाल, संस्थागत प्रसव, सेजेरियन डिलेवरी, क्षय रोग चिह्नीकरण, एचआईबी स्क्रीनिंग, प्रसव के दौरान हेपेटाइटिस बी की जांच, परिवार नियोजन, संपूर्ण टीकाकरण, आशा को प्रोत्साहन राशि भुगतान आदि में मण्डल ने उल्लेखनीय कार्य किया है। साथ ही जालौन जनपद प्रदेश में पांचवे स्थान पर रहा है। उन्होंने बताया कि यह सूची बीती 4 सितंबर को एनएचएम की मिशन निदेशक की ओर से जारी की गई है। इसमें पहले स्थान पर झांसी, दूसरे पर लखनऊ, तीसरे पर अयोध्या, चौथे पर मेरठ और पांचवे पर कानपुर मण्डल का स्थान है।

(हिन्दुस्थान समाचार)

1:45 PM : भारत हाइपरसोनिक मिसाइल टेक क्लब में शामिल

भारत हाइपरसोनिक मिसाइल टेक क्लब में शामिल

भारत ने सोमवार को हाइपरसोनिक टेक्नोलॉजी डिमॉन्स्ट्रेटर व्हीकल का सफल परीक्षण किया। यह स्वदेशी रक्षा प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में एक महत्‍वपूर्ण उपलब्धि है। इस सफल परीक्षण के साथ ही रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन ने अत्यधिक जटिल प्रौद्योगिकी क्षमता का प्रदर्शन किया है, जो अगली पीढ़ी के हाइपरसोनिक व्‍हीकल्‍स के निर्माण में मददगार साबित होगी। अगले पांच से छह वर्षों में अपेक्षित, वे मैक 5 से ऊपर की गति से उड़ने में सक्षम होंगे।

केवल कुछ मुट्ठी भर देशों, जैसे अमेरिका, रूस और चीन ने अब तक इस हाइपरसोनिक प्रौद्योगिकी क्षमता का प्रदर्शन किया है। और अब भारत इस क्लब में शामिल हो गया। भविष्य की लंबी दूरी की क्रूज मिसाइलों के लिए, इसकी उपयोगिता के अलावा, इसमें कम लागत पर उपग्रहों को लॉन्च करने सहित कई नागरिक अनुप्रयोग हो सकते हैं।

स्क्रैमजेट इंजन रैमजेट इंजन पर एक सुधार है क्योंकि पूर्व हाइपरसोनिक गति पर कुशलता से संचालित होता है और सुपरसोनिक दहन की अनुमति देता है। रामजेट्स (ब्रह्मोस को लगता है), इसके विपरीत, मैक 3 के आसपास सुपरसोनिक गति पर अच्छी तरह से काम करते हैं। हालांकि, उनकी दक्षता हाइपरसोनिक गति पर गिरती है। पिछले साल जून में अग्नि बैलिस्टिक मिसाइल के ठोस रॉकेट मोटर द्वारा संचालित हाइपरसोनिक टेक्नोलॉजी डिमॉन्स्ट्रेटर व्हीकल का पहला प्रक्षेपण विफल हो गया था। हालांकि, ओडिशा के बालासोर में एपीजे अब्दुल कलाम परीक्षण रेंज (व्हीलर द्वीप) से सोमवार का परीक्षण सफल रहा।

जाने क्या है हाइपरसोनिक टेक्नोलॉजी डिमॉन्स्ट्रेटर व्हीकल?

एचएसटीडीवी (हाइपरसोनिक टेक्नोलॉजी डिमॉन्स्ट्रेटर व्हीकल) हाइपरसोनिक स्पीड फ्लाइट के लिए मानव रहित स्क्रैमजेट प्रदर्शन विमान है, जो विमान 6126 से 12251 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से उड़े, उसे हाइपरसोनिक विमान कहते हैं। भारत के एचएसटीडीवी का परीक्षण 20 सेकंड से भी कम समय का था। एक बार इसमें सफलता मिल जाएगी तो भारत ऐसी तकनीक हासिल करने वाले देशों के चुनिंदा क्लब में शामिल हो जाएगा। इस विमान का उपयोग मिसाइल और सैटेलाइट लॉन्च करने के लिए हो सकता है। इस्तेमाल कम लागत पर उपग्रह लॉन्च करने के लिए भी किया जा सकता है।

भारत बना चौथा देश

चीन, अमेरिका, रूस हाइपरसोनिक विमान का सफल परीक्षण कर चुके हैं, चीन ने हाल ही में अपने पहले हाइपरसोनिक (ध्वनि से तेज रफ्तार वाले) विमान शिंगकॉन्ग-2 या स्टारी स्काय-2 का सफल परीक्षण किया है। चाइना एकेडमी ऑफ एयरोस्पेस एयरोडायनेमिक्स ने चाइना एयरोस्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी कारपोरेशन का डिजायन किया यह विमान परमाणु हथियार ले जाने और दुनिया की किसी भी मिसाइल विरोधी रक्षा प्रणाली को भेदने में सक्षम है। हालांकि सेना में शामिल होने से पहले इसके कई परीक्षण किए जाएंगे। अमेरिका और रूस भी हाइपरसोनिक विमान का परीक्षण कर चुके हैं।

1:23 PM : In a move towards Aatm-Nirbhar Bharat

1:10 PM : MIB Minister Prakash Javadekar says

MIB Minister Prakash Javadekar says

Equity and affordability too has been given adequate focus in National Education Policy.

No. of scholarships by govt. and universities will be increased, major facilities of educational loans too will be provided.

Our ability to nurture students should improve, we must always have new ideas and must have the desire to shape students.

National Education Policy lays the ground to improve the research culture in the country.

Many good universities were complaining of problems with UGC, on interacting with such universities, I came to understand that rules were made assuming people were thieves, leading to good people suffering.

We have set a big target of increasing Gross Enrollment Ratio in higher education from 26% to 50% in 15 years; we will be adding 3.5 crore new students in the sector, thousands of new colleges will be opened up in rural areas, which will improve accessibility

This will be especially beneficial to girl students who generally do not venture out to long distances; opening up of colleges near their homes will increase their enrolment in higher education in a big way.

1:06 PM : Teacher Education has been given high importance

11:03 AM : Patrika Gate in Jaipur

10:33 AM : बता रहे हैं डॉक्टर्स, इस वक्त कोरोना मामले बढ़ने का सबसे बड़ा कारण क्या हो सकता है?

10:09 AM : India Bounces back

10:00 AM : COVID-19 Updates

9: 35 AM : INS Nireekshak

9: 35 AM : INS Nireekshak

8:13 AM : Article

‘Russia remains a trusted friend and weapons’ supplier to India’

The Defense Minister visit to Russia has been very successful as it has agreed to expedite the supply of S 400 defense missile system to India which is expected by end of next year apart from agreeing to not sell weapons to Pakistan.

“This is the second visit of the Defence Minister Rajnath Singh to Russia in the last two months. It underlines the importance of the partnership that India attaches to a relationship with Russia. Russia is the historical and long-standing partner of India; we have a number of areas in which we cooperate and collaborate,” says Ashok Sajjanhar, Former Diplomat.

“We have diversified the sources of our purchase of defense equipment but Russia continues to be at the top with 60 percent of the defense armament supply to India. Apart from defense, Russia is also helping India in its ‘Make in India’ program,” he adds.

He points out that in the meeting of Rajnath Singh with his Russian counterpart a lot many important discussion has taken place apart from many significant decisions whether it is the modern AK 47 203 assault rifles that will be supplied to India apart from the supply of S 400 missile defense system.

According to him on his last visit, Rajnath Singh has requested for expediting the supply of the S 400 missile system which is expected to be supplied to India by end of next year. As far as fully operational assault rifles is concerned they will be supplied in small number rest will be manufactured here in India.

He says that “the Russian decision to not sell weapons to Pakistan is a welcome step and it sends a message to Pakistan and its friends like China that it is engaged in fomenting terrorism in the region and Russia is standing firmly with India. Definitely any weapon sold to Pakistan would be actually used against India.”

The Defence Minister went to Moscow on a three-day visit to take part in the combined meeting of Defence Ministers of Shanghai Cooperation Organisation (SCO).

The Defence Minister Rajnath Singh also met with his Russian counterpart Gen Sergey Shoigu in Moscow during his visit.

The two ministers held talks on strengthening defense and strategic cooperation between both the friendly nations.

“Excellent meeting with the Russian Defence Minister General Sergey Shoigu in Moscow. We talked about a wide range of issues, particularly how to deepen defense and strategic cooperation between both the countries,” Rajnath Singh had tweeted post his meeting.

8:00 AM : अंतर्राष्‍ट्रीय साक्षरता दिवस

अंतर्राष्‍ट्रीय साक्षरता दिवस- फोकस अब डिजिटल लिट्रेसी पर भी

साक्षर होना अपने-आप में एक बहुत महत्वपूर्ण बात है। साक्षरता का मोल केवल वही जानते हैं, जो किन्‍हीं कारणवश पढ़-लिख नहीं सके। ये वो लोग हैं, जिन्हें अपने जीवन में अक्सर ऐसी घटनाओं से दो-चार होना पड़ता है, जहां या तो अक्षर देख कर वे बेबस हो जाते हैं, और कई बार सामने मौजूद लोगों के सामने सिर झुक जाता है। महज दो अक्षर के कारण किसी का सिर नहीं झुके, इसके लिए संयुक्त राष्‍ट्र के आह्वान पर हर साल साक्षरता अंतर्राष्‍ट्रीय दिवस मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने का मकसद केवल एक है- लोगों को साक्षर बनने के लिए प्रेरित करना।

साक्षरता दर कम होना महज किसी एक देश या प्रदेश की समस्या नहीं है, बल्कि पूरे विश्‍व में यह समस्‍या व्‍याप्त है। और पढ़ाई नहीं कर पाने का भी केवल एक कारण नहीं होता है, तमाम कारण हैं, परिस्‍थितियां हैं, जिनकी वजह से लोग निरक्षर रह जाते हैं। ऐसी परिस्‍थतियों का सामना नहीं करना पड़े, इसके लिए यूनाइटेड नेशन्‍स एजूकेशनल, साइंटिफिक एंड कल्‍चरल ऑर्गनाइजेशन (यूनेस्को) के तत्‍वावधान हर साल यह दिवस मनाया जाता है। इस दिवस को 1966 से लोगों को इस बात का अहसास कराने के लिए मनाया जा रहा है, कि शिक्षा महज जरूरत नहीं बल्कि हर व्‍यक्ति का अध‍िकार है।

इस साल का इंटरनेशनल लिट्रेसी डे का थीम फोकस ऑन लिट्रेसी टीचिंग एंड लर्निंग इन कोविड-19 क्राइसिस है। इसके तहत पढ़ाने के बदलते तरीकों पर भी फोकस किया जा रहा है। दरअसल महामारी के इस दौर में लगभग सभी देशों में सरकार की तमाम योजनाएं चलायी जा रही हैं, साथ में लोगों को योजनाओं के प्रति जागरूक किया जा रहा है। ऐसे समय में जब फेस-टू-फेस नहीं मिल सकते हैं, तब जागरूकता संदेशों को लोगों तक पहुंचाने के लिए मल्‍टीमीडिया का सहारा लिया जा रहा है। जाह‍िर है, ऐसे लोग जो पढ़े-लिखे नहीं हैं, वे सक्रिय रूप से इन अभियानों का ह‍िस्सा नहीं बन पा रहे हैं। क्योंकि वो पढ़ नहीं सकते हैं।

कोविड’19 के दौनान लोगों को पढ़ाने के लिए इंटरनेट के अलावा टीवी-रेडियो का भी सहारा लिया जा रहा है। स्कूली शिक्षा के अलावा कई देशों में प्रौढ़ शिक्षा के लिए विशेष कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं, ताकि महामारी की वजह से निरक्षर लोगों की शिक्षा में कोई बाधा नहीं आये।

साक्षरता से जुड़े तथ्‍य जो आपको जरूर जानने चाह‍िए-

1965 में ईरान में आयोज‍ित अंतर्राष्‍ट्रीय साक्षरता दिवस सम्‍मेलन में कई देशों के शिक्षा मंत्री शामिल हुए थे।

1966 में ही यूनेस्को ने 8 सितम्बर को अंतर्राष्‍ट्रीय साक्षरता दिवस घोषित किया था।

दुनिया की पहली अंतर्राष्‍ट्रीय साक्षरता दिवस कॉन्‍फ्रेंस का आयोजन 1967 में हुआ था।

पूरी दुनिया में 773 मिलियन वयस्क और युवा आधारभूत शिक्षा से वंचित हैं।

617 मिलियन बच्‍चे और किशोर पढ़ लिख नहीं सकते हैं, साथ ही उनको साधारण गणित भी नहीं आती है।

पूरी दुनिया में 1.09 बिलियन छात्र हैं, जिनमें से करीब 62 प्रतिशत छात्रों की शिक्षा कोरोना की वजह से लगाये गए लॉकडाउन के बची बाधित हो हुई।

2017 में साक्षरता मिशन में डिजिटल लिट्रेसी को भी जोड़ा गया, ताकि ऐसे लोग पढ़ाई के साथ-साथ मोबाइल या अन्‍य डिजिटल उपकरण चला सकें।

भारत में साक्षरता से जुड़े कुछ तथ्‍य

देश में साक्षर भारत कार्यक्रम चलाया जा रहा है, जिसके तहत 26 राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों के 410 जिलों में लोगों को साक्षर बनाने का अभियान जारी है।

इस अभियान के तहत अब तक 7.64 करोड़ लोग साक्षर हो चुके हैं।

जनगणना के अनुसार 2011 में भारत की साक्षरता दर 72.98 प्रतिशत थी। 2001 में 64.84 प्रतिशत और 1991 में 52.21 प्रतिशत।

मानव संसाधन विकास मंत्रालय (जो अब शिक्षा मंत्रालय है) की 2018 की रिपोर्ट के अनुसार देश में ग्रामीण भारत में साक्षरता दर 64.7 प्रतिशत है। इनमें ग्रामीण भारत में 56.8 प्रतिशत मह‍िलाएं और 72.3 प्रतिशत पुरुष साक्षर हैं।

इसी रिपोर्ट के अनुसार शहरी भारत की साक्षरता दर 79.5 प्रतिशत है, जिनमें 74.8 प्रतिशत मह‍िलाएं और 83.7 प्रतिशत पुरुष साक्षर हैं।

7 September 2020

2:48 PM : Successful flight test

2:46 PM : Article

देश के लिए निगेटिव हो सकता है पॉजिटिविटी रेट का बढ़ना

देश में लगातार 90 हजार के करीब कोरोना मामलों की संख्‍या लोगों को भयभीत कर रही है। लेकिन सभी को यह ध्‍यान रखना चाहिए कि अनलॉक के बीच मामलों की संख्‍या बढ़ना स्वाभाविक है, लेकिन स्‍वाभाविक है इसका मतलब यह नहीं कि लापरवाह हो जाएं, क्योंकि स्‍वास्‍थ्‍य विशेषज्ञों की मानें तो स्थिति चिंताजनक है। चिंता जनक इसलिए क्योंकि हमारा पॉजिटिविटी रेट अधिक है।

दिल्ली के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज के वरिष्‍ठ चिकित्सक डॉ. राजेन्द्र कुमार धमीजा की मानें तो हमारे देश में अब तक करीब 5 करोड़ टेस्‍ट किये जा चुके हैं। अब करीब 11 लाख टेस्‍ट रोजाना किए जा रहे हैं। हमारे यहां पॉजिटिविटी रेट 8.4 प्रतिशत है। यह डब्‍ल्‍यूएचओ (WHO) के मानकों के हिसाब से बहुत अधिक है, यह 4 से 5 प्रतिशत तक हो तो स्थिति नियंत्रित मानी जाती है। सरल भाषा में सझना है, तो अगर आपकी कॉलोनी में 100 टेस्‍ट किए और 20 एक्टिव केस निकले, तो मतलब पॉजिटिविटी रेट 20 प्रतिशत हुआ। अब टेस्‍ट की संख्‍या बढ़ाकर 200 कर दें, तो यह 10 प्रतिशत तक आ जाएगा।

कोरोना के एक्टिव मामलों पर डॉ. धमीजा ने कहा कि देश में रिकवरी रेट बहुत अच्‍छा है। बाकी देशों की तुलना में भारत में कोरोना से होने वाली मृत्यु की दर बहुत कम है। लेकिन कोरोना के मामले बढ़ते मामले चिंता का विषय है। कोरोना के एक्टिव केस की वृद्धि दर पिछले कुछ दिनों से 2.3 प्रतिशत बनी हुई है। अगर आप अमेरिका से तुलना करें तो वहां एक्टिव केस की वृद्धि दर 0.7%, ब्राजील में 1%, भारत में 2.3%, रूस 0.5% है। इस पर नियंत्रण करने के लिए देश के लोगों को सावधानी बरतनी होगी।

उन्होंने कहा कि हमारे देश में ऐक्टिव केस चिंताजनक स्थिति में हैं। हमारे यहां टेस्टिंग बढ़ रही है, इसलिए देश भर में कोरोना के मामले सामने आ रहे हैं। कल ही हमने करीब 11 लाख टेस्‍ट (test) किए। अगर मामलों की कुल संख्‍या बढ़ेगी तो डेथ भी बढ़ेगी, यह चिंता का विषय है। अभी मृत्‍यु दर भले ही 2 प्रतिशत से कम है, लेकिन यह चिंता का विषय तो है ही।

चार राज्य हॉटस्पॉट

प्रसार भारती से बातचीत में डॉ. धमीजा ने कहा कि महाराष्‍ट्र, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और आंध्र प्रदेश इस वक्त हॉट स्‍पॉट (hotspot) हैं। दिल्ली में भी पहले मामले नियंत्रित थे, लेकिन अब फिर से बढ़ने लगे हैं। यह स्‍वाभाविक है कि जैसे-जैसे जिंदगी की रफ्तार बढ़ेगी, लोगों का मूवमेंट बढ़ेगा और मूवमेंट बढ़ने से केस (cases) बढ़ेगे। दूसरी बात मुंबई, दिल्ली में जनसंख्‍या घनत्व ज्‍यादा है। यह भी एक वजह है।

इस बीच लोगों के मन में एक बात और चल रही है। वो यह कि संपर्क में आने वाले कुछ लोग पॉजिटिव आते हैं तो कुछ निगेटिव, ऐसा क्यों? इस सवाल पर डॉ. धमीजा ने कहा कि विज्ञान की दृष्टि से यह प्रश्‍न अभी भी अनुत्तरित है। अभी तक यह स्पष्‍ट नहीं हो सका है कि ऐसे कौन लोग हैं, जो संपर्क में आने के बाद भी संक्रमित नहीं हो रहे हैं। ऐसा माना जा रहा है कि हो सकता है, उनमें इम्‍युनिटी अधिक हो, या बार-बार कोई कोई अन्य इंफेक्‍शन हुआ हो, जिसकी वजह से उनकी रेसिस्‍टेंस पावर ज्‍यादा हो। यह व्‍यक्ति से व्‍यक्ति पर और वायरल लोड पर निर्भर करता है।

जो लोग मेट्रो में यात्रा करने वालों के लिए सलाह

डॉ. धमीजा का कहना है कि मेट्रो में यात्रा एक बहुत बड़ी चुनौती है, लेकिन हमारी अर्थव्‍यवस्‍था को पटरी पर लाने के लिए सार्वजनिक यातायात चलाना जरूरी हैं। सबसे बड़ी चुनौती क्राउंड मैनेजमेंट होगी। लोगों को यह समझना होगा कि मेट्रो शुरू हो रही है, लेकिन कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ है। जितना हो सके उतना कॉन्‍टैक्ट लेस ट्रैवल करें। कोशिश करें कि भीड़ का हिस्सा मत बनें। भीड़ इस वायरस के लिए मैगनेट का काम करती है। मेट्रो के ऑपरेशन स्‍टाफ को भी बहुत एहतियात बरतनी होगी। हर जगह आप कोशिश करें कि आप किसी के संपर्क में नहीं आयें।

उन्‍होंने कहा कि मेट्रो में यात्रा के वक्त आरोग्य सेतु ऐप बहुत महत्वपूर्ण योगदान देने वाला है। इस ऐप से यह ट्रैक किया जा सकेगा कि आप कहीं किसी संक्रमित के संपर्क में तो नहीं आये हैं। वैसे जितने भी नियम बनाए जा रहे हैं, उन नियमों को तोड़ने वालों पर सख्‍त पेनाल्‍टी लगायी जानी चाहिए।

2:33 PM : Delhi Metro resumes services

1:04 PM : COVID-19 Updates:

1:00 PM : COVID-19 Updates:

COVID-19 Updates: – 69,564 patients being discharged in the last 24 hours. – 77.31% Recovery Rate -Case Fatality Rate stands at a new low of 1.70%

12:55 PM : India successfully flight tested HSTDV

12:35 PM : Domestic civil aviation soars to new heights

Domestic civil aviation soars to new heights. We began with a modest 30K flyers on 25 May & have today flown 1,41,992 passengers on 1233 flights. This is almost touching 50% of pre-Covid numbers & reflects that economic activity has resumed in the sector.

11:59 AM : UDAN project

11:48 AM : POSHAN Maah 2020

10:32 AM : Governors' Conference on NEP 2020

10:00 AM : Launch of Chandrayaan-3

8:21 AM : Role of NEP 2020 in Transforming Higher Education

President Ram Nath Kovind & PM Narendra Modi will address Governors’ Conference on National Education Policy today at 10:30 am through video conference. This conference titled “Role of NEP 2020 in Transforming Higher Education” is being organized by Ministry of Education.

8:00 AM : International Day of Clean Air for blue skies

नीले आसमान के लिए पहला इंटरनेशनल क्लीन एयर डे आज

पूरी दुनिया न्यू नॉर्मल की ओर बढ़ रही है। न्यू नॉर्मल में हर व्‍यक्ति के जीने का तरीका पहले से बिलकुल अलग होगा। खाने-पीने से लेकर घूमने फिरने तक, उठने-बैठने से लेकर काम काज के तरीकों तक, सब बदल चुका है। इन सबके बीच जो एक बात सामने आयी है, वो यह भी है कि अब लोग प्रदूषण के प्रति पहले से ज्यादा सजग हो गए हैं। खास कर वायु प्रदूषण के प्रति। दरअसल लॉकडाउन के दौरान इतनी साफ हवा मिली, कि अब हर कोई चाहता है कि वैसी ही हवा में वो सांस लें। इसी बदलाव के तहत संयुक्त राष्‍ट्र के आह्वान पर आज यानी 7 सितंबर 2020 को पहला नीले आसमान के लिए पहला क्लीन एयर डे (International Day of Clean Air for blue skies) मनाया जा रहा है।

लोगों की सोच में आये इस बदलाव से दुनिया में अधिकांश जगह वायु प्रदूषण की समस्या को राहत मिलती नजर आ रही है। लोग साइकिल से चलने लगे हैं और दुनिया भर के शहर इस शिफ्ट का समर्थन करने के लिए तेजी से आगे बढ़े हैं। कोविड महामारी की शुरुआत में 2,000 किमी से अधिक नई साइकिल लेनों की घोषणा की गई।

और तो और कोविड-19 महामारी के जवाब में दुनिया भर के शहर लॉकडाउन में चले गए, दुनिया भर के लोगों ने कम औद्योगिक गतिविधि और परिवहन संस्करणों से हवा की गुणवत्ता में सुधार के परिणामस्वरूप स्पष्ट, नीले आसमान को देखा।

इस मौके पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस एक वीडियो जारी करेंगे। जिसमें वायु प्रदूषण को रोकने के लिए पर्यावरण मानकों, नीतियों और कानूनों को लागू करने, जीवाश्म ईंधन के लिए सब्सिडी का अंत करने, स्वच्छ प्रौद्योगिकियों के लिए संक्रमण के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग करने और सरकारों को विकासशील देशों में जीवाश्म ईंधन संबंधित परियोजनाओं के किसी भी मौजूदा वित्त को स्वच्छ ऊर्जा और सतत परिवहन की दिशा में स्थानांतरित करने पर जोर दिया जाएगा।

स्वच्छ हवा के लिए भारत द्वारा उठाए गए कदम

इसी दौरान भारत के केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने देश भर में 200 शहरी वन विकसित करने की घोषणा की। इस घोषणा के तहत देश भर में वन विभाग, नगर निकायों, गैर सरकारी संगठनों, कॉर्पोरेट्स और स्‍थानीय नागरिकों के बीच भागीदारी और सहयोग पर नए सिरे से ध्यान केंद्रित करते हुए अगले पांच वर्षों में देश भर में 200 शहरी वन विकसित करने के लिए नगर वन योजना को क्रियान्वित किया जाएगा। इससे शहरों की हवा में घुलने वाले वायु प्रदूषण में कमी आयेगी।

बीते 5 जून को विश्‍व पर्यावरण दिवस के मौके पर इस परियोजना का ऐलान करते हुए केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कहा था, “भारत संभवतः एकमात्र ऐसा देश है जहां पेड़ों की पूजा की जाती है, जहां जानवरों, पक्षियों और सरीसृपों की पूजा कीजाती है और यह पर्यावरण के लिए भारतीय समाज का सम्मान है। उन्‍होंने कहा कि हमारे पास युगों से गांव के जंगल की बहुत ही महत्वपूर्ण परंपरा हुआ करती थी, अब शहरी वन संबंधी इस नई योजना से इस खाई को भरा जा सकेगा क्योंकि शहरी क्षेत्रों में उद्यान तो हैं लेकिन जंगल बहुत ही कम हैं; शहरी वन बनाने की इस गतिविधि के साथ हम अतिरिक्त कार्बन सिंक भी तैयार करेंगे।”

क्या कहता है यूरोप का सर्वेक्षण

• यूरोप में लगभग दो-तिहाई लोगों ने कहा कि वे वायु प्रदूषण के पूर्व-महामारी के स्तर पर वापस नहीं लौटना चाहते हैं, और 68% लोगों का कहना है कि वे वायु प्रदूषण को कम करने वाली नीतियां – जिनमे शहर के केंद्रों में कारों पर प्रतिबंध लगाना शामिल हो – बरकरार रखना – चाहते हैं।

• लोग साइकिल चलाना और पैदल चलना बड़ी संख्या में पसंद कर रहे हैं – कोविड-19 महामारी के परिणामस्वरूप कई देशों में साइकिल और अन्य सक्रिय यात्रा मोड में ‘विस्फोट’ हुआ। मिसाल के तौर प्र यूनाइटेड किंगडम में, 5% उपभोक्ताओं ने लॉकडाउन के दौरान एक बाइक (साइकिल) खरीदीं।

• दुनिया भर में, सार्वजनिक स्थान के उपयोग की पुनः कल्पना करने के लिए शहर तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं, साइकिल चलाने और चलने के लिए अधिक स्थान बना रहें हैं, ताकि पड़ोस को रहने लायक बना सकें और सामाजिक दूरी बनाए रखने में मदद कर सकें।

• लंदन से रोम की दूरी के बराबर 2,082 किमी से अधिक साइकिल लेन की वैश्विक रूप से घोषणा की गई और / या जोड़ा गया। और 245 शहरों में 500 से अधिक उपक्रमों ने महामारी के दौरान गतिशीलता में सुधार का समर्थन करना शुरू कर दिया है।

• स्वस्थ और हरित आर्थिक सुधार का समर्थन करने के माध्यम से, साइक्लिंग बुनियादी ढांचे का विस्तार कोविड युग के बाद की मांगों को पूरा करता है।

• एक्टिव मोबिलिटी से उत्सर्जन में कमी – यूरोपीय संघ में ए इस बदलाव के परिणामस्वरूप अनुमानित रूप से 27 मिलियन टन CO2 इमिशन की कमी, या हर साल सात कोयले से चलने वाले बिजली संयंत्रों के उत्सर्जन में कमी आएगी।

6 September 2020

3:55 PM : रेलवे 12 सितंबर से 80 नई यात्री रेलगाडियां चलाएगा

3:43 PM : आंध्र प्रदेश नंबर-1 पर

बिजनेस रिफॉर्म को लागू करने में आंध्र प्रदेश नंबर-1 पर

भारत सरकार की ओर से राज्यों की बिजनेस रिफॉर्म को लागू करने की रैंकिंग शनिवार को जारी की गई। राज्यों की रैंकिंग वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जारी की। इस रैंकिंग के लिए 180 मानकों के आधार पर राज्यों के बीच प्रतिस्‍पर्धा हुई। बिजनेस रैग्‍युलेटरी के क्षेत्र में देखा गया कि कौन से राज्य में बिजनेस करना कितना सुगम है।

बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान 2019 को लागू करने की रैंकिंग

ज़ोन वार रैंकिंग 2019:

उत्तर भारत से- उत्तर प्रदेश
दक्षिण भारत में – आंध्र प्रदेश
पूर्वी भारत में – पश्चिम बंगाल
पश्चिमी भारत में – मध्‍य प्रदेश
पूर्वोत्तर भारत में – असम
केंद्रशासित प्रदेशों में – दिल्ली

राष्‍ट्रीय रैंकिंग 2019:

प्रथम स्थान पर – आंध्र प्रदेश
द्वितीय स्थान पर – उत्तर प्रदेश
तृतीय स्थान पर – तेलंगाना

3:11 PM : Metro services to resume from tomorrow

2:55 PM : Review meeting

States exhorted to undertake Stringent Containment Measures and full Utilization of RT-PCR Testing to curb the Chain of Transmission and bring Mortality below 1%

2:38 PM : Durga Utsav

CM Shivraj Singh Chauhan says Durga Utsav to be organized in Madhya Pradesh as per the provisions of Unlock-4.

Maximum of 100 people will be able to attend the pandals during Durga festival. All precautions such as social distancing, use of mask and sanitizer will be mandatory.

1:23 PM : Electricity from solar power

Assam’s Tezpur University generates electricity from solar power

(271 words)

At a time when the government of India is promoting solar power in the backdrop of global warming in a big way, the Tezpur University in Assam is prioritizing the use of renewable energy to generate electricity for its buildings and classrooms through the solar plant which is operational since 2018.

In order to develop sustainable buildings, Tezpur University has installed 1,000 KW rooftop solar power grid plants under the solar energy power cooperation of India’s limited scheme. It has conveniently replaced the monthly 24 percent of the conventional electricity consumption of the university from October 2018 till July 2020.

“Tezpur University has a one-megawatt rooftop grid-connected solar power plant on the campus. This plant was commissioned by Arunachal Pradesh Power Limited Corporation way back in 2018 and ever since it was installed the University has been generating a significant amount of electricity which we are getting at the flat rate of Rs 2.42 per unit from the company under a power purchase agreement which is for 25 years,” said Prof Vinod Kumar Jain, Vice-Chancellor, Tezpur University, Assam.

Tezpur University is the first Academic Institution in the entire North East Region to have an MW-Scale Solar Power Plant. The University reduced an amount of Rs 85 lakh since October 2018 in the electricity bill due to the installation of a solar power plant in the University

“We are contributing to the larger fight against climate change wherein our country has committed to intended national determined contributions, adds Jain.

Tezpur University is a residential campus hosting more than 5000 people comprising of 80% students.

12:47 PM : COVID 19 : 77.32 % स्वस्थ

11:23 AM : A record 1,29,319 passengers on 1165 domestic flights on 5 Sept

11:01 AM : कुछ लोग एक ही मास्क (mask) को हमेशा लगाते रहते हैं, क्या यह सही है?

10:34 AM : COVID19 India Tracker

9:00 AM : आईआईटी बॉम्बे से बीटेक व एमटेक करने के बाद कर रहे जैविक खेती

आईआईटी बॉम्बे से बीटेक व एमटेक करने के बाद कर रहे जैविक खेती


आज के अर्थ प्रधान युग में युवा नामी शिक्षा संस्थान से पढ़ाई पूरी करने के बाद देश- विदेश में बड़े पैकेज पर नौकरी करना पसंद करते हैं लेकिन धारा के विपरित कुछ युवा ऐसे भी हैं, जो उच्च तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने के बाद अपनी जड़ों की ओर लौटते हैं और समाज में मिसाल बनते हैं। आईआईटी बोम्बे से एनर्जी साइन्स एंड टेक्नोलॉजी में बी.टेक व एम. टेक की डिग्री प्राप्त कर लौटे अजमेर के ऐसे ही एक ऊर्जावान युवा सार्थक मित्तल हैं। सार्थक अपने उच्च तकनीकी ज्ञान और ऊर्जा का उपयोग सर्टिफाइड ऑर्गेनिक (जैविक) फूड प्रोडेक्टस को हर आम व खासजन की पहुंच में लाने पर कर रहे हैं।

सार्थक शीघ्र ही ‘मित्तल ऑर्गेनिक’ के नाम से अपने ऑर्गेनिक फूड प्रोडेक्ट का सर्टिफाइड रिटेल ब्रांड बाजार में लॉंच करेंगे। ब्रांड के रजिस्ट्रेशन व सर्टीफिकेशन की सभी औपचारिकताएं लगभग पूरी हो चुकी हैं। सार्थक का कहना है कि अधिक व जल्दी मुनाफा पाने की लालसा में फूड प्रोडेक्टस में केमिकल फर्टिलाइजर और कीटनाशकों का प्रयोग अत्यधिक मात्रा में किया जाने लगा है जिससे उनमें पौष्टिकता नष्ट हो रही है। हमारे स्वास्थ्य के लिए नुकसान दायक होती है। विभिन्न बीमारियों की वजह बन रही है। इससे किसान की जमीन भी दूषित हो रही है और अनुपजाऊ बन रही है। हालात ऐसे हैं कि बीजों को जैनिटीकली मोडिफाइड किया जा रहा है ताकि अधिक उत्पादन हो एवं फूड प्रोडेक्टस दिखने में सुंदर, ताजा व साइज में ज्यादा बड़े लगे।

पौष्टिक होता है ऑर्गेनिक फूड

उन्होंने बताया कि ऑर्गेनिक फूड में पौष्टिक तत्वों जैसे ऐंटी ऑक्सिडेंट्स, विटामिन, मिनरल्स आदि की मात्रा नाॅन ऑर्गेनिक फूड्स की तुलना में काफी अधिक होती है। वहीं दूसरी और इनमें नाईट्रेट की मात्रा भी कम होती है। फूड्स में विटामिन सी, जिंक और आयरन की मात्रा भी अधिक होती है जो हमारी इम्यूनिटी पावर को इम्प्रूव करती है।

सार्थक ने बताया कि इसलिए उन्होंने निश्चित किया कि वे समाज में ऑर्गेनिक फूड प्रोडेक्टस के उपयोग को प्रमोट करने एवं किसानों को इसके प्रोडेक्शन के लिए प्रेरित करने का काम करेंगे। चूंकि बाजार में विश्वसनीय ऑर्गेनिक फूड प्रोडेक्टस की कमी है, उन्होंने अपना स्वयं का ब्रांड ‘मित्तल ऑर्गेनिक’ लॉंच करने का निर्णय किया। सभी प्रोडेक्टस भारत सरकार की एग्रीकल्चर एंड एलाइड फूड प्रोडेक्ट एक्सपोर्ट डवलपमेंट ऑथोरिटी (एपीडा) द्वारा पूर्णतया प्रमाणिक (सर्टिफाइड) होंगे।

पैतृक जमीन पर ऑर्गेनिक खेती

सार्थक ने पिछले एक साल से अपनी पैतृक जमीन पर ऑर्गेनिक खेती कर उस पर अनाज, सब्जियां, मसाले आदि उगा रहे हैं ताकि उसका साईंटीफिक अध्ययन कर उसकी बारीकियों को समझ सकें। सार्थक का इरादा है कि अगले चरण में वे अजमेर और इसके आसपास के किसानों को सहकारी संस्थाओं, एनजीओ के माध्यम से उन्हें ऑर्गेनिक फूड प्रोडेक्टस पैदा करने की अपनी मुहिम से जोड़ेंगे। इस दिशा में वे उनकी जमीन को ऑर्गेनिक खेती के लिए तैयार करने से लेकर ऑर्गेनिक फूड प्रोडेक्टस उपजाने तक हर संभव तकनीकी मदद करेंगे और साधन, संसाधन आदि जुटाने में सहायक होंगे। इससे बंजर होती हमारी धरती को फिर से उपजाऊ बनाए रखने में सफलता मिलेगी, साथ ही किसानों का आर्थिक बल और आत्मविश्वास लौटेगा।

(हिन्दुस्थान समाचार)

5 September 2020

2:00 PM : Defence Cooperation remains an important pillar of India

1:52 PM : भारत और चीन के बीच वार्ता

1:29 PM : Defence Ministers Meet

1:01 PM : Teachers' Day wishes!

12:50 PM : 47 शिक्षकों में से 18 अध्यापिकाएं सम्मानित

राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा-

एक बार डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन से उनके विद्यार्थियों और मित्रों ने उनका जन्मदिन मनाने की अनुमति मांगी लेकिन जवाब में उन्होंने कहा कि मेरे जन्मदिन को अलग से मनाने की बजाये मेरे लिए यह सौभाग्य की बात होगी कि 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाए।

शिक्षक कई डिजिटल माध्यमों के जरिए बच्चों तक पहुंचने के लिए प्रयासरत्त।

शिक्षकों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने एक बार कहा था कि- “Teachers should be the best minds in the country”।

शिक्षक दिवस पर सभी को मेरी ओर से हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। मैं राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चुने गए सभी शिक्षकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूं।

आप सभी ने अपनी प्रतिबद्धता और परिश्रम के माध्यम से न केवल स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार किया है बल्कि अपने विद्यार्थियों के जीवन को भी समर्द्ध बनाया है।

 

10:31AM : मेट्रो (metro) की शुरुआत हो रही है, ऐसे में लोगों को क्या सलाह है?

10:15 AM : शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं

10:00 AM : शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं

9:35 AM : शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं

9:20 AM : शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं

9:03 AM : Vaccine Update

4 September 2020

5:11 PM : Chief of Defence Staff General Bipin Rawat says

5:01 PM : Aatma Nirbhar Shipping in Aatma Nirbhar Bharat

Ministry of Shipping directs all major ports to procure or charter tug boats which are only made in India. All procurement being done by major ports would now need to be carried out as per the revised ‘Make in India’ order.

Government is taking 360 degree actions to revive old shipyards & promote ship building. It is a step towards bolstering the revival of Indian ship building & a move towards Aatma Nirbhar Shipping in Aatma Nirbhar Bharat.

4:29 PM : EESL

3:01 PM : SCO Defence Ministers’ meeting

3:36 PM : सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय

3:23 PM : पुनर्विचार याचिका रद्द

सुप्रीम कोर्ट ने नीट और जेईई (मुख्य) प्रवेश परीक्षा को अनुमति देने के आदेश के खिलाफ दायर पुनर्विचार याचिका रद्द की। 6 राज्यों के मंत्रियों ने सुप्रीम कोर्ट से अपने आदेश पर दोबारा विचार करने के लिए आग्रह किया था।

17 अगस्त के आदेश में कोर्ट ने नीट और जेईई परीक्षा टालने से इंकार कर दिया था। जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस बी आर गवई और जस्टिस कृष्ण मुरारी की बेंच ने चेंबर में सुनवाई के बाद पुनर्विचार याचिका रद्द कर दी।

नीट अंडर ग्रेजुएट 2020 की परीक्षा 13 सितंबर को होनी है। जबकि इंजीनियरिंग में प्रवेश के लिए जॉइंट एंटरेंस एग्जामिनेशन की मुख्य परीक्षाएं 1 सितंबर से शुरू हो चुकी हैं।

1:35 PM : 11th edition of exercise INDRA NAVY

1:28 PM : Defence Minister visited the Main Cathedral

1:01 PM : 12th Mekong Ganga Cooperation Senior Officials' Virtual Meeting

12:50 PM : School of Artificial Intelligence

12:40 PM : Auto Industry has done a commendable job

11:00 AM : Prime Minister interacts with Indian Police Service (IPS)

10:50 AM : COVID-19 : 77.15 % स्वस्थ

10:45 AM : अगर कोरोना संक्रमित को मास्क, ग्लव्स लगा कर टच करें तो क्या संक्रमित हो सकते हैं?

9:59 AM : मास्को में रूस के रक्षा मंत्री जनरल सर्गेई शोइगु से मुलाकात

9:30 AM : India has put in place adequate measures to stop #China’s aggressive misadventures.

9:00 AM : Less than 1/2% of the active cases are on ventilators

9:00 AM : Less than 1/2% of the active cases are on ventilators

3 September 2020

5:44 PM : More than 11 lakh COVID19 tests have been done

5:15 PM : कोविड अपडेट

5 राज्यो में देश के एक्टिव केस का लगभग 62 फीसदी है; अब तक 29 लाख से ज्यादा लोग ठीक हुए हैं; 8 लाख 15 हज़ार 538 लोगो का इलाज जारी है; भारत मे मृत्यदर 1.75 फीसदी है : स्वास्थ्‍य मत्रालय

5:00 PM : India reaches another peak of highest single day recoveries.

4:50 PM : Team NTPC beats 112 organisations

4:40 PM : Meeting with top courier services

Railways Minister Piyush Goyal holds a meeting with top courier service agencies to facilitate robust partnership with Railways Freight & Parcel service. Meeting was called to discuss & explore possibilities of expanding business of private parcel services through Indian Railways.

4:35 PM : मिशन कर्मयोगी

4:12 PM : Guidelines for Unlock 4

4:06 PM : There is an increase in Case Fatality Trajectory

3:59 PM : Maharashtra has seen around 7% decline in COVID-19 active cases

3:50 PM : Per million COVID-19 cases in the country

3:48 PM : Number of tests is increasing

3:22 PM : India's military response

2:34 PM : Atma Nirbhar Bharat:

10:02 AM : COVID-19 Updates

9:33 AM : Watch BioQuest

9:24 AM : COVID-19 Testing Update:

2 September 2020

4:28 PM : Inclusion of Dogri, Hindi & Kashmiri

Inclusion of Dogri, Hindi & Kashmiri as official languages in Jammu & Kashmir is not only fulfillment of a long pending public demand, but also in keeping with the spirit of equality ushered after Aug 5, 2019: Union Minister
Dr Jitendra Singh

3:45 PM : Mission Karmayogi-National programme for civil services

3:32 PM : देश भर में नई शिक्षा नीति का स्वागत

3:07 PM : Cabinet Briefing

11:32 AM : Indian Army says

Indian Army has said that reports of intrusion attempts by Chinese Army in Chumar are not true. Indian Army said, activities mentioned in a tweet by a news agency were routine peacetime activities on their side of LAC and the same cannot be inferred as an intrusion attempt.

11:23 AM : COVID-19 : 76.94% स्वस्थ

11:15 AM : Facebook suspended 453 accounts

Facebook suspended 453 accounts, 103 pages, 78 groups and 107 Instagram accounts operated from Pakistan, that were engaged in spreading fake news and anti-India propaganda.

10:59 AM : Day 101 of recommencement of domestic operations

10:55 AM : India's COVID19 recovery rate improves

10:51 AM : कृषि कार्यों में साथ काम करते समय क्या एहतियात रखें?

9:49 AM : COVID-19 Updates

8:49 AM : Fit India Movement

8:33 AM : BioQuest

8:30 AM : COVID-19 Cases & Death Analysis- Age Wise

1 September 2020

6:27 PM : Coal India Ltd to invest

5:36 PM : One Nation One Ration Card

Ladakh and Lakshadweep integrated in existing national portability cluster of One Nation One Ration Card.

Migratory PDS beneficiaries in 26 States/UTs can now access subsidised food grains from any Fair Price Shop of their choice.

5:30 PM : राष्‍ट्रपति, उपराष्‍ट्रपति और प्रधानमंत्री ने प्रणब मुखर्जी के निधन पर शोक व्‍यक्‍त किया

5:25 PM : Rashtriya Poshan Abhiyan

Nagaland is observing month long #RashtriyaPoshanAbhiyan in the State starting from today. Celebrated in the month of September every year since 2018, Rashtriya Poshan Abhiyan is the Prime Minister’s overreaching scheme for holistic nourishment.

4:49 PM : Government gives its nod to 27 projects

2:50 PM : Review meeting

During the meeting, Railways Minister Piyush Goyal directed the DFCCIL management team and the contractors to take all possible steps to speed up the pace of works on all the sections of the Western and Eastern Dedicated Freight Corridor.

1:10 PM : Unlock 4 comes into force

10:41 AM : जहां कोरोना का संक्रमण नहीं है, वहां लोगों को क्या एहतियात रखने हैं?

9:03 AM : Average daily recovered cases

8:45 AM : गरीब कल्‍याण रोजगार अभियान

8:31 AM : Vande Bharat Mission

31 August 2020

2:24 PM : Election of Deputy Chairman of Rajya Election

1:59 PM : Ban on scheduled international commercial passenger flights

1:54 PM : आईएसआई के लिए काम करने के आरोप में गिरफ्तार

NIA ने गुजरात के कच्छ से रजकभाई कुम्भर को पाकिस्तानी एजेंसी ISI के लिये काम करने और सुरक्षा से जुड़ी जानकारी देने के आरोप में गिरफ़्तार किया है।

रजकभाई मुंद्रा डॉकयार्ड पर सुपरवाइज़र तैनात है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने जनवरी में राशिद को गिरफ़्तार किया था जिसके बाद ये केस NIA को दिया गया।

12:13 PM : Chief Minister helpline 1076

In Uttar Pradesh, the Chief Minister helpline 1076 has been actively engaged in calling COVID19 patients who are under home isolation or in hospital.

Everyday the call executives are calling around 20,000 patients to know about their health status and transferring the information to districts for further action.

11:00 AM : कोरोना मामले

भारत में एक दिन में 10 लाख 55 हज़ार से भी ज्यादा किए गए कोविड-19 के टेस्ट, मृत्यु दर गिरकर 1.79%, दुनिया में कोरोना के मामले बढ़कर हुए 2 करोड़ 53 लाख के पार, मरने वालों की संख्या हुई 8 लाख 50 हज़ार से ज्यादा

10:47 AM : डॉक्टर की सलाह

9:46 AM : ओणम की हार्दिक शुभकामनाएं!

9:39 AM : जानिए कौन हैं सोफी और विडा

जानिए कौन हैं सोफी और विडा, जिन पर पीएम ने कही अपने मन की बात

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को  ‘मन की बात’ रेडियो कार्यक्रम में संबोधन के दौरान देश में विभिन्न सुरक्षा अभियानों में कुत्तों की भूमिका के बारे में बात की। उन्होंने भारतीय सेना के कुत्तों  विडा, एक लैब्राडोर और एक कॉकर स्पैनियल सोफी की सराहना की, जिन्हें 74वें  स्वतंत्रता दिवस पर सेना प्रमुख ने ‘ कमेंडेशन कार्ड्स’ से सम्मानित किया था।
उत्तरी कमान में स्थित आर्मी डॉग यूनिट के विडा ने पांच विस्फोटक सुरंगों का पता लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसी तरह स्पेशल फ्रंटियर फोर्स (बम डिस्पोजल स्क्वाड) की सोफी एक विस्फोटक डिटेक्शन डॉग है।  प्रधानमंत्री ने अपने कर्तव्य निभाने के लिए  सेना के इन कुत्तों की प्रशंसा करते हुए लोगों से  स्थानीय नस्लों के कुत्तों को  पा लने का भी आग्रह किया।
देश के लिए अपना बलिदान भी देते हैं डॉग्‍स 
प्रधान मंत्री ने कहा कि बीते दिनों जब हम अपना स्वतंत्रता दिवस मना रहे थे, तब एक दिलचस्प खबर पर मेरा ध्यान गया। ये खबर है हमारे सुरक्षाबलों के दो   जांबाज किरदारों की, इनमें एक है सोफी और दूसरी विडा। सोफी और विडा भारतीय सेना के श्वान हैं और उन्हें सेना प्रमुख ने  ‘कमेंडेशन कार्ड्स’  से सम्मानित किया है।  इन्हें यह सम्मान इसलिए मिला, क्योंकि इन्होंने अपने देश की रक्षा करते हुए   अपना कर्तव्य बखूबी निभाया है।  हमारी सेनाओं में, हमारे सुरक्षाबलों के पास ऐसे कितने ही बहादुर श्वान  हैं, जो देश के लिये जीते हैं और देश के लिये अपना बलिदान भी देते हैं। कितने ही बम धमाकों को और कितनी ही आतंकी साजिशों को रोकने में  इन्होंने  बहुत अहम भूमिका निभाई है।
  प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कुछ समय पहले मुझे देश की सुरक्षा में  कुत्तों की भूमिका के बारे में बहुत विस्तार से जानने को मिला। कई किस्से भी सुने। एक बलराम नाम के कुत्ते  ने 2006 में अमरनाथ यात्रा के रास्ते में बड़ी मात्रा में गोला-बारूद खोज निकाला था।  इसी तरह 2002 में  डॉग भावना ने  आईईडी खोजा था  लेकिन इसे निकालने के दौरान आतंकियों ने विस्फोट कर दिया और श्वान शहीद हो गया।  दो-तीन वर्ष पहले छत्तीसगढ़ के बीजापुर में  सीआरपीएफ का  स्निफर डॉग  ‘ क्रैकर ’ भी  आईईडी ब्लास्ट में शहीद हो गया था। कुछ दिन पहले ही आपने शायद टीवी पर एक बड़ा भावुक करने वाला दृश्य देखा होगा, जिसमें बीड पुलिस अपने साथी डॉग  रॉकी को पूरे सम्मान के साथ आख़िरी विदाई दे रही थी।  रॉकी ने 300 से ज्यादा मामलों को सुलझाने में पुलिस की मदद की थी।
एनडीआरएफ में दर्जनों डॉग्‍स 
पीएम मोदी ने कहा कि डॉग्स की आपदा प्रबंधन और बचाव मिशन में भी बहुत बड़ी भूमिका होती हैं। भारत में तो राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल  (एनडीआरएफ)  ने ऐसे दर्जनों  डॉग्स को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया है  जो कहीं भूकंप आने पर,  इ मारत गिरने पर, मलबे में दबे जीवित लोगों को खोज निकालने में विशेषज्ञ होते हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझे यह भी बताया गया कि  भारतीय नस्ल के कुत्ते भी बहुत अच्छे  और बहुत सक्षम होते हैं। भारतीय नस्ल में मुधोल हाउंड  और हिमाचली हाउंड बहुत ही  शानदार हैं। राजापलायम, कन्नी, चिप्पीपराई और कोम्बाई भी बहुत  अच्छी भारतीय नस्ल  हैं,  जिन्हें पालने में खर्च भी काफी कम आता है और ये भारतीय माहौल में  ढले भी होते हैं।
   प्रधानमंत्री ने कहा कि अब हमारी सुरक्षा एजेंसि यां भी इन  भारतीय नस्ल के  डॉग्स को अपने सुरक्षा दस्ते में शामिल कर रही हैं।  पिछले कुछ समय में आर्मी,  सीआईएसएफ,  एनएसजी ने मुधोल हाउंड  डॉग्स को  प्रशिक्षित करके  डॉग  स्क्वाड   में शामिल किया है। सीआरपीएफ ने कोम्बाई  डॉग्स को शामिल किया है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद भी भारतीय नस्ल के  डॉग्स पर  रिसर्च कर रही है। मकसद यही है कि  भारतीय नस्ल को और बेहतर और उपयोगी बनाया जा सके। आप इंटरनेट पर इनके नाम  सर्च करिए, इनके बारे में जानिए, आप इनकी खूबसूरती, इनकी क्वालिटी देखकर हैरान हो जाएंगे।  अगली बार जब भी आप  डॉग पालने की सोचें  तो किसी  भारतीय नस्ल के  डॉग को घर लाएं। आत्मनिर्भर भारत जब जन-मन का मन्त्र बन ही रहा है तो कोई भी क्षेत्र इससे पीछे कैसे छूट सकता है।
(हिन्दुस्थान समाचार)

9:30 AM : Free travel arrangements

Madhya Pradesh govt to provide free travel arrangements to students appearing in NEET, JEE exams from block or district HQs to exam centre.

9:25 AM : PM appreciated youngsters

9:12 AM : पितृ पक्ष मंगलवार से

सत्रह दिनी पितृ पक्ष का आरंभ मंगलवार से
(314 words)
भारतीय संस्कृति का पितृपक्ष अनूठा पर्व है। इसमें पितरों पिता, दादा और परदादा को तिल, जल और कुश से तर्पण कर सुख, शांति और समृद्धि प्राप्त करने का यतन किया जाता है। महालया का शुभारंभ मंगलवार यानी भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा से लेकर सर्वपितृ अमावस्या तक है।
जिसके पिता की मृत्यु पूर्णिमा में हुई हो वह एक सितम्बर को श्राद्ध कर्म करेगा। जिसके पिता की मृत्यु की तिथि ज्ञात नहीं है वह अमावस्या के दिन श्राद्ध करेंगे। महालया के मातृ नवमी के दिन माताओं का श्राद्ध करने का प्राविधान है। डॉ. ब्रह्मानंद शुक्ल के अनुसार पितृपक्ष में पिता अपने संतान के पास आते हैं। जो संतान अपने पितरों को विधि विधान से तर्पण, पिंडदान और ब्राह्मण भोजन कराता है, उसे उसके पितृ आशीर्वाद दे संतुष्ट हो वापस जाते हैं। इसलिए सनातन धर्म को मानने वाले हर व्यक्ति को श्राद्ध और पिंडदान करना चाहिए। डॉ. शुक्ल यह भी बताते हैं जो संतान पिंडदान, तर्पण आदि नहीं करते हैं, उनके पितर असंतुष्ट रहते हैं। इससे घर में तमाम प्रकार के क्लेश व्याप्त रहते हैं।
स्वर्ग में हैं तो अमृत के रूप में पहुंचता है अंश
डॉ. ब्रह्मानंद शुक्ल श्राद्ध तर्पण के महत्व पर बताते हैं कि पुत्र की ओर से किए गए श्राद्ध और तर्पण का अंश पितृ यदि स्वर्ग में हैं तो अमृत के रूप में उन तक पहुंचता है। पशु है तो तृण के रूप में, सिंह है तो मांस के रूप में, सर्प योनी में हैं तो वायु के रूप में, जलीय जीव हैं तो जल के रूप में तर्पण का अंश उन तक पहुंचता है।
आंसू से भी हो जाते हैं संतुष्ट
शास्त्रों के अनुसार पितरों का संतान यदि गरीब है, उसके पास कुछ भी नहीं है। तो वह पितरों का याद कर आसूं भी बहा दे तो उसके पितर संतुष्ट हो उसे आशीर्वाद देकर अपने धाम वापस चले जाते हैं।
(हिन्दुस्थान समाचार)

9:00 AM : Onam

30 August 2020

11:00 AM : मन की बात

10:00 AM : ED freezes around Rs. 47 crore

ED freezes around 47 crore rupees of Companies involved in running Chinese Online Betting Apps. The agency had on Friday conducted searches at 15 locations spread across Delhi, Gurugram, Mumbai and Pune.

9:39 AM : Rewards for Mallakhamb coach

9:30 AM : COVID-19 Testing Update:

9:00 AM : India Fights Corona

29 August 2020

5:24 PM : Bihar gets a new Next Generation Network Telephone Exchange

4:09 PM : COVID 19 : 76.47 % स्वस्थ

4:14 PM : उन्नाव से सांसद 14 दिनों के होम क्वारेंटिन में

2:38 PM : India will play a leading role in the future

1:44 PM : अटल भूजल योजना पर पीएम

पीएम ने कहा-

वो दिन दूर नहीं जब वीरों की ये भूमि, झांसी और इसके आसपास का ये क्षेत्र देश को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक बड़ा सेंटर बनेगा।

एक तरह से बुंलेदखंड में ‘जय जवान, जय किसान और जय विज्ञान’ का मंत्र चारों दिशाओं में गूंजेगा।

केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश की सरकार बुंदेलखंड की पुरातन पहचान को, इस धरती के गौरव को समृद्ध करने के लिए प्रतिबद्ध है।

एक लाभ तो ये होगा कि गांव के बच्चों में खेती से जुड़ी जो एक स्वभाविक समझ होती है, उसका विस्तार होगा।

दूसरा लाभ ये होगा कि वो खेती और इससे जुड़ी तकनीक, व्यापार-कारोबार के बारे में अपने परिवार को ज्यादा जानकारी दे पाएगा।

12:02 PM : विश्व पटल पर भारत का गौरव

11:44 AM : क्या किसी सरकारी सेवा केंद्र में अंगूठे का निशान लगाने से संक्रमण हो सकता है

11:12 AM : National Sports & Adventure Awards 2020 Ceremony

11:00 AM : Latest figures in India

9:46 AM : Lifetime contribution to sports development

9:46 AM : Lifetime contribution to sports development

9:00 AM : मेजर ध्यानचंद की जयंती पर श्रद्धांजलि

28 August 2020

7:01 PM : Puckpochey Panamik

6:54 PM : Total sowing area coverage under Kharif crops

6:41 PM : PM Street Vendor's Atma Nirbhar Nidhi

6:31 PM : “Chunauti”- Next Generation Startup Challenge

2:02 PM : COVID-19 tests in a much cheaper & faster way.

1:01 PM : India Fights Corona

12:47 PM : DD Exclusive interview with Khel Ratna awardees

12:41 PM : विश्वविद्यालयों में अंतिम वर्ष की परीक्षा होगी

आपदा प्रबंधन कानून के तहत राज्यों को परीक्षा टालने का अधिकार,
बिना परीक्षा कराए छात्रों को पास नहीं किया जा सकता, परीक्षाओं की तारीख बढ़ाने के लिए राज्य यूजीसी से कर सकते हैं आग्रह : सुप्रीम कोर्ट

11:26 AM : लैंड बैंक पोर्टल

निवेशकों की राह आसान बनाएगा लैंड बैंक पोर्टल

देश के कॉमर्स एंड इंडस्‍ट्री मिनिस्टर पीयूष गोयल ने गुरुवार को सोशल मीडिया के जरिए इंडस्ट्रियल इंफॉर्मेशन सिस्‍टम की जानकारी दी। उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि ईज़ ऑफ डुइंग बिजनेस के साथ उद्योगों से जुड़ी जानकारियां एक जगह पर उपलब्‍ध कराने के लिए इंडस्ट्रियल इंफॉर्मेशन सिस्‍टम पूरी तरह तैयार है। इस पोर्टल के जरिए निवेशकों को रियल टाइम जानकारी मिल सकेगी कि कहां-कहां उद्योगों के लिए भूमि उपलब्‍ध है।

दरअसल ऐसा पहली बार हुआ है जब एक पोर्टल पर पूरे भारत में उद्योगों के लिए उपलब्‍ध जमीनों का ब्योरा दिया गया हो। खास बात यह है कि केंद्र सरकार द्वारा तैयार किया गया यह पोर्टल निवेशकों की राह को आसान बनाएगा। आईआईएस की वेबसाइट (https://iis.ncog.gov.in/parks/) पर कौन-कौन से सेक्टर के लिए भूमि उपलब्‍ध है इसका पूरा डाटा दिया गया है। इनमें ऑटोमोबाइल, फूड प्रोसेसिंग, मेटल, और इलेक्‍ट्रॉनिक हार्डवेयर को प्रमुख रूप से शामिल किया गया है। इस वेबसाइट पर यह भी जानकारी दी गई है कि कहां कहां भूमि पूरी तरह खाली हैं। कहां-कहां इंडस्ट्रियल प्लॉट हैं और कहां कमर्शियल प्लॉट हैं।
ऐसा नहीं है कि सरकार ने जमीनों को चिन्ह‍ित कर उनसे जुड़ी जानकारी पोर्टल पर डाल दी। खास बात यह है कि उन जमीनों की कनेक्‍ट‍िविटी का भी पूरा ब्योरा दिया गया है। उद्योग के लिए दी जाने वाली जमीन से कितनी दूरी पर रेलवे स्टेशन है, कितनी दूरी पर एयरपोर्ट है और कितनी दूरी पर सी-पोर्ट है, सारा ब्योरा इसमें दिया गय है। किसी भी उद्योग के लिए केवल मशीनों और मैन-पावर काफी नहीं होती हैं। बल्कि कच्चा माल भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है जितना मशीनें। इस पोर्टल पर कच्चे माल से जुड़ी जानकारी भी दी गई है।
कुल मिलाकर एक निवेशक निवेश करने से पहले जिन-जिन चीजों की जरूरत महसूस करता है, उन सभी चीजों का ध्‍यान इसमें रखा गया है। केंद्र सरकार की यह पहल औद्योगिक क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा दे सकती है।

11:16 AM : State-wise details of total Covid-19 cases

10:58 AM : Government allows in-flight entertainment for domestic flights

10:47 AM : Weather Warning by IMDWeather

Weather Warning by IMDWeather : Thunderstorm with light to moderate intensity rain would continue to occur over and nearby Muzaffarnagar, Panipat, Narora, Atrauli, Aligarh, Hathras. Isolated places of Delhi will also receive moderate intensity rain during the next 2 hours.

Thunderstorm with light to moderate intensity rain would occur over & nearby Mathura, Agra, Ghaziabad, Noida, few places of Greater Noida, Sikandrabad, Dadri, Hapur, Bulandshahr, Jahangirabad, Dibai, Pahasoo, Khair & Shikarpur.

10:40 AM : COVID-19 Testing Update

10:35 AM : Mumbai & adjoining areas receive moderate rainfall in last 24 hours.

10:30 AM : COVID19 Update

10:05 AM : क्या पैकेट बंद सामान में भी वायरस का खतरा हो सकता है?

10:03 AM : COVID-19 : 76.28% स्वस्थ

9:40 AM : Thanks to the Pradhan Mantri Jan Dhan Yojana

9:15 AM : डायबिटीज के मरीजों की करें खास देखभाल

कोरोनाकाल में डायबिटीज के मरीजों की करें खास देखभाल

कोरोना संक्रमण मामले में मधुमेह रोगियों को दोहरी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। सामान्य मरीजों के मुकाबले मधुमेह रोगियों को निमोनिया, फेफड़ों में सूजन तथा अन्य संक्रमण रोग घातक सिद्ध हो सकते हैं क्योंकि मधुमेह रोगियों की प्रतिरोधक क्षमता सामान्य रोगियों के मुकाबले काफी कमजोर होती है। इससे उनकी आंतों में सूजन तथा जलन बढ़ सकती है तथा कोरोना संक्रमण से गम्भीर परेशानियां उठानी पड़ सकती है। सामान्यतः माना जाता है कि कोरोना जैसी महामारी की चपेट में आने के बाद रोगियों में मानसिक उत्तेजना तथा तनाव घर कर जाता है। इन परिस्थितियों में अगर कोई मधुमेह से पीड़ित नहीं भी है, उसका शुगर स्तर बढ़ जाता है तथा उसकी रिकवरी दर में गिरावट आ जाती है।
भारत में इस समय मधुमेह रोगियों की संख्या लगभग 77 मिलियन है। भारत में हर छठा व्यक्ति मधुमेह से पीड़ित है तथा इसके अतिरिक्त करोंड़ों लोग प्री-डायबिटिक्स हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार वरिष्ठ नागरिक तथा मधुमेह, हृदय, कैंसर तथा श्वांस रोगियों को कोरोना संक्रमण में गम्भीर परेशानियां झेलनी पड़ सकती है। इनसे पीड़ित रोगियों की मृत्यु दर सामान्य रोगियों से कहीं ज्यादा है क्योंकि ऐसे रोगियों की प्रतिरोधक क्षमता काफी कमजोर होती है, जिससे विभिन्न प्रकार के संक्रामक रोग उन्हें घेर लेते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि मधुमेह रोगियों का रक्तवहन तंत्र क्षतिग्रस्त एवं कमजोर होता है जिसकी वजह से इस भाग में रक्त चिकित्सा प्रभाव धीमा पड़ जाता है, जिसकी वजह से रोगी की रिकवरी में लम्बा समय लग जाता है।
स्वास्थ्यवर्धक पोषाहार जरूर सुनिश्चित करें
गुरुग्राम की न्यूट्रिशन एंड फंक्शनल मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. प्रीति नन्दा सिब्बल का कहना है कि कोरोना महामारी के इस दौर में यदि आप इंसुलिन ले रहे हैं तो कम से कम एक हफ्ते की खुराक अपने पास जरूर रखें। यदि आप अपने आपको क्वारंटाईन कर रहे हैं तो भी पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन तथा स्वास्थ्यवर्धक पोषाहार जरूर सुनिश्चित कर लें। अपने डॉक्टर से नियमित रूप में फोन या व्हाट्सअप के माध्यम से संपर्क में रहें तथा वर्चुअल कॉन्फ्रेंस, वर्चुअल विजिट के माध्यम से अपने डॉक्टर से नियमित रूप से सम्पर्क में रहें।
यदि आपको लम्बे समय से अनियन्त्रित मधुमेह की शिकायत है तो इससे आपके शरीर के महत्वपूर्ण अंगों में सूजन या जलन हो सकती है जिसकी वजह से आपकी प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो सकती है। यह भी देखने में आया है कि मधुमेह से पीड़ित वरिष्ठ नागरिक कोरोना संक्रमण में ज्यादा प्रभावित होते हैं। आप मधुमेह से पीड़ित हैं तथा कोरोना संक्रमण की चपेट में आ गए हैं तो बेहतर होगा कि आप अपने परिजनों से बराबर दूरी बनाकर अपने घर में क्वारंटाईन रहें तो आप मानसिक, शारीरिक तौर पर बेहतर महसूस करेंगे। लेकिन आपको ब्लड शुगर को नियमित रूप से जांचते रहना होगा। इस दौरान अगर ब्लड शुगर लगातार अनियन्त्रित रह रहा है तथा जी मचलाता है, उल्टी आती है या सांस लेने में तकलीफ अनुभव हो रहा हो तो इसका मतलब है कि आपका संक्रमण बदतर हो रहा है। इन परिस्थितियों में आपको तुरंत मेडिकल सहायता लेनी चाहिए। कोरोना संक्रमण की वजह से डायबटीज को संतुलित रखना काफी मुश्किल है।
कोरोना संक्रमण में मधुमेह रोगियों का गलुकोस स्तर बढ़ता है 
डॉ. प्रीति नन्दा का कहना है कि कोरोना संक्रमण में मधुमेह को नियन्त्रित रखना, ब्लड शुगर में बदलाव को रोकना, उचित तथा पर्याप्त आहार, नियमित शारीरिक व्यायाम, ध्यान तथा जीवनशैली से जुड़े अन्य रोग जैसे हृदय रोग, उच्च रक्तचाप आदि पर पर्याप्त ध्यान देने की जरूरत है। मधुमेह से पीड़ित कोरोना रोगियों को अपने डॉक्टर से फोन, विडियो, व्हाटसअप, ई-मेल आदि के माध्यम से सक्रिय रूप से सम्पर्क में रहना चाहिए। कोरोना संक्रमण में मधुमेह रोगियों का गलुकोस स्तर बढ़ता है जिससे शरीर में तरल पदार्थ की आवश्यकता महसूस होती है। ऐसे में आपको साफ ताजे पानी की उपलब्धता जरूर सुनिश्चित करनी चाहिए तथा पानी नियमित रूप से पीना चाहिए।
उन्‍होंने कहा कि इस दौरान आप अत्यधिक शारीरिक परिश्रम से बचें तथा 8-10 घण्टे की नियमित नींद जरूर सुनिश्चित करें। यदि आपके सीने में लगातार दर्द है, आप घबराहट या व्याकुलता महसूस कर रहे हैं, चेहरे या होठों पर नीलापन आ रहा है तो तत्काल डॉक्टर से सम्पर्क करें। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि कोरोना वायरस से शरीर में ब्लड शुगर की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे रोगियों को मधुमेह की बीमारी हो सकती है।
नवीनतम शोध में पाया गया है कि कोरोना संक्रमण से मधुमेह रोगियों को हृदय रोगों से आघात हो सकता है। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए सुझाए गए लॉकडाउन तथा सामाजिक दूरी आदि उपायों से मधुमेह रोगियों के मानसिक स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ा है। इसकी वजह से मधुमेह रोगियों में तनाव उत्सुकता/व्याग्रता/चिंता आदि बढ़ने से नींद में खलल पड़ सकता है जिससे ब्लड शुगर अनियन्त्रित हो सकती है। इस महामारी में दवाइयां, पोषाहार एवं टीकाकरण ही सबसे बेहतर विकल्प है। गलत खानपान/पोषाहार की कमी/ नींद की कमी/ तनाव आदि से शरीर की प्रतिरोधात्मक क्षमता कमजोर पड़ जाती है जो घातक सिद्ध हो सकते हैं।
डॉ. नन्‍दा के अनुसार अपनी खुराक में ताजा फल, सब्जियां, अंकुरित अनाज आदि को जरूर शामिल करें जो शरीर को एंटी आक्सीडेंट प्रदान करते हैं। अपना भोजन निश्चित समय पर नियमित रूप से लेते रहें। पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं तथा घर में पके भोजन को पहली प्राथमिकता दें। अपनी दिनचर्या में साफ्टड्रिंक, सोडा, फ्रूट जूस, सिरप, सुगंधित दूध, दही आदि से परहेज़ रखें। नियमित रूप से व्यायाम, उचित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद आपके ब्लड शुगर को नियन्त्रित रखने में अत्यन्त महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है।

27 August 2020

6:00 PM : Sales is witnessing surge

5:36 PM : सभी बेड़ियां तोड़ने का समय

लंबे समय तक एफडीआई पर चर्चा होती रही थी पर कोई निर्णय नही लिया गया था, हमारी सरकार आने पर इसका क्रियान्वयन हुआ। दशकों से आयुध कारखानों को सरकारी विभागों की तरह ही चलाया जा रहा था। एक सीमित विजन के कारण देश का नुकसान तो हुआ ही, साथ ही वहां काम करने वाले मेहनती, अनुभवी और कुशल श्रमिक वर्ग का भी बहुत नुकसान हुआ: पीएम

4:49 PM : GST

4:33 PM : 3,59,841 residents evacuated

Jammu and Kashmir Government has so far evacuated about 3,59,841 residents via Lakhanpur through a fleet of buses and through special trains amid strict observance of all necessary guidelines and SOPs.

4:03 PM : Defence Industry Outreach Webinar

3:58 PM : With more than 9 lakh tests in last 24 hour

3:23 PM : प्रवासी मजदूरों और अन्य प्रभावित लोगों को रोजगार

1:33 PM : शहीदी दिवस

27 अगस्त – जानिए लद्दाख के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह तारीख

(414 words)
आज भले ही लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाने के ऐलान को हुए एक साल बीत गया हो लेकिन क्या आप जानते हैं कि लद्दाख आज से नहीं बल्कि कई साल से इस मांग को लेकर संघर्ष कर रहा था। सिर्फ इतना ही नहीं लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने की मांग को लेकर लद्दाखी लोगों ने शहादत भी दी थी। यह बात 27 अगस्त 1979 की है। उन दिनों लद्दाख का राजनीतिक माहौल भी गर्म रहता था। आइये आपको दिखाते हैं किस तरह से और क्यों लद्दाख में 27 अगस्त को शहीदी दिवस मनाया जाता है।
लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाने की मांग बहुत पुरानी
केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में आज लोग खुश हैं। उनको ऐसा लगता है कि वे दोयम दर्जे के नागरिक नहीं हैं। विकास अब उनके घर तक पहुंचने लगा है। एक साल पहले 5 अगस्त को जब लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाने का ऐलान किया गया था तब लद्दाख में खूब जश्न मना था। लेकिन आज भी बहुत से लोग यह नहीं जानते कि केंद्र शासित प्रदेश बनने के लिए लद्दाख के लोगों ने एक लंबा संघर्ष किया है। यहां तक कि शहादत भी दी है।
तीन लद्दाखियों ने दी थी शहादत
27 अगस्त 1979 को लद्दाख बौद्ध एसोसिएशन ने लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाने के लिए लेह में प्रदर्शन किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाईं जिसमें तीन लद्दाखी युवाओं की जान चली गई।
सांग दोरजी, नवांग रिंगचिंग, त्सेरिंग स्तोबदान की शहादत को याद करने के लिए आज भी लद्दाख में हर साल हर साल 27 अगस्त को शहीदी दिवस मनाया जाता है। लोग इनकी शहादत को आज भी याद करते हैं। बीते साल 5 अगस्त को जब लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिया गया तो लोग इनकी कुर्बानी को याद कर रहे थे।
दिस्कित छोरो बताती है कि उनके पिता भी लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाने कि मांग को लेकर शहीद हुए। दिस्कित आज भी अपने पिता को याद कर भावुक हो जाती है। दिस्कित बताती हैं कि उस वक्त वे बहुत छोटी थी। जब वे स्कूल गई हुईं थी तो उन्हें उनके दोस्तों से पता चला था कि उनके पिता लद्दाख के लिए संघर्ष करते हुए शहीद हो गए।
दिस्कित को आज अपने पिता पर गर्व है। वहीं दिस्कित और उनके परिवार के लोगों को लगता है कि अब उनके पिता का सपना पूरा हो गया है और साथ ही साथ लाखों लद्दाखियों का भी।

1:22 PM : Mobile Training App for NCC

This app will be useful to NCC cadets in digital learning and overcoming the difficulties posed by COVID-19 due to restrictions on direct physical interactions,: Defence Minister

The NCC imparts values of unity, discipline, service to the nation. I interacted with the NCC cadets during the launch of the App and also answered their questions. I wish them success and a bright future,” says Defence Minister

12:23 PM : Kaziranga National park

12:01 PM : Increasing gap between recovered & active cases

11:39 AM : Startup India Textile Grand Challenge award ceremony

11:32 AM : Virtual address to TERI

UN Secretary General Antonio Guterres to renew his call to India, other G-20 countries to invest in clean, sustainable transition as they recover from COVID19 Pandemic, during his virtual address to TERI.

11:01 AM : Ladakh observes Martyrs Day today

10:49 AM :State-wise details of Confirmed COVID-19 cases

10:32 AM : COVID-19 : 76.24% स्वस्थ

10:03 AM : COVID-19 : क्या बाढ़ग्रस्त इलाकों में लोग जल्दी संक्रमित हो सकते हैं?

9:58 AM : COVID-19 Update

9:30 AM : अटल सुरंग बनकर तैयार

10 हजार फीट की ऊंचाई पर रोहतांग दर्रे के नीचे अटल सुरंग बनकर तैयार, जानें खासियत

(836 words)
सरहदी इलाकों में सुरक्षा और विकास के लिहाज से केंद्र सरकार की ओर से कई निर्माण कार्य कराये जा रहे हैं। इसी के तहत हिमाचल प्रदेश में रोहतांग दर्रे के करीब बनाई गई 9 किलोमीटर लंबी रणनीतिक अटल सुरंग अब बन कर तैयार है। अब यह टनल उद्घाटन के बाद प्रयोग किया जाना लगेगा। ऊंचाई के लिहाज से यह दुनिया की पहली सुरंग होगी क्योंकि इसे लगभग 10 हजार फीट की ऊंचाई पर बनाया गया है। इसके शुरू होने पर मनाली और लेह के बीच की दूरी 46 किलोमीटर कम हो जाएगी। यह सुरंग इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पाकिस्तान-चीन बॉर्डर पर भारत की ताकत बढ़ जाएगी। रोहतांग दर्रे के नीचे रणनीतिक महत्त्व की सुरंग बनाए जाने का फैसला साल 2000 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने लिया था।
अटल सुरंग की विशेषताएं
अटल टनल के निर्माण शुरू होने पर इसकी डिजाइन 8.8 किलोमीटर लंबी सुरंग के रूप में बनाई गई थी लेकिन निर्माण पूरा होने पर जब जीपीएस रीडिंग ली गई तो सुरंग की लम्बाई 9 किमी. निकली। इसमें एक आपातकालीन एस्केप सुरंग भी शामिल है जिसे मुख्य सुरंग के नीचे बनाया गया है। यह किसी भी अप्रिय घटना के मामले में एक आपातकालीन निकास प्रदान करेगा, जो मुख्य सुरंग को अनुपयोगी बना सकता है। सुरंग में हर 150 मीटर पर एक टेलीफोन, हर 60 मीटर पर अग्नि हाइड्रेंट, हर 500 मीटर पर आपातकालीन निकास, हर 2.2 किमी में गुफा, हर एक किमी. पर हवा की गुणवत्ता की निगरानी प्रणाली, हर 250 मीटर पर सीसीटीवी कैमरों के साथ प्रसारण प्रणाली और घटना का पता लगाने वाली स्वचालित प्रणाली लगाई गई है। सुरंग में 80 किमी. प्रति घंटे की अधिकतम गति से वाहन चल सकेंगे और प्रतिदिन 5000 वाहन इससे गुजर सकेंगे। यह सुरंग लेह और लद्दाख के आगे के क्षेत्रों के लिए सभी मौसम के अनुकूल होगी।
 लद्दाख में भारत की पकड़ होगी और मजबूत
दरअसल बर्फ़बारी के दिनों में यह इलाका अप्रैल से नवंबर तक देश के बाकी हिस्सों से लगभग छह महीने के लिए कट जाता है। बर्फ़बारी के दिनों में भी इस सुरंग से पाकिस्तान और चीन सीमा तक आसानी से पहुंचा जा सकेगा क्योंकि लेह-मनाली राजमार्ग दोनों देशों की सीमा से लगा हुआ है। ऐसे में रणनीतिक क्षेत्र लद्दाख में भारत की पकड़ और मजबूत होगी। इसलिए इस सुरंग के शुरू होने पर इसी के जरिये लद्दाख सीमा तक सैन्य वाहनों की सुरक्षित आवाजाही हो सकेगी और सैनिकों को रसद पहुंचाने में दिक्कत नहीं आएगी। इस सुरंग से भारतीय सीमा पर स्थित अग्रिम चौकियों की चौकसी, मुस्तैदी और ताकत काफी बढ़ जाएगी।
लेह-लद्दाख और हिमाचल के लाहौल-स्पीति घाटी तक सफ़र आसान  
रक्षा मंत्रालय के अधीन सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने अपनी पहचान के मुताबिक इस मुश्किल कार्य को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। बीआरओ के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल हरपाल सिंह ने 21 अगस्त को सुरंग का दौरा करने के बाद बताया कि सभी तरह के निर्माण कार्य लगभग पूरे हो चुके हैं। सुरंग बनाये जाने के दौरान अवशेष के रूप में अंदर बहुत अधिक धूल है। इसी गंदगी को साफ किये जाने जैसे मामूली काम इस समय किए जा रहे हैं जो लगभग 15 दिन में पूरे हो जायेंगे। सुरंग के उत्तर में लाहौल स्पीति की ओर और दक्षिणी छोर के लिए पुलों को भी पूरा कर लिया गया है। ऑल वेदर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए मनाली की तरफ से टनल तक पहुंच मार्ग पर स्नो गैलरियां भी बनाई गई हैं। रोहतांग टनल के खुलने से दिल्ली से लेह-लद्दाख और हिमाचल के लाहौल-स्पीति घाटी तक सफ़र आसान हो जाएगा। इस सुरंग को आधुनिक तकनीक से बनाया गया है।
मनाली-लेह की दूरी 46 किलोमीटर कम होगी 
हिमालय की पीर पांज पर्वत श्रेणी में बनी यह सुरंग जमीन से 10 हजार फीट की ऊंचाई पर है। इस सुरंग के चालू होने पर मनाली और लेह के बीच की दूरी 46 किलोमीटर कम हो जाएगी। यह रोहतांग दर्रा तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्ग भी होगा जो 13 हजार 50 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। अभी मनाली घाटी से लाहौल और स्पीति घाटी तक की यात्रा में आमतौर पर पांच घंटे से अधिक समय लगता है जो अब 10 मिनट से कम समय में पूरा हो जाएगा।

26 August 2020

2:59 PM : डबल होगा शिक्षा बजट

2:42 PM : Discussion on Dolphins

2:33 PM : NITI Aayog releases report

NITI Aayog releases report on Export Preparedness Index (EPI) 2020 EPI intends to identify challenges and opportunities; enhance the effectiveness of government policies; and encourage a facilitative regulatory framework.

2:00 PM : सरकार ने सभी तरह के PPE किट फेसशील्‍ड और मास्‍क के मुक्‍त निर्यात की मंजूरी दी

12:47 PM : Timely completion of developmental projects

In Jammu & Kashmir, following the directions of LG, Manoj Sinha , to ensure timely completion of developmental projects, DDC, Doda, Dr. D Doifode has directed Public Works (R&B) and PMGSY departments to increase men and machinery to expedite the work.

11:00 AM : मरीजों में ईटिंग डिसऑर्डर

10:49 AM : छूट के लिए फास्‍टैग अनिवार्य

सरकार ने पूरे देश के राजमार्गों पर टोल प्‍लाजा पर किसी भी छूट के लिए फास्‍टैग अनिवार्य कर दिया है। डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने और राष्‍ट्रीय राजमार्गों पर निर्बाध यात्रा सुनिश्‍चित करने के लिए यह फैसला किया गया है।

10:00 AM : COVID-19 Updates

9:23 AM : India has exponentially scaled its TESTING

9:00 AM : MP visited to Ralakung

25 August 2020

5:48 PM :Flash Flood Guidance

5:39 PM : Khadi and Village Industries

Khadi and Village Industries Commission has taken a big leap towards #AtmaNirbharBharat by creating local employment for migrant workers through its flagship Honey Mission programme.

5:23 PM : Shipping Ministry

Shipping Ministry facilitates more than 1 lakh crew change on Indian ports and through charter flights. It is highest number of crew changes in world.Crew change consists of replacing one of the ship’s crew members with another one & involves sign-on and sign-off ships procedures

4:50 PM : स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा

  • अनलॉक की गाइड लाइन किसी एक मंत्रालय द्वारा जारी नही की जाती हैं। सभी मंत्रालयों से विचार विमर्श किया जाता है। अनलॉक-4 को लेकर भी सभी विचार विमर्श के बाद ही गाइड लाइन जारी की जाएंगी।
  • देश में कुल 24.04 लाख लोग रिकवर हो चुके हैं।
  • जेईई ओर नीट परीक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने आर्डर दिया है। हम इसके लिए तैयार है और सब जरूरी मानकों का ध्यान रखा जा रहा है। सुरक्षा को लेकर सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। आज जरूरी है कि लोग मास्क पहनें और दो गज की दूरी बनाए रखें।
  • दिल्ली में फिर से बहुत केस नही बढ़ रहे हैं। दिल्ली-एनसीआर की आबादी वहुत ज्यादा है। अनलॉक 3 में मूवमेंट बढ़ने से केस बढ़े हैं। हमें ध्यान रखना होगा।
  • आज देश में रिकवर मामले सक्रिय मामलों की तुलना में 3.4 गुना अधिक हैं। कोरोना से 58 हजार 390 लोगों की मौत हुई। आज 22 फीसदी केस एक्टिव है। 69 प्रतिशत मौत पुरुषों की हुई है। 31 प्रतिशत महिलाओं की मृत्यु हुई है।
  • गृह मंत्रालय द्वारा जारी गाइड लाइन में स्कूलों और ओर कॉलेज को खोलने की कोई गाइडलाइंस नहीं है। इनके लिए एक एसओपी बनाया जाता है। जब प्रभाव मे आयेगा, तो सभी को बताया जाएगा।
  • भारतीय टेस्ट किट की बदौलत जांच की लागत में कमी आई है। भारत मे 3 वैक्सीन आगे बढ़ चुकी हैं, जिनमें सीरम, जो फेज 2 ओर 3 की स्थिति में है। 3 अन्य वैक्सीन शुरू की गई हैं।

4:10 PM : Media briefing on the current #COVID19 situation

12:48 PM : APEDA signs MoUs with AFC India

12:22 PM : Recovery rate of COVID-19 patients

12:03 PM : 26 lakh houses have been constructed in Odisha

11:59 PM : Pucca house under PMAY

A pucca house under PMAY not only fulfils the dream of owning a house, it also brings all-round government benefits—a gas cylinder under #PMUY, electricity, drinking water supply, toilet, etc. and ensures convergence of welfare initiatives to the last mile: Dharmendra Pradhan

10:45 AM : Readiness of sports facilities

10:36 AM : COVID-19

10:00 AM : Mask advisory

9:32 AM : TikTok sues U.S. President

8:30 AM : Road Transport and Highways

24 August 2020

7:03 PM : 500-bed COVID-19 makeshift Hospital

6:50 PM : National Institute of Open Schooling (NIOS)

Union Education Minister Dr R P Nishank reviews various activities of National Institute of Open Schooling (NIOS) in New Delhi; suggests creating a dashboard that must contain detailed information and contacts of all centres across the country.

He said that NIOS is the world’s biggest open schooling system and we should use it more effectively to provide education to the grass root level.

6:20 PM : GST अपीलों के जल्‍द निपटान

6:18 PM : Dedicated Freight Corridor Corporation India Limited

5:38 PM : South Korea

3:13 PM : Vande Bharat express

2:34 PM : DRDO's disinfection unit

The Delhi-based laboratory of DRDO, Institute of Nuclear Medicine and Allied Sciences has developed this product. The system uses an advanced oxidative process comprising of multiple barrier disruption approach using Ozonated Space Technology for disinfection.

12:11 PM : 3 Million plus subscribers on YouTube

11:03 AM : First synthesis path for TB & Chikungunya

First synthesis path for TB & Chikungunya inhibiting flavonoid molecules deciphered

India has been a pioneer in the field of medicines since the ancient times. Even today during the Pandemic, India has emerged as a Global pharmacy providing medicines to many countries in the world. Continuing the tradition of pioneering in medicines, scientists have found a way to produce medicines for Tuberculosis and Chikungunya without over-exploiting medicinal plants.
In a massive breakthrough to combat the menace of Tuberculosis and Chikungunya scientists have unearthed the route to synthesize the molecules in the lab. Flavonoid molecules found to prevent Tuberculosis and Chikungunya have so far been isolated from plants. For the first time, scientists have managed to synthesize the molecules in the lab paving the path for ensuring their availability at all seasons without overexploiting the medicinal plants that contain them.
Scientists from Agharkar Research Institute in Pune, an autonomous Institute of Department of Science and Technology have come up with the first synthetic route for producing flavonoids molecules related to treatment of tuberculosis and Chikungunya. Preliminary indications are also quite encouraging regarding the probable treatment response to covid-19.
Dr. Pratibha Srivastava, scientist at Agharkar Research Institute has said that for the first time we have successfully synthesized Flavonoid molecules from Rosa Rugosa (a type of Rose).These molecules have the capability to inhibit Chikungunya and tuberculosis. The molecules look very simple on paper, but their synthesis needs a lot of efforts.

10:49 AM : Vaishno Devi Yatra

10:19 AM : COVID-19: 74.90% स्वस्थ

10:11 AM : डॉक्टर्स से जानिए

10:01 AM : दिव्या देशमुख की महत्वपूर्ण जीत

9:55 AM : COVID19 care centre

CM Uddhav Thackeray inaugurates COVID19 care centre with 800-bed facility, including 200 ICU beds in Pune.

9:54 AM : Coronavirus India Update

9:50 AM : हर्ड इम्‍युनिटी अभी दूर

देश में कोरोना से हर्ड इम्‍युनिटी अभी दूर

देश में कोरोना वायरस के जैसे-जैसे केस बढ़ रहे हैं, रिकवरी रेट भी बढ़ रहा है और इसी के साथ लोगों में इम्युनिटी वाले लोग भी बढ़ते जा रहे हैं। इस बीच कई अलग-अलग जगह कराये गए सीरो सर्वे के परिणाम के मुताबिक देश में कई लोग बिना किसी इलाज या दवा या फिर बिना टेस्ट के ठीक हो चुके हैं और उनके अंदर कोरोना ले लड़ने वाले एंटीबॉडी पाए गए हैं। लेकिन अभी यह मत समझिए कि हर्ड इम्‍युनिटी विकस‍ित हो गई है।
सफदरजंग अस्‍पताल नई दिल्ली की डॉ. रूपाली मलिक की मानें तो अभी हर्ड इम्युनिटी आने में वक्त है। और तो और अभी दूसरा पीक भी आ सकता है।
प्रसार भारती से बातचीत में डॉ. रूपाली ने कहा कि जैसे-जैसे बीमारी देश के दूसरे क्षेत्रों में पहुंचेगी नंबर और बढ़ेगे। इसके अलावा अगर देश में 60 से 70 प्रतिशत लोग इंफेक्टेड होते हैं, तभी हर्ड इम्युनिटी की तरफ बढ़ेगे और उसके बाद शायद केस कम होंगे। क्योंकि तब वायरस ट्रांशमिशन की चेन टूट जायेगी। यानी जब संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल रहा होगा, तब बीच में एक इम्यून व्यक्ति आ जायेगा तो चेन टूट जायेगी। अभी करीब 30 प्रतिशत लोग इम्यून हैं। 70 प्रतिशत लोग वायरस से अभी दूर हैं।
उन्होंने कहा कि अब अगर दोबारा से नंबर बढ़ेगे तो सेकेंड पीक आयेगा और अगर धीरे-धीरे फ्लैट होकर चलता रहा तो आराम से निकल जायेगा। अस्पताल में बेड, वेंटिलेटर आदि सभी सुविधाएं मौजूद हैं, चिकित्साकर्मी तैयार हैं। हालांकि पीक नहीं आये, लोग ज्यादा संक्रमित न हों तो ही अच्‍छा है, क्योंकि हमारे यहां जनसंख्या बहुत ज्यादा है। अगर एक साथ ज्यादा लोग संक्रमित होंगे तो अलग-अलग क्षेत्र में तुरंत उन्हें चिकित्सा सुविधा न मिल पाये। इसलिये सभी को वायरस से खुद को सुरक्षित रखना है।

9:46 AM : COVID-19 Testing Update:

