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16 January 2021

05:45 PM: Covid - 19 vaccines are safe - Dr Sunil Kumar, DGHS

04:30 PM: Largest Vaccine Drive

03:55 PM: Health Minister visits the vaccination site

03:00 PM: वैक्सीन से जुड़े सवालों का जवाब

02:45 PM: कोरोना के खिलाफ जंग

02:30 PM: COVID-19 UPDATES

01:00 PM: IMA President getting vaccinated

12:50 PM: Bhutan PM congratulates PM Narendra Modi

12:32 PM: Largest vaccine drive

12:28 PM: Covid-19 vaccination

12:01 PM: first lot of beneficiaries

12:00 PM: COVID - 19 DOCTORS SPEAK

11:32 AM: India brought back

11:30 AM: 2300 testing labs across the nation

11:16 AM: वैक्सीन की 2 डोज लगनी बहुत जरूरी है: PM

11:00 AM: महामारी के साथ मुकाबला

10:32 AM: विश्व के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान का शुभारंभ कर रहे हैं पीएम मोदी

15 January 2021

09:11 AM: Startup India initiative

08:44 AM: Vande Bharat Mission

08:23 AM: Indian Army Day

14 January 2021

08:00 PM: गणतंत्र दिवस समारोह

इस बार के गणतंत्र दिवस समारोह में नहीं होंगे कोई विदेशी मेहमान: विदेश मंत्रालय

(355 words)

इस बार गणतंत्र दिवस समारोह में कोई विदेशी मेहमान शामिल नहