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10 July 2020

4:32 PM : Board results declared

CISCE (Council For The Indian School Certificate Examinination) Board declared results for ICSE(Class 10) and ISC (Class 12) Exams today

Key Highlights:

No. of Candidates Appeared:

ICSE Exam: 2,07,902(Boys 1,12,668 Girls 95,234)

ISC Exam: 88,409(Boys 47,429 Girls 49,980)

No. of Successful Candidates:

ICSE Exam: 2,06,525

ISC Exam: 85,611

Given the exceptional circumstances, this year CISCE has not published Merit list for either the ICSE or ISC Exams.

4:15 PM : Loans sanctioned

3:19 PM : India Fights Corona

2:53 PM : श्री रामजन्मभूमि अयोध्या

2:42 PM : जल जीवन मिशन की प्रगति पर चर्चा

2:31 PM : लॉकडाउन से घबराने की जरूरत नहीं

उत्तरप्रदेश के मुख्य सचिव आर के तिवारी ने कहा है कि आज रात 10 बजे से शुरू होने वाले 55 घंटे के प्रतिबंधों को लाकडाउन नहीं समझना चाहिए और इससे घबराने की कोई जरूरत नहीं है।

2:22 PM : COVID19 cases in India

2:07 PM : Defence Minister inaugurates six bridges

1:18 PM : COVID-19 : 62.42 % स्वस्थ

1:05 PM : भारत में अब तक कुल 1,10,24,491 टेस्ट

1:05 PM : भारत में अब तक कुल 1,10,24,491 टेस्ट

11:05 AM : Watch LIVE:

10:39 AM : त्वचा से जुड़ी समस्याओं को करें दूर

फेस मास्क की अनिवार्यता को निभाते हुए त्वचा से जुड़ी समस्याओं को करें दूर

वायरस के संक्रमण से बचने के लिए मास्क लगाना अनिवार्य है, ऐसे में कई लोगों को कई घंटे लगातार मास्क लगाना पड़ता है। जिसकी वजह से कुछ लोगों में त्वचा संबंधी एलर्जी के मामले सामने आ रहे हैं। यह मुख्यतः डॉक्टर/पैरा मैडिकल स्टाफ/पेशेवर लोगों को फेस मास्क से ढंकी त्वचा पर देखने में पाई जा रही है। अब जबकि कोरोना वायरस का कोई प्रभावी इलाज मिलने तक फेस मास्क पहनना अत्यन्त आवश्यक है, तब इससे इंकार नहीं कर सकते। भले ही आपकी त्वचा पर इसके कुछ प्रभाव नज़र आ रहे हों।

खैर अगर आप फेस मास्क से त्वचा पर होने वाले दुष्प्रभावों को लेकर लोग काफी परेशान हैं तो विशेषज्ञों द्वारा दिए गए कुछ नुस्‍खे अपना सकते हैं। ये बहुत आसान नुस्‍खे हैं, जिनके जरिए आप त्‍वचा की देखभाल के साथ-साथ मास्‍क को भी पहन सकते हैं।

> बादाम से सबसे बेहतरीन फेश स्क्रब बनता है। बादाम को गर्म पानी में भिगोकर बाहरी छिल्का हटा दें। इसके बाद बादाम को सुखाकर पीस ले तथा इस पाउडर को रख लें। प्रत्येक सुबह दो चम्मच पाउडर में दही या ठण्डा दूध मिलाकर इस मिश्रण को त्वचा पर लगाएं तथा बाद में इसे पानी से धो डालें।

> चावल का स्क्रब- चावल के पाउडर में दही मिलाकर स्क्रब के तौर पर उपयोग करने से तैलीय त्वचा को राहत मिलती है।

> थोड़ी-सी हल्दी को दही में मिलाइए, इसे प्रतिदिन त्वचा पर लगाने के बाद आधा घंटा बाद ताजा स्वच्छ पानी से धो डालिए।

> एक चम्मच शहद में दो चम्मच नींबू जूस मिलाइए, इसे प्रतिदिन चेहरे पर लगाइए तथा आधा घंटा बाद ताजा साफ जल से धो डालिए।

> खीरे की लुगदी को दही में मिलाइए तथा इस मिश्रण को प्रतिदिन चेहरे पर 20 मिनट लगाने के बाद स्चच्छ पानी से धो लें, यह तैलीय त्वचा को सबसे ज्यादा उपयुक्त होगा।

> टमाटर की लुगदी में एक चम्मच शहद मिलाकर इस मिश्रण को प्रतिदिन त्वचा पर लगाने तथा 20 मिनट बाद धो डालिए।

> त्वचा को राहत प्रदान करने के लिए काटनवूल की मदद से ठण्डा दूध प्रतिदिन त्वचा पर लगाएं। इससे त्वचा को न केवल राहत मिलेगी बल्कि यह शुष्क तथा सामान्य त्वचा दोनों के लिए उपयोगी होगी।

क्या करें अगर मास्‍क लगाने में होती है घुटन?

इस सवाल का जवाब प्रसार भारती से बातचीत में सफदरजंग अस्पताल, नई दिल्ली की चिकित्सक डॉ. गीता कमपानी ने दिया। उन्‍होंने कहा कि कोरोना वायरस पूरी दुनिया में फैला हुआ है, अभी ये कितने दिन रहेगा यह किसी को नहीं पता। इसलिए अब वायरस के साथ जीने की आदत डालनी होगी और मास्क लगाने की आदत डालनी होगी। ये हाइजीनिक भी है और व्यक्ति के साथ-साथ दूसरों की सुरक्षा से जुड़ा है। अगर कोई हमेशा लगाएगा तो आदत हो जाएगी और घुटन नहीं होगी।

उन्होंने कहा कि बाहर जाएं तो मास्क लगा कर जाएं। लेकिन अगर साइकिलिंग कर रहे हैं या रनिंग या फिजिकल वर्क करते हैं, तो थोड़ी देर के लिए मास्क नीचे करके ताजी हवा ले सकते हैं। लेकिन ऐसा तभी करें जब आस-पास कोई नहीं हो। हालांकि ऐसा नहीं है कि मास्क लगाने से कार्बन डाइऑक्साइड जमा हो जाती है और उसे ही लोग वापस लेते हैं। अस्पताल में डॉक्टर भी तो कई घंटे तक मास्क लगा कर रखते हैं।

10:29 AM : COVID-19 Updates

10:18 AM : CATCH THE RAIN

10:01 AM : COVID-19 Testing Updates

9:44 AM : COVID-19 India UPDATE:

9:32 AM : रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर परियोजना

जानिए रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर परियोजना से जुड़ी खास बातें

सौर्य ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से कदम बढ़ा रहा भारत इस क्षेत्र में एक और मील का पत्थर शुक्रवार को रखने जा रहा है। यह मील का पत्थर है विश्‍व की सबसे बड़ी सौर परियोजनाओं में से एक रीवा अल्‍ट्रा सोलर प्रोजेक्‍ट। इस परियोजना को कल प्रधानमंत्री राष्‍ट्र को समर्पित करेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को विश्व की सबसे बड़ी सौर परियोजनाओं में शामिल रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर परियोजना को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर परियोजना लोकार्पित होगी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मध्यप्रदेश की राज्यपाल आंनदीबेन पटेल लखनऊ से और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भोपाल से शामिल होंगे। कार्यक्रम में केन्द्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) ऊर्जा, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा आरके सिंह भी शामिल होंगे।

क्यों खास है रीवा अल्‍ट्रा मेगा सोलर प्रोजेक्ट

> यह परियोजना रीवा जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर गुढ़ नगर में स्थापित की गई है।
> इस परियोजना का शिलान्‍यास मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 22 दिसम्बर 2017 को किया था।
> वृहद सौर ऊर्जा संयंत्र परियोजना 1590 हेक्टेयर क्षेत्र में स्थापित है।
> इस परियोजना को बनने में महज ढाई साल लगे, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है।
> इस परियेाजना की लागत करीब चार हजार करोड़ रुपए है।
> इस परियोजना की ऊर्जा उत्पादन क्षमता 750 मेगावाट है।
> परियोजना से सस्ती बिजली का उत्पादन हो रहा है।
> क्लीन टेक्नालॉजी फण्ड के अंतर्गत सस्ती दरों पर बिजली दी जा रही है।
> इसमें प्रति यूनिट की क्रय दर 2 रुपये 97 पैसे है, जो अब तक की न्यूनतम दर है।
> रीवा सौर परियोजना से प्रतिवर्ष 15.7 लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन रुकेगा, जो 2 करोड़ 60 लाख पेड़ों को लगाने के बराबर है।
> यह दुनिया के सबसे बड़े सिंगल साइड सौर सयंत्रों में से एक है।
> इस सौर ऊर्जा प्लांट में कुल तीन इकाइयां हैं। प्रत्येक इकाई में 250 मेगा वाट विद्युत का उत्पादन हो रहा है।
> परियोजना से उत्पादित विद्युत का 76 प्रतिशत अंश प्रदेश की पावर मैनेजमेंट कम्पनी और 24 प्रतिशत दिल्ली मेट्रो को प्रदान किया जा रहा है।

9:21 AM : कम्युनिटी स्प्रेड कब माना जाता है?

9:01 AM : Nationwide sero-surveillance in near future

ICMR planning to conduct nationwide sero-surveillance in near future to evaluate trend of #COVID19 infection among population.

8:44 AM : जल्द शुरू होगा मानव ट्रायल

देश में विकसित दो कोरोना वैक्सीन का जल्द शुरू होगा मानव ट्रायल

देश में विकसित किए जा रहे कोरोना से बचाव के लिए दो वैक्सीन का जल्दी ही मानव ट्रायल शुरू हो जाएगा। इस संबंध में भारत बायटेक और मेसर्स कैडिला को मानव ट्रायल की अनुमति दे दी गई है। गुरुवार को भारतीय आयुर्विज्ञान चिकित्सा परिषद (आईसीएमआर) की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. निवेदिता गुप्ता ने बताया कि स्वदेश में विकसित की जा रही वैक्सीन का लाभ नागरिकों को मिले, इसके लिए यह जरूरी है कि इसे फास्ट ट्रैक किया जाए।

आईसीएमआर के महानिदेशक ने जून के पहले हफ्ते में सभी स्टेकहोल्डर को पत्र लिख कर मानव ट्रायल में तेजी लाने को कहा था। वैक्सीन विकसित करने के लिए किए जाने वाले मानव ट्रायल के लिए छह से एक साल का वक्त लगता है, लेकिन महानिदेशक द्वारा लिखे गए पत्र में 15 अगस्त तक ट्रायल पूरा करने की बात कही गई थी। तभी से कयास लगाए जाने लगे कि देश में 15 अगस्त तक कोरोना से बचाव की वैक्सीन आ जाएगी। इसके साथ सवाल भी उठने लगे थे कि क्या यह वैक्सीन लोगों के लिए सुरक्षित होगी जो इतनी जल्दी में तैयार की जा रही है। हालांकि आईसीएमआर ने साफ कहा कि वैक्सीन लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर ही तैयार की जा रही है।

डॉ. निवेदिता ने बताया कि मौजूदा समय में देश में 2.6 लाख सैंपल टेस्ट प्रति दिन किए जा रहे हैं। इसके लिए लैब की संख्या में भी लगातार बढ़ोतरी की जा रही है। अब देश में 1132 लैब स्थापित किए जा चुके हैं। इसके साथ ज्यादा से ज्यादा निजी लैब को अनुमति मिले इसके लिए उन्हें एनबीएल सर्टीफिकेट लेने को कहा गया है। इसके साथ एंटीजन टेस्ट को भी तेज करने को कहा गया है। देश में प्रति दिन 3 लाख एंटीजन टेस्ट किट्स तैयार करने की क्षमता है, इसके लिए 10 भारतीय मैन्यूफैक्चरर भी तैयार हैं।

देश में नहीं हुआ है कम्‍युनिटी ट्रांसमिशन

स्‍वास्‍थ्‍य विभाग की प्रेसवार्ता में केन्द्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय के ओएसडी राजेश भूषण ने कहा कि भारत में अभी कोरोना का कम्‍युनिटी ट्रांसमिशन नहीं हुआ है। हालांकि जिस तरह से संकमण बढ़ रहा है, उसके प्रसार का पता लगाने के लिए आईसीएमआर देश भर में फिर से सीरो सर्वे करेगा। आईसीएमआर ने इससे पहले भी देश के कुछ क्षेत्रों में सीरो सर्वे किया था जिसमें 0.73 प्रतिशत लोगों में संक्रमण पाया गया था।

उन्‍होंने बताया कि राजधानी दिल्ली में भी 22 जून से 5 जुलाई तक 22 हजार लोगों के सैंपल के साथ सीरो सर्वे किया गया। सर्वे के नतीजों का आंकलन किया जा रहा है। जल्दी ही नतीजे सभी के सामने आएंगे। यह सर्वे दिल्ली में कोरोना का प्रसार की गति का पता लगाने के लिए किया गया है। पिछले कुछ दिनों में दिल्ली में कोरोना की जांच तेजी से बढ़ाई गई है। जिसके नतीजे सभी के सामने हैं। कोरोना के मरीजों की संख्या घटी है। पहले दिल्ली में केवल 8 हजार टेस्ट किए जा रहे थे, अब यह संख्या बढ़ाकर 40 हजार कर दिए गए हैं। इससे मरीजों का पता लगा कर उन्हें अलग कर उनका इलाज किया जा रहा है।

क्या हवा में फैलता है कोरोना

संक्रमण के हवा से फैलने के बारे में विश्व स्वास्थ्य संगठन की हाल की रिपोर्ट पर राजेश भूषण ने कहा कि कोरोना बीमारी के बारे में अभी ज्यादा जानकारी नहीं मिली है लेकिन यह बीमारी हवा से कुछ हद तक तो फैलती है। इसलिए भारत सरकार ने तो शुरू से ही लोगों को मास्क पहनना, दो गज की दूरी बनाए रखना, हाथ धोने जैसे उपाय के बारे में जागरूक किया है। इससे हवा में वायरस के कण से लोगों का बचाव हो सकेगा।

9 July 2020

4:48 PM : More activities outside containment zones

4:33 PM : स्वास्थ्‍य मंत्रालय ने दी जानकारी

भारत बॉयोटेक और कैडला वैक्सीन की दिशा में काम तेजी से कर रहा है। जानवरों पर ट्रायल हो गया है। डीजीसीआई ने मानव पर फेज-1 और फेज-2 ट्रायल की अनुमति दी है।

भारत सरकार ने डिस्चार्ज पॉलिसी लागू की है, जो अस्पताल और होम आइसोलेशन दोनों मरीज़ो के लिए लागू होती है।

3 से 5 फीसदी गंभीर मरीजो के लिए जो दवाएं हैं, उसमे रेमदेसिवर भी शामिल हैं। जो, इंवेस्टिगल ड्रग्स में से है। ये मेन लाइन ड्रग्स नही है। दो गज की दूरी के नियम का पालन करना जरूरी है।

4:00 PM : Media briefing on the current COVID19 situation

1:44 PM : India Global Week 2020

1:43 PM : खादी के मास्‍क की कीमत सिर्फ 30 रुपये

1:23 PM : Webinar with members from The Federation of Hotel & Restaurant Associations of India

1:07 PM : COVID19 labs in India

12:49 PM : COVID-19 Updates

12:38 PM : Domestic operations on 8 July 2020

11:08 AM : Interacting with NGOs from Varanasi

10:58 AM : मास्क लगाते हैं तो होती है घुटन तो क्या करें

10:25 AM : India prepares for its two-year term on UNSC

9:51 AM : COVID-19 India UPDATE

9:33 AM : From the lab

9:09 AM : बिहार के कुछ जिलों में लॉकडाउन

पटना समेत बिहार के कुछ जिलों में निश्चित समयावधि के लिए लॉकडाउन लगाया गया है। मास्क पहनने, दो गज की दूरी आदि जैसे कई दिशा निर्देशों के पालन में शिथिलता से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ी है। जो चिंता का विषय है। सरकार ने सभी से अपील की है कि वो दिशा निर्देशों का पालन करें।

8:08 AM : मास्क की बढ़ती मांग

8 July 2020

8:46 PM : Operation Samudra Setu successfully completed

Indian Navy has successfully completed Operation Samudra Setu, (launched 5 May 2020) to repatriate Indian citizens from overseas amid #COVID19Pandemic bringing 3,992 Indian citizens back to homeland by sea.

Indian Naval Ships Jalashwa (Landing Platform Dock), and Airavat, Shardul and Magar (Landing Ship Tanks) participated in Operation Samudra Setu, which lasted over 55 days & involved traversing more then 23,000 kilometers by sea.

8:28 PM : निजी भागीदारी से 109 रूट पर 151 अतिरिक्त आधुनिक ट्रेनें चलाई जायेंगी।

7:44 PM : सबसे कम संख्‍या वाले देशों में से एक है भारत

3:14 PM : World Bank and Government of India sign $750 million Agreement

3:05 PM : राजमार्गों की स्थिति का आंकलन

2:57 PM : AIIMS starts tele-consultation guidance

AIIMS, Delhi starts tele-consultation guidance to state doctors on COVID19 Clinical Management; sessions to be held twice a week, on Tuesdays and Fridays; 10 hospitals with more than 1,000 beds to participate in the first session.

2:29 PM : 200% rise in cyber incidents

1:49 PM : Review meeting to discuss schemes

1:47 PM : Flight from Doha to Thiruvananthapuram

1:45 PM : COVID-19 : 61.53 % स्वस्थ

1:33 PM : AatmaNirbharBharat के निर्माण में MSME

1:25 PM : मानसिक रूप से परेशान व्यक्तियों के साथ संपर्क में रहें

1:16 PM : CPCB shares Best Practices for CORONA Prevention

10:34 AM : 40,000 करोड़ के आवंटन

10:20 AM : Stamp Design Contest

12:21 PM : Vande Bharat Mission

11:11 AM : IndiaFightsCorona

10:09 AM : Coronavirus India Update

9:59 AM : आत्मनिर्भर भारत अभियान

9:41 AM : Samples tested

8:44 AM : It's Gust Vs Beast!

8:00 AM : Meeting of ministerial on#ClimateAction

7 July 2020

6:38 PM : उर्वरकों की कोई कमी नहीं

6:28 PM : Meeting with Secretaries and CMDs of 23 CPSEs

6:26 PM : सरकार और वर्ल्‍ड बैंक के बीच एमओयू

5:49 PM : Doha-Lucknow flight

5:03 PM : Holy Aarti of Baba Amarnath 2020

4:26 PM : Revised Guidelines of UGC

3:48 PM : India's death per million population is 14.27

India has 505.37 cases per million population while the global average is at 1453.25

India’s death per million population is 14.27 while the global average is more than its four times, at 68.29

3:30 PM : Number of recovered cases

Number of recovered cases exceed active cases by more than 1.8 lakh

4,39,947 patients cured

2,59,557 active cases

15,515 recovered in the last 24 hours

Recovery rate at 61.13%

1,02,11,092 samples tested

3:30 PM : Number of recovered cases

Number of recovered cases exceed active cases by more than 1.8 lakh

4,39,947 patients cured

2,59,557 active cases

15,515 recovered in the last 24 hours

Recovery rate at 61.13%

1,02,11,092 samples tested

1:01 PM : Indian Railways- accelerating to ``Green mode of transportation``

1:01 PM : Indian Railways- accelerating to ``Green mode of transportation``

12:34 PM : समझें क्या है टोटल, एक्टिव और रिकवर्ड केस की संख्या

समझें क्या है टोटल, एक्टिव और रिकवर्ड केस की संख्या

कोरोना वायरस के कुल केस देश में 7 लाख के करीब पहुंचने वाले हैं। ऐसे टोटल केस, एक्टीव केस, रिकवर्ड या डिस्चार्ज और डेथ केस जैसे कई नंबर बताए जाते हैं। लेकिन अक्सर लोग कुल केस देख कर घबरा जाते हैं, तो कई लोग कोरोना के पीक को लेकर चिंतित हैं। इस पर हमने लेडी हार्डिंग कॉलेज के चिकित्सक डॉ. घनश्‍याम पांग्टेय से बात की। उन्‍होंने कहा कि अभी देश में कोरोना के मामले और बढ़ेगे।

प्रसार भारती से बातचीत में डॉ. घनश्‍याम पांग्‍टेय ने बताया कि भारत में कोविड केस कंट्रोल में हैं। किसी को केस की संख्या देख कर घबराने की जरूरत नहीं है। अब टोटल केस नहीं बल्कि टोटल एक्टिव केस देखें, क्योंकि अगर 7 लाख के करीब केस हैं तो साढ़े तीन लाख लोग ठीक हो चुके हैं यानी वे रिकवर्ड और डिस्चार्ज की श्रेणी में हैं। जबकि एक्टिव केस 2 लाख 50 हजार के करीब है। डॉ. पांग्‍टेय कहते हैं कि 135 करोड़ में ये केस .01 के करीब है। लेकिन ये केस बढ़ेगे, आने वाले समय में 15 से 25 लाख हो सकते हैं। लेकिन एक्टिव केस 5-7 लाख होंगे तो हमारे लिए कामयाबी का विषय होगा। क्योंकि ये लोग अस्पताल में होंगे और 10 दिन में ये भी ठीक हो जाते हैं।

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि देश की आबादी 135 करोड़ के करीब है और अभी देश में 7 लाख के करीब लोग संक्रमित हैं। अभी एक करोड़ से बहुत दूर हैं। यानी एक प्रतिशत भी आबादी संक्रमित नहीं हुई है। उम्मीद है आने वाले समय में लोगों के सहयोग से और केस कम होंगे।

बड़ी संख्या में संक्रमित होने पर इलाज मुश्किल

संक्रमण और एक्टिव केस कम करने के लिए लोगों को और सावधान रहने की जरूरत है। ऐसे में डॉ पांग्‍टेय कहते हैं कि अगर थोड़ी भी लापरवाही की तो संक्रमण के केस बढ़ जाएंगे। जैसा की हमारे देश में आबादी ज्यादा है, उस लिहाज से समय पर सबको इलाज मिलना जरूरी है। लेकिन एक साथ अगर बड़ी संख्या में लोग संक्रमित होंगे तो, उन्हें जल्दी इलाज मिलने में मुश्किल हो सकती है। इसलिए लोग कम संक्रमित हों तो बाहर कम से कम जाएं। बहुत जरूरी पड़ने पर नियमों का पालन करें। हांलाकि दिल्ली में सरदार बल्लभव भाई पटेल कोविड सेंटर की शुरूआत की गई है, जिसे कोविड के लिए ही बनाया गया है।

होम आइसोलेशन में खुद करें अपना काम

1000 बेड वाला अस्थाई इस अस्पताल में उन मरीजों को प्राथमिकता दी जाएगी, जो गंभीर रूप से संक्रमित हैं और उन्हें आईसीयू की जरूरत है। डॉ पांग्‍टेय ने के अनुसार 60-70 प्रतिशत मरीजों को बहुत कम लक्षण होते हैं, उन्हें होम आइसोलेशन में रखने को कहा जाता है। 20-30 प्रतिशत मरीजों को ही अस्पताल की जरूरत पड़ती है, या जो कोमोरबिडिटी से ग्रसित हैं। वहीं कम लक्षण वाले जो कोई होम आइसोलेट होता है तो उनके पास एक अलग से बाथरूम वाला कमरा हो तो सही है। एक कोविड नेगेटिव वाला कोई सदस्य देख-रेख के लिए होना चाहिए, ताकि अगर अचानक बीमारी बढ़ती है तो तुरंत अस्पताल ले जा सके। संक्रमित को अपने कपड़े, कमरे आदि की साफ-सफाई खुद करना है। जब भी लक्षण बढ़े या शरीर नीला पड़े तो तुरंत अस्पताल जाएं।

12:21 PM : रिकवरी दर बढ़कर करीब 61 प्रतिशत हुई

12:15 PM : IndiaFightsCorona

12:03 PM : कोरोना के नए लक्षण

कोरोना काल में डायरिया, सरदर्द, उल्टी हो सकती है जानलेवा

दुनिया भर में कोरोना वायरस का कहर जारी है। सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (सीडीसी) और प्रिवेंशन के वैज्ञानिकों ने कोविड-19 के लक्षणों की सूची में तीन नए लक्षण जोड़े हैं- डायरिया, सिरदर्द और उल्टी। यानी कोरोना काल में अर इन तीन बीमारियों को अगर गंभीरता से नहीं लिया गया तो ये बीमारियां किसी की जान तक ले सकती हैं।

दरअसल स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि अक्सर बारिश के मौसम में फूड-पॉइजनिंग और मौसम परिवर्तन के कारण पेट खराब होने की शिकायत होती रहती है। लेकिन यह वायरस कई बार फेफड़ों से पहले गैस्ट्रो-इंटेस्टाइनल ट्रैक पर हमला करता है। इससे गंभीर दस्त और उल्टी होने लगती है। जिससे शरीर में पानी की कमी भी हो जाती है और इस वजह से शरीर में ऑक्सीजन स्तर की कमी, लो बीपी, लो शुगर की वजह से शरीर गंभीर रूप से चपेट में आ जाता है।

कुछ डॉक्टरों के मुताबिक घातक वायरस अपने वातावरण में बने रहने के लिए कई बार मौसम के अनुसार अपनी जीनोमिक संरचना को बदल रहा है। इसलिए पहले बुखार, खांसी और सांस लेने में कठिनाई को ही वायरस के लिए सबसे आम लक्षण बताया गया था। लेकिन इस लिस्ट में अप्रैल में अपडेट किया गया और सीडीसी ने ठंड लगना, कांपना, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द, गले में खराश और स्वाद या गंध के नए लक्षणों के रूप में दोहराया।

कोरोनावायरस लक्षणों पर एक नज़र:

बुखार

खांसी

सांस लेने मे तकलीफ

थकान मांसपेशियों या शरीर में दर्द

सरदर्द

स्वाद या गंध का का न होना

गले में खराश

जुकाम या बहती नाक

उलटी अथवा मितली

दस्त

नए लक्षण या मुंह का स्वाद बदल जाने को कोरोना के लक्षण पर आईसीएमआर के पूर्व वरिष्‍ठ वैज्ञानिक डा. रमन आर गंगाखेडकर का कहना है अगर कोरोना के दो लक्षण साथ हैं तब मान सकते हैं। जैसे बुखार, खांसी है और कुछ दिन बाद खाने का स्वाद नहीं आ रहा है तो कोरोना की संभावना हो सकती है। केवल स्वाद नहीं आना और सुगंध नहीं आने को कोविड नहीं मान सकते हैं।

11:56 AM : India Exports 17 MT Pomegranate

11:31 AM : Exclusive interview of American military strategist

11:04 AM : क्या गर्भवती महिलाएं प्लाजमा डोनेट कर सकती हैं?

10:32 AM : गरीब कल्याण रोजगार अभियान

10:01 AM : Catch the interview today at 8 pm on DD India and 10 pm

9:42 AM : COVID-19 India UPDATE

9:18 AM : Vande Bharat Mission Updates

8:33 AM : Safety tips after shopping

6 July 2020

4:32 PM : Ranking of the highways

3:33 PM : कबाड़ प्रिंटर बना सेनिटाइजर

3:15 PM : India-China border update

2:42 PM : Lockdown in Itanagar

Arunachal Pradesh: Lockdown in Itanagar Capital Complex Region to be effective from 5 p.m. today. Week-long #lockdown to end on 5 a.m. on 13th July.

2:29 PM : Weavers Sammaan Yojana

Karnataka Chief Minister BS Yeddiyurappa launched Weavers Sammaan Yojana today. Under this scheme, 19,744 handloom weavers in the state will get annual financial assistance of two thousand rupees through Direct Benefit Transfer.

1:53 PM : 4,24,433 people affected with Coronavirus

The Union Government today said, a total of 4,24,433 people affected with Coronavirus have recovered in the country so far. In the past 24 hours, 15,350 people recovered from COVID19 and with this, the recovery rate reached to 60.85%

1:49 PM : अमरनाथ यात्रा

12:06 AM : कोवाक्सिन

12:06 AM : कोवाक्सिन

11:45 AM : COVID-19 India Updates:

11:23 AM : Domestic operations

11:07 AM : E-Book का अनावरण

10:23 AM : Birth anniversary of Dalai Lama

10:03 AM : Home Isolation Guidelines

10:18 AM : COVID-19 Testing Updates:

9:59 AM : Heavy rainfall warnings

9:49 AM : COVID19 India UPDATE:

9:49 AM : COVID19 India UPDATE:

9:28 AM : EXCLUSIVE interview of former US National Security Adviser

9:10 AM : 13.39 मिलियन टन लदान

8:33 AM : डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि

8:15 AM : Dr. Syama Prasad Mookerjee's Jayanti

5 July 2020

3:01 PM : रिकवरी रेट बढ़ने हैं कई फैक्टर

रिकवरी रेट बढ़ने हैं कई फैक्टर, जानें क्या है कोविड सेल्फ टेस्ट किट

WHO कोरोना वायरस से जुड़ी तमाम जानकारी जुटा रहा है। साथ ही दुनिया के सभी देशों पर वायरस के संक्रमण के असर पर भी नजर बनाए हुए है। ऐसे में हाल ही में WHO ने कहा कि आने वाला समय और खतरनाक हो सकता है। डब्ल्यूएचओ के इस बयान के बारे में बताते हुए नई दिल्ली एम्स के डॉ. प्रसून चटर्जी ने बताया कि कोरोना वायरस का एक-एक केस जब तक दुनिया से खत्म नहीं होता, तब तक खतरा टलेगा नहीं। क्योंकि एक से मल्टीप्लाई होने में ज्यादा वक्त नहीं लगता। प्रसार भारती से बातचीत में डॉ. प्रसून ने राज्‍यों के रिकवरी रेट और सेल्‍फ किट के बारे में बताया।

सबसे पहले उन्होंने वायरस के बारे में बताया कि एक तरह से मानें तो एक ड्रॉप में 1 ट्रिलियन के करीब वायरस रह सकते हैं। इसलिए जब वायरस एक से दूसरे में जाते हैं तो मल्टीप्लाई होने की संभावना भी उतनी होती है और वायरस म्यूटेशन करता रहता है, यानी लोगों को अलग-अलग तरह से प्रभावित कर सकता है। इस तरह जब लाखों लोगों में फैल रहा है तो संभव है कि वायरस अपना रूप बदलेगा। इसके अलावा ये कितना लोगों को प्रभावित करेगा ये भी निश्चित नहीं। इसलिए जब तक यह खत्म नहीं होता तब तक खतरा है और सभी को सावधानी रखनी है।

रिकवरी रेट बढने के हैं कई फैक्टर

भारत में ठीक होने वाले की दर 60 प्रतिशत तक पहुंच गई है। लेकिन विभिन्न राज्यों की बात करें तो रिकवरी रेट अलग-अलग है। ऐसे वायरस का प्रभाव कहीं कम या ज्यादा है इस बारे में डॉ चटर्जी ने कहा कि कई फैक्टर मिलकर रिकवरी रेट तय करते हैं। इसमें एक फैक्टर है वायरस लोड। यानी किसी में एक ट्रिलियन वायरस हैं तो किसी में 100 ट्रिलियन हैं। दूसरा इम्यून सिस्टम यानी किसी की इम्यूनिटी हाई है किसी की बहुत लो है। तीसरा है कोमोरबिडिटी – यानी किसी को पहले से कई बीमारियां हैं तो किसी को नहीं हैं। चौथा किसके शरीर में कितनी देर तक और वायरस कितना प्रभावित कर रहा है। इसके अलावा मरीज इलाज के लिए अस्पताल कब पहुंचा। ऐसी कई बाते हैं जिनके आधार पर रिकवरी रेट तय होता है। इसलिए सभी जगह की परिस्थिति अलग है।

कोरोना की सेल्फ किट क्या है

कोरोना वायरस के संक्रमण को कंट्रोल करने के लिए टेस्ट बढ़ा दिए गए हैं। ऐसे में सोशल मीडिया पर कोविड टेस्ट करने की सेल्फ किट के बारें भी कई प्रकार की बातें बतायी जा रही हैं। इस पर डॉ. प्रसून का कहना है कि कई रैपिड टेस्ट किट आ गई हैं। कई देशों में इसका प्रयोग भी हो रहा है। देखा गया है कि जब भी कोरोना के वायरस या एंटीजन शरीर में प्रवेश करते हैं तो शरीर में एंटीबॉडी बनने लगते हैं। ऐसे में इस टेस्ट को करते हैं। इससे तो कम समय में ये पता चल जाता है कि शरीर में एंटीबॉडी हैं। यानी किसी के शरीर में एंटीबॉडी मिलती है तो ये संभावना जताते हैं कि व्यक्ति कभी न कभी वायरस से संक्रमित हुआ था। इसमें नाक-मुंह से स्वॉब लेने की जरूरत नहीं होती। बल्कि कोई भी डॉक्टर के निर्देशानुसार ब्लड लेकर जांच कर सकता है। इस जांच से यह पता लगाया जाता है कि कम्युनिटी ट्रांसनमिशन है या नहीं।

स्वस्थ व्यक्ति क्यों नहीं दे सकते प्लाजमा

इस दौरान उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति वायरस के संक्रमण से ठीक हो चुका है उसे प्लजमा डोनेट के लिए आगे आना चाहिए। साथ उन्होंने बताया कि प्लाजमा केवल संक्रमण से ठीक हो चुके मरीज से ही लिया जाता है। इस ब्लड डोनेट की तरह स्वस्थ व्यक्ति से नहीं लिया जाता है। क्योंकि जो भी एक बार कोरोना से पीड़ित हो चुका है और ठीक हो चुका है उसी के अंदर ही कोरोना से लड़ने में सक्षम एंटीबॉडी मिलते हैं। मरीज एंटीबॉडी की वजह से ही ठीक होता है। चाहे मरीज अस्पताल में ठीक हुआ हो या घर में आइसोलेट होकर ठीक हुआ हो। दोनों प्रकार के व्‍यक्ति 28 दिन के बाद प्लाजमा डोनेट कर सकते हैं। लेकिन जो संक्रमित नहीं हुए हैं, उनके एंटीबॉडी में कोरोना से लड़ने की क्षमता नहीं बनी होती है। इसलिए सभी स्वस्थ व्यक्ति प्लाजमा डोनेट नहीं कर सकते।

2:46 PM : UPDATES ON COVID19

UPDATES ON #COVID19

More than 4 lakh patients recovered

Recovery Rate amongst #COVID19 is 60.77%.

In the last 24 hours 2,48,934 samples have been tested.

1:59 PM : China accountable for the pandemic

US President Donald Trump has said that China – where Corona virus originated – must be held fully accountable for the pandemic. He said China’s secrecy, deceptions, and cover-ups allowed COVID19 to spread all over the world and China must be held fully accountable.

12:50 PM : वैक्सीन की तैयारी

12:43 PM : Prime Minister Modi called on President Kovind

12:28 PM : Media super app- Elyments launched

12:27 PM : Sardar Patel COVID19 Hospital

12:09 PM : Sardar Patel COVID19 Hospital

11:23 AM : Recovery rate improves

4,09,083 people affected with coronavirus recovered in country. COVID19 recovery rate improves to 60.77%.

11:09 AM : Deadline extended

9:44 AM : देशवासियों को गुरु पूर्णिमा की ढेरों शुभकामनाएं

8:00 AM : गुरु पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं

4 July 2020

3:33 PM : कोरोना से जंग