9:32 AM : मत करें सेल्फ मेडिकेशन

डॉक्टर की सलाह इम्युनिटी बढ़ाने के लिये मत करें सेल्फ मेडिकेशन

महानगरों से होते हुये कोरोना वायरस देश के कई ऐसे हिस्सों तक पहुंच गया है जहां एक भी केस पिछले 5 महीने में नहीं आया था। ऐसे में कोरोना से जुडे़ कई नये सवाल लोगों को जहन में आ रहे हैं, जिसका जवाब प्रसार भारती के विशेष कार्यक्रम में सफदरजंग अस्‍पताल, नई दिल्ली की डॉ. रूपाली मलिक ने दिया।
इम्युनिटी बढ़ाने के लिए सेल्फ मेडिकेशन कितना सही है?
कोई भी दवाई केवल इम्युनिटी नहीं बढ़ा सकती है, इसके लिये सबसे अच्छा है खाने का ध्यान रखें, ताजा, हेल्दी खाना खायें। योग, एक्सरसाइज करें। आयुर्वेद में इम्युनिटी बढ़ाने के लिये कई चीजे बताई गई हैं। संतरा, नींबू, आवला ताजे फल खायें। हल्दी दूध का सेवन करें। अमेरिका में लोग इसका काफी प्रयोग कर रहे हैं।
डिस्पोजेबल मास्क को कैसे उतारना चाहिए?
मास्क पहनने से ज्यादा उसे उतारना अहम है, क्योंकि उतारते वक्त ही संक्रमण का खतरा रहता है। अगर दो डोरियां लगी हैं, तो पहले नीचे की डोरी खोलें, ऊपर की डोरी पहले खोल दी तो मास्क पलट कर चेहरे या गर्दन पर लग जाएगा। अगर इलास्टिक है तो ध्‍यान से खींच कर उतारें। ध्‍यान रहे मास्क का रिबन या इलास्टिक पकड़ कर ही उतारना है।
क्या पैरालिसिस भी कोरोना के लक्षण है?
कोरोना के सामान्य लक्षण बुखार, खांसी, जुकाम, गले में खराश, स्मैल (smell) या टेस्ट नहीं आना हैं। कई लोगों में वायरस के बढ़ने पर सीने में दर्द होता है, यानी कहीं न कहीं फेफड़े पर वायरस का असर होता है। इसके अलावा कई कोरोना पॉजिटिव लोगों में लूज़ मोशन की शिकायत मिली है। कुछ मामले आये हैं, जिनमें पैरालिसिस हुआ। चूंकि ऐसे मामले बहुत कम आये हैं, इसलिए यह कहना मुश्किल है कि ये कोरोना के लक्षणों में से एक है।
आइसोलेशन पीरियड पूरा होने के बाद भी लोग दूरी बना रहे हैं, ऐसे में क्या करें?
इस तरह की सोच से बाहर आने की जरूरत है, यह सोशल स्टिग्मा है। कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति को अगर 14 दिन के आइसोलेशन के बाद कोई परेशानी नहीं आती है तो वो ठीक है। अगर अस्पताल एडमिट हुए हैं तो उसके बाद एक हफ्ते के लिए क्वारनटाइन किया जाता है। वह भी पूरा कर लिया है तो व्यक्ति के अंदर वायरस खत्म हो चुका है। अब इनसे किसी को संक्रमण का खतरा नहीं है, अपने मन से डर निकाल दें। अगर देखें तो देश के कई नेता, अभिनेता संक्रमित हुए और ठीक होने के बाद अपना काम कर रहे हैं।

9:01 AM : India's longest ropeway service

23 August 2020

6:01 PM : Arjuna Award

5:31 PM : आईपीएल टीम यूएई पहुंची

4:23 PM : Atma Nirbhar Bharat

In our series on #AtmaNirbharBharat today, we bring you a special story on Government e-Marketplace a Special Purpose Vehicle under the Ministry of Commerce and Industry.

GeM India is an online platform for procurement of goods and services by government departments, public sector units, and other agencies.

2:49 PM : India Pavilion at Army 2020

2:01 PM : Vaccine update

Serum Institute of India clarifies that the current claims over COVISHIELD’s availability, in the media are completely false and conjectural. Presently, government has granted us permission to only manufacture the vaccine and stockpile it for future use.

Covishield will be commercialized once trials are proven successful & requisite regulatory approvals are in place. Phase-3 trials for Oxford-AstraZeneca vaccine are underway. Only once vaccine is proven immunogenic & efficacious, SII will confirm its availability officially: SII

1:39 PM : 58th convocation ceremony,

1:34 PM : Watch LIVE

1:32 PM : 381st anniversary

Even as Chennai, the capital of Tamilnadu is celebrating its 381st anniversary today, the prestigious Main Railway line, that connects Chennai with Trichy town in the heart of the Cauvery delta region, is in its 142nd year of operation.

The line, which started operation in 1878 is 351 kms long and passes through culturally and commercially important towns like Cuddalore, Kumbakonam, Mayiladuthurai and Thanjavoor.

1:12 PM : PM Modi shared a video

11:45 AM : COVID-19

11:34 AM : शूट स्थानों पर उचित स्वच्छता, सोशल डिस्टेन्सिंग

11:11 AM : COVID update

10:17 AM : डॉक्टर्स से जानिए

10:11 AM : Standard Operating Protocol

10:00 AM : COVID update

Latest figures in India as on 23 August at 8 AM:

Active cases: 7,07,668
Discharged: 22,80,566
Deaths: 56,706

22 August 2020

6:20 PM : भारत-मालदीव के बीच सीधी जलपोत सेवा

5:11 PM : आपात ऋण गारंटी योजना

4:44 PM : Development work in Ladakh

4:11 PM : Delhi Police arrested ISIS operative

4:00 PM : Elephants of the Mudumalai Tiger Sanctuary

2:33 PM : Fatality rate is really low

As far as COVID19 numbers are concerned, our fatality rate (1.87%) is really low and we have the best recovery rate (75%) in the world. We have around 1500 testing labs now. It is a great achievement in itself: Dr Harshvardhan, Union Health Minister

1:49 PM :Earth Overshoot Day

11:41 AM : NTA

DG NTA has said that it has made elaborate arrangements to comply with Education Ministry’s guidelines for conducting the NEET and JEE examinations. The JEE- Main exam will be held from 1st to 6th of September, while NEET will be conducted on the 13th of September.

11:41 AM : Agri Infrastructure Fund

11:13 AM : National Ceasefire Agreement

10:31 AM : Shops of fertilizers & seeds to remain open

10:03 AM : COVID-19 India Updates

9:54 AM : क्या कहते हैं डॉक्टर्स

9:33 AM : Current Weather

9:15 AM : समझौते पर हस्ताक्षर

9:06 AM : India crossed milestone

9:00 AM : 44 semi high speed trains

21 August 2020

5:14 PM : EXCLUSIVELY on DDDIALOGUE

4:34 PM : COVID 19 update

3:39 PM : Norms relaxed

Employees’ State Insurance Corporation (ESIC) relaxed norms to pay 50 % of average wages of three months as unemployment benefit between March 24 & December 31 this year in view of COVID-19 crisis, after its meeting held under Chairmanship of Union Minister Santosh Kumar Gangwar.

2:55 PM : By-poll for one seat of Rajya Sabha

1:47 PM : Online Short Film Contest

11:50 AM : COVID 19 update

11:47 AM : क्या कहते हैं डाक्टर्स

11:31 AM :Vital structure of Covid19

11:09 AM : Winners of NFDC Short Film Contest

10:43 AM : मन की बात

9:54 AM : Coronavirus India Update

9:40 AM : COVID-19 Testing Update:

9:40 AM : COVID-19 Testing Update:

8:30 AM : Vande Bharat Mission

20 August 2020

6:11 PM : Online nomination

6:01 PM : COVID19 tests

  • India conducts more than 9 lakh #COVID19 tests in a single day
  • Cumulative tests have reached to more than 3 crore 25 lakh
  • Total recoveries have reached nearly 21 lakh
  • Recovery rate has reached to nearly 74%
  • Total number of cases 28,36,926

5:50 PM : Grand Challenge

4:43 PM : eSanjeevani

3:03 PM : Fact Check:

2:48 PM : ENVIS

2:21 PM : Uttar Pradesh

12:20 PM : नौसेना और रक्षाशक्ति यूनिवर्सिटी के बीच MOU

11:55 AM : स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार

स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार में इंदौर ने जीता प्रथम पुरस्कार, सूरत को मिला दूसरा स्थान, नवीं मुंबई को मिला तीसरा स्थान।

11:01 AM : Recovered & Active cases

10:45 AM : Akshay Urja Diwas

7:34 AM : TESTING, surveillance

7:22 AM : पीएम केयर्स फंड

पीएम केयर्स फंड में 38 सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों ने दिया 2105 करोड़ रुपये का सहयोग

कोरोना वायरस से लड़ने के लिए 28 मार्च को प्रधानमंत्री ने सिटीजन असिस्टेंस ऐंड रिलीफ इन इमरजेंसी सिचुएशन (पीएम केयर्स) फंड की स्थापना की गई थी। जिसमें देश की जनता के साथ ही कई कंपनियों ने भी आर्थिक सहायता दी है। वहीं इस पीएम केयर्स फंड में महारत्‍नों से लेकर नवरत्‍नों तक के 38 सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों (पीएसयू) ने कुल 2105 करोड़ रुपये दान किए हैं।
इस फंड में महारत्नों से लेकर नवरत्नों तक, 38 निजी क्षेत्र के उपक्रम (पीएसयू) कंपनियों ने 28 मार्च को इसके लॉन्च होने से लेकर अब तक कुल मिलाकर 2105 करोड़ रुपये दान किए हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक 38 पीएसयू कंपनियों ने 5 महीनों के अंदर 2015.38 करोड़ रुपये पीएम केयर्स फंड में दान किए हैं। अधिकांश पीएसयू ने पीएम केयर्स फंड में अपनी 2019-20 की कॉरपोरेट सोशल रेस्पॉन्सिबिलिटी यानी सीएसआर फंड से दिया है।
 इन 38 पीएसयू में सबसे ज्‍यादा दान करने वालों में ओएनजीसी है, जिसने 300 करोड़ रुपये दान दिए हैं। इसके बाद एनटीपीसी ने 250 करोड़ रुपये, इंडियन ऑयल ने 225 करोड़ रुपये, पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन ने 200 करोड़ रुपये, पावर ग्रिड ने 200 करोड़ रुपये और एनएमडीसी ने 155 करोड़ रुपये और एचपीसीएल ने अपने 2020-21 के सीएसआर के बजट में से 120 करोड़ रुपये दान किए हैं। उल्‍लेखनीय है कि इसी हफ्ते पीएम केयर्स फंड में जमा हुए पैसे को राष्ट्रीय आपदा राहत कोष (एनडीआरएफ) में ट्रांसफर करने की अपील सुप्रीम कोर्ट ने ठुकरा दी थी।

19 August 2020

2:29 PM : US postponed trade talks with China

1:57 PM : Negotiations with 13 countries

Civil Aviation Minister Hardeep S Puri has said India is negotiating with 13 countries, including Australia, Japan, Russia, South Korea, Thailand and Singapore, to establish separate bilateral air bubble arrangements for international flight operations.

1:44 PM : Heavy rains in Delhi

1:36 PM : भारत में कोरोना वैक्सीन ह्यूमन ट्रायल

12:55 PM : Know the steps taken by the Central Government

12:32 PM : Naval Commanders' Conference

On the first day of the Naval Commanders’ Conference, Navy Chief Admiral Karambir Singh also addressed the top Commanders of the Navy. The three-day conference is a biennial conference which was to be held in April but was postponed due to the pandemic.

11:36 AM : Innovative system in Railways

10:07 AM : Democrats have formally nominated Joe Biden

9:56 AM : COVID-19 India Updates

9:54 AM : Medical Condition of Former President

9:07 AM : Electronics Manufacturing Policy 2020

8:34 AM : NEP2020

18 August 2020

6:49 PM : Workshop for tribals

5:25 PM : 500 से अधिक पेटेंट दर्ज

4:29 PM : Recovered cases

4:03 PM : Press Briefing on COVID

3:35 PM : Health cards for students

2:03 PM : 9 lakh tested for COVID19

1:49 PM : India sets a new landmark

1:24 PM : Shringla arrives in Dhaka

1:07 PM : Help for hockey players

1:03 PM : CII-Webinar

12:24 PM : WHO

COVID-19 cases reach over 2 crore 15 lakh globally. 7,76,158 deaths also been reported according to an official statement released by WHO.

10:09 AM : COVID Update

9:59 AM : जानिए क्या कहते हैं डॉक्टर्स

7:58 AM : 3 सप्ताह में बनाया 180 फीट लम्बा बेली ब्रिज

पिथौरागढ़ में बीआरओ ने 3 सप्ताह में बनाया 180 फीट लम्बा बेली ब्रिज

पिथौरागढ़ जिले के आपदा प्रभावित इलाके में सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने तीन सप्ताह के भीतर बेली ब्रिज का निर्माण कर मिसाल पेश की है। 180 फीट लम्बा यह बेली ब्रिज इस इलाके के 20 गांवों को कनेक्टीविटी प्रदान करता है।

पिथौरागढ़ जिले की धारचूला, बंगापानी और मुनस्यारी तहसीलों में पिछले महीने बादल फटने की घटनाएं हुई थीं, जिनमें 15 से अधिक लोगों की मलबे में दबकर मौत हो गई थी। बड़ी संख्या में मवेशियों और सम्पत्ति का भी नुकसान हुआ था। नदी-नालों के उफनने से बिजली, पानी और दूरसंचार लाइनें ध्वस्त हो गई थीं। कई स्थानों पर सड़कें और पुल आदि भी बारिश में बह गए थे। उस दौरान जौलजीबी सेक्टर में बना 50 मीटर का स्पैन कंक्रीट पुल भी तेज बारिश में बह गया था। आपदा प्रभावित इलाकों में पिछले तीन सप्ताह से निरंतर रेस्क्यू और रेस्टोरेशन वर्क जारी है। सम्बन्धित एजेंसियां जन जीवन और अन्य सुविधाएं बहाल करने में जुटी हुई हैं।

भूस्खलन के बीच जारी रहा काम

पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी डॉ. वीके जोगदंडे ने जौलजीबी सेक्टर में महत्वपूर्ण पुल के बहने के बाद बीआरओ के अधिकारियों से आवाजाही के लिए यथाशीघ्र प्राथमिकता के आधार पर वैकल्पिक पुल बनाने को कहा था। बीआरओ ने पुल के निर्माण के लिए अपने संसाधनों और सेटअप को जुटाया। हालांकि लगातार भूस्खलन और भारी बारिश के बीच पिथौरागढ़ से कुछ हिस्सों में परिवहन करना सबसे बड़ी चुनौती थी। इसके बावजूद यह पुल रविवार को सफलतापूर्वक पूरा हो गया। अब इसके जरिये बाढ़ प्रभावित गांवों तक पहुंच बन गई है और जौलजीबी को मुनस्यारी से जोड़ा गया है। बीआरओ ने लगातार भूस्खलन और भारी बारिश के बावजूद तीन हफ्तों से भी कम समय में 180 फीट के इस बेली ब्रिज का निर्माण किया है।

इस कनेक्टिविटी से 20 गांवों के लगभग 15 हजार लोगों को राहत मिलेगी। इस पुल के बन जाने से जौलजीबी से मुनस्यारी तक 66 किलोमीटर सड़क परिवहन फिर से बहाल हो गया है। स्थानीय सांसद अजय टम्टा ने जौलजीबी से 25 किलोमीटर की दूरी पर लुमटी और मोरी के सबसे अधिक प्रभावित अलग-अलग गांवों के बारे में अपनी चिंता व्यक्त की थी, जहां आपदा में अधिकतम मौतें हुई थीं। फिलहाल यह पुल आपदा प्रभावित गांवों के पुनर्वास में आवश्यक सहायता प्रदान करेगा।(हिन्दुस्थान समाचार)

7:30 AM : Covid in Karnataka

17 August 2020

4:10 PM : South Korea is experiencing a spike in daily

3:44 PM : India sets a new landmark

3:24 PM :Did you know

3:13 PM : COVID-19 recovery rate

2:33 PM : Healthcare Week Conference

1:19 PM : Project Dolphin

12:03 PM : वन मंत्रियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक

बैठक में प्रकाश जावडेकर ने कहा कि हमारी नदियों में 3 हजार से ज्यादा डॉल्फिन हैं, डॉल्फिन का संरक्षण करना हमारा कर्तव्य है। राज्यों को वन पर अधिक ध्यान देना जरूरी है, वित्त आयोग ने वनों के लिए आवंटन को 7 प्रतिशत से 10 प्रतिशत किया हैै।

11:36 AM : Huge gatherings not allowed

11:28 AM : World Helicopter Day

10:10 AM : छत पर जाना सुरक्षित है कि नहीं, क्या कहते हैं डॉक्टर्स?

9:55 AM : Coronavirus India Update

9:34 AM : COVID-19 Testing Update:

9:34 AM : COVID-19 Testing Update:

8:05 AM : 3 crore tests done

8:05 AM : 3 crore tests done

8:00 AM : Internet in Jammu Kashmir

16 August 2020

11:40 AM : राष्ट्रीय कैडेट कोर के विस्तार को मंजूरी

11:38 AM : Glimpses from the 10 km Independence Day Walk

11:32 AM : अटल बिहारी वाजपेयी की दूसरी पुण्य तिथि

11:01 AM : COVID cases

10:34 AM : कोरोना गॉगल

10:01 AM : Testing figures for COVID

9:23 AM : Lowest COVID-19 mortality

9:01 AM : Death Anniversary of Atal Bihari Vajpayee

15 August 2020

7:00 AM : स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले से देश को संबोधित कर रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

14 August 2020

7:00 PM : स्वतंत्रता दिवस पर राष्‍ट्रपति का देश को संबोधन

6:43 PM : COVID-19 : 71.17% स्वस्थ

5:55 PM : 8.5 lakh tests in a single day

5:34 PM : India has exported PPE

5:34 PM : India has exported PPE

2:11 PM : Govt reaches landmark

11:59 AM : Recovered & Active cases of India

11:02 AM : Recovery rate improves

10:39 AM : रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए कौन सी औषधियां हैं?

10:13 AM : Full dress rehearsal for 74th Independence Day

10:02 AM : Coronavirus India Update

9:58 AM : COVID-19 Testing Update:

8:16 AM : रिकॉर्ड स्तर पर ठीक हुये लोग

रिकॉर्ड स्तर पर ठीक हुये लोग, रिकवरी रेट बढ़ने की वजह दवा नहीं जागरूकता

देश में एक ही दिन में 56,383 करोना मरीज ठीक हुए हैं, जो एक नया रिकॉर्ड है। इससे आज कोविड-19 रोगियों के ठीक होने की संख्या लगभग 17 लाख के करीब पहुंच गई है। सरकार के साथ देश भर के चिकित्सकों, चिकित्सा कर्मियों और कोरोना वॉरियर्स के प्रयासों के साथ-साथ जागरूकता ने भी असर दिखाया है। दरअसल रिकवरी रेट बढ़ने की सबसे बड़ी वजह जागरूकता है, दवा नहीं।
लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज के डॉ. राजेंद्र धमीजा का कहना है कि वायरस कभी भी भेदभाव नहीं करता, ये किसी को भी हो सकता है। लोग भी पहले भयभीत होते थे कि अस्पताल से लोग आकर ले जायेंगे, लोग क्या कहेंगे। लेकिन अब देश के लीडर हो या बड़ी हस्तियां हो वो भी संक्रमित पाये गये और खुद सामने आ कर सबको जानकारी दी कि वो कोविड पॉजिटिव हैं। उन्होंने ऐसे लोगों को भी कहा अपना जांच करायें या क्वारनटाइन करें। इससे आम जनता को भी हिम्मत आयी कि वो संक्रमण के लक्षण आने पर बिना डरे सामने आ रहे हैं और अब लोग समझ रहें हैं कि कैसे बचाव करना है औऱ लोग इससे ठीक भी हो जाते हैं।
जागरूकता की वजह से ही अब लोग संक्रमित होते हैं, तो तुरंत अस्पताल की ओर नहीं भागते हैं, बल्कि संयम के साथ घर में पहले क्वारनटाइन हो जाते हैं। जब दिक्कत बढ़ती है तभी अस्पताल जाते हैं। इसके अलावा केस बढ़ने पर लोग खुद से सतर्क हो गये हैं और जो भी नियम बताए गए हैं उनका पालन करने लगे हैं। पहले किसी को हाथ धोने को कहते थे, तो वो बहाने बनाते थे, लेकिन आज वही लोग खुद हाथ धो रहे हैं और लोगों को भी जागरूक कर रहे हैं। हालाकि डॉक्टरों का ये भी कहना है कि जिन्हें पहले से कोई बीमारी है उन्हें आम लोगों से खुद के प्रति ज्यादा सतर्क रहना है, तभी कोरोना की जंग सार्थक होगी।
मृत्यु दर भी घटी 
देश भर में केंद्र और राज्य / केन्द्र शासित प्रदेशों की सरकारों के ठोस, केन्द्रित और सहयोगात्मक प्रयासों के साथ-साथ लाखों फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं की सहायता से होम आइसोलेशन के पर्यवेक्षण, केन्द्र द्वारा सलाह दिए गए। देखभाल के मानकों के माध्यम से गंभीर रोगियों के प्रभावी जांच प्रबंधन सहित अनेक उपायों के द्वारा त्वरीत परीक्षण, व्यापक ट्रैकिंग और कुशल उपचार को सफलतापूर्वक लागू करना वजह है।
इससे ठीक होने वाले रोगियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई और रोगियों के ठीक होने की दर 70 प्रतिशत (आज 70.77 प्रतिशत) को पार कर गई है, जबकि कोविड रोगियों की मामला मृत्यु दर घटकर 1.96 प्रतिशत तक आ गई और इसमें लगातार गिरावट आ रही है।
रिकॉर्ड संख्या में रोगियों के ठीक होने से यह सुनिश्चित हुआ है कि देश में सक्रिय रोगियों के मामले कम हुए हैं वर्तमान में कुल पॉजिटिव मामले केवल 27.27 प्रतिशत हैं। ठीक होने वाले मरीजों की संख्या सक्रिय मामलों (6,53,622) की तुलना में 10 लाख से अधिक हैं।

8:00 AM : President to address nation

13 August 2020

6:34 PM : Recovery rate increases

4:57 PM : कृषि मेघ का शुभारम्भ

3:45 PM : Transparent Taxation

2:23 PM : 1.28 Cr PPEs distributed

1:59 PM : Discussions with Foreign Minister of Maldives

India will fund the implementation of Greater Male Connectivity Project through a $400 mn LOC & $100 mn grant. This 6.7 km bridge project connecting Male with Gulhifalhu Port & Thilafushi industrial zone will help revitalise and transform Maldivian economy: Dr S Jaishankar

Happy to announce the start of regular cargo ferry service between India & Maldives to boost trade & commerce. We’re also starting an air travel bubble with Maldives to sustain & promote the dynamic people-to-people ties between the two countries: EAM
Dr S Jaishankar

1:32 PM : Chief of the Air Staff visits frontline air base

12:50 PM : Sputnik V.

Russia, Brazil agree to cooperate in production, marketing of world’s 1st registered Corona virus vaccine Sputnik V.

12:12 PM : क्या कह रहे हैं डॉक्टर

12:12 PM : क्या कह रहे हैं डॉक्टर

11:05 AM : India's COVID19 recovery rate

10:49 AM : Ease of compliance for taxpayers

10:26 AM : COVID-19 Testing Update:

10:22 AM : Coronavirus India Update

9:16 AM : Lower Fatality Rate

9:00 AM : 74th Independence Day

8:45 AM : Vaccine production to start soon

8:25 AM : अपने बच्चे को दूध पिला सकती है कोरोना संक्रमित मॉं

अपने बच्चे को दूध पिला सकती है कोरोना संक्रमित मॉं 
(455 words)
कोरोना वायरस के फैलने के बाद से नवजात बच्चों की माताएं अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित हैं। सरकार ने भी बच्‍चों के प्रति ज्यादा से ज्यादा सावधान रहने का सुझाव दिया है। लेकिन अगर मॉं स्‍वयं कोरोना पॉजिटिव हो जाये तो क्या हो? क्या वो अपने बच्चे को स्तनपान करा सकती है? इस पर लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज के डॉ. अनुपम प्रकाश ने कहा कि हां जरूर पिला सकती हैं।
डॉ. प्रकाश ने कहा कि मॉं के दूध से वायरस के संक्रमण होने के कोई प्रमाण नहीं मिले हैं। अगर मां संक्रमित है और बच्चे को दूध पिलाना है तो पिला सकती है। अभी तक देखा गया है कि इससे बच्चे को संक्रमण नहीं होता है। लेकिन हां सांस लेते वक्त मां के मुंह की हवा बच्चे पर न जाये, अन्यथा मुंह से निकलने वाले एयरोसोल बच्चे पर जा सकते हैं। खांसी आ रही है, तो बच्चे को गोद में मत लें। पूरे समय मास्क लगायें। साबुन पानी से हाथ धो कर ही बच्चे को हाथ में लें। साथ ही बच्‍चे को कुछ भी देने से पहले या उसे छूने से पहले घर में मौजूद हर व्‍यक्त‍ि साबुन से हाथ धोये।
चूंकि सेनिटाइजर बनाने में विभिन्न प्रकार के केमिकल का प्रयोग किया जाता है, इसलिए हमेशा कहा जाता है कि खाने से पहले साबुन-पानी से ही हाथ धोयें। लेकिन अगर यात्रा कर रहे हैं और कोई विकल्प नहीं है तो ही सेनिटाइजर का प्रयोग करें।
कोविड से ठीक मरीजों में अन्य मरीजों की तुलना में ज्यादा होता है थकान
प्रसार भारती से बातचीत में डॉ. अनुपम प्रकाश ने बताया कि जिस तरह से अन्य बीमारियों के ठीक होने के बाद भी शरीर में कई दिन तक थकान, कमजोरी आदि रहती है और पूरी तरह ठीक होने में एक-दो हफ्ते लग जाते हैं, उसी तरह कोरोना में भी होता है। इसमें थकान, कमजोरी ज्यादा लगती है। खासतौर से उनमें जिन्हें सांस संबंधी बीमारी है, निमोनिया के लक्षण ज्यादा आये हैं, उनमें ऐसा ज्यादा देखा जा रहा है। इसलिए कोविड से ठीक हुये लोग पौष्‍ट‍िक आहार लें। पूरा आराम करें, बाहर जाने की जल्दी मत करें। सरकार ने भी 17 दिन के होम क्वारनटाइन को कहा है।
एंटीबायोटिक दवाओं से कोरोना के मीरजों में मृत्यु का खतरा 
डॉ. प्रकाश ने कहा कि अभी किसी को इसके बारे में ज्यादा पता हीं है। मरीज को बचाने के लिए कई दवायें दी जा रही हैं। एंटीबायोटिक दवाओं का भी प्रयोग किया गया। हांलाकि एंटीबायोटिक दवाएं वायरल बीमारियों में असर नहीं करती हैं, ये बैक्टीरियल इंफेक्शन के लिए होती हैं। कोरोना की चुनौती बड़ी थी, उस दौरान एंटीबायोटिक से कई बार दिक्कत सामने आई। इसलिए आम लोग इस वक्त खुद से कोई भी दवा मत लें।

8:21 AM : Ahilyabai Holkar

8:00 AM : International Lefthanders Day

International Lefthanders Day: What studies and history say about lefties

There was a time, in around 1600s, when Lefthanders were accused of practising witchcraft. But as centuries passed, the world witnessed births and reigns of some extraordinary people, all lefties, who changed the world forever.

Some of these include unforgettable names like that of Leonardo da Vinci, Napoleon Bonaparte, Albert Einstein, Julius Caesar, Marie Curie, Aristotle, Neil Armstrong, Henry Ford, Pele, Winston Churchill, Prince William, Prez George Bush, Prez Bill Clinton, Prez Barack Obama, Bill Gates, Amitabh Bachchan, Sachin Tendulkar, Eminem, Charlie Chaplin, Tom Cruise and so many other.

For centuries, such lefthanded talents have been contributing to global success and serving mankind but It was only in 1976 that the world celebrated the first-ever ‘International Lefthanders Day’ on 13th of August. The celebration is aimed at acknowledging the achievements of lefties and raising awareness regarding the ordeals and challenges that are faced by them in a world that is designed for right-handers

Facts about Lefthanders

Scientists have tried to study and identify differences in parts of the DNA of both lefties & right-handers. This 2019 study, which was based on brain scans of 9,000 British subjects, found that in Lefthanders, the parts of the right and left sides of the brain that process language work in better tandem. Other well-known facts say that lefthanded folks score higher on verbal reasoning, are more likely to struggle in school-life, but have an edge in sports like boxing or fencing, where they can easily surprise their opponents who are used to competing with mostly right-handers.

It is said that only 10%-15% of the population is lefthanded around the globe. Thus, many basic items like scissors, toys, vehicles and even school desks are specially designed for lefties and are much costlier than the ones used by their right-handed counterparts.

Some Indians who have made the left-handed world proud are Mahatma Gandhi, Amitabh Bachchan, Ratan tata, Karan Johar many Indian cricketers and more. In China, Japan and other Asian countries, the percentage of Lefthanders is much smaller than in the West. Another surprising fact is that four out of the six recent US Presidents were Lefthanders. These were Ronald Reagan, George Bush, Bill Clinton, and Barack Obama.

Why and how is the day celebrated globally

The aim is to promote awareness about the struggles of lefties in a largely right-handed world. Understanding their daily-life difficulties like how they have to drive on right side of the road, use right-handed tools, use vehicles that are designed for right-handers.

Thus, International Lefthanders Day is celebrated globally to put an end to discrimination against the lefties. On this day, activities like left-handed tea parties, pubs using left-handed corkscrews as well as organising games to be played using just the left hand, left-v-right sports matches etc are held around the globe.

12 August 2020

4:16 PM : Highest single day recoveries

Record highest single day recoveries of 56,110 registered. India’s Recovery rate soars past 70%. India tests highest ever single day tests at 7,33,449: Health Ministry

3:38 PM : COVID-19 positive hockey players shifted to hospital

3:11 PM : Ladakh Police gets own flag

3:11 PM : Ladakh Police gets own flag

3:09 PM : स्‍वस्‍थ होने की दर 70%

1:13 PM : LCH in Ladakh

12:15 PM : COVID-19 testing labs in India

11:49 AM :ISRO pays tribute

11:49 AM : World Elephant Day

11:15 AM : COVID-19 recovery rate improves

11:04 AM : COVID-19

10:35 AM : मास्क का प्रयोग कितने दिन तक कर सकते हैं?

10:22 AM : COVID-19 Testing Update:

11 August 2020

5:35 PM : Early identification of cases leading to decrease in % of active cases

Death rate due to COVID in India has come down below 2% for the first time today. It is at 1.99% as on date. 

Today PM held a video conference with the CMs of 10 States to discuss current situation of #COVID19. These 10 states account for 80% of COVID-19 active cases.

In a video conference, PM underlined that containment, contact tracing and surveillance are the most effective weapons in the fight against COVID19.

 

5:15 PM : Total 2.5 crore tests conducted

5:01 PM : Media briefing on the current COVID19 situation

4:11 PM : UMANG app

2:55 PM : Russia developed 'first' coronavirus vaccine

2:20 PM : COVID-19 Updates:

COVID-19 Updates: -15,83,489 recovered; 47,746 COVID-19 patients recovered in the last 24 hours -Active cases: 6,39,929 -Case Fatality Rate (CFR) currently standing at 1.99% – India’s Recovery rate nearly 70%

1:56 PM : Phase-2 clinical trial of COVAXIN

1:44 PM : PM Modi's closing remarks

10:59 AM : वैक्सीन आने पर सबसे पहले किन लोगों को दी जायेगी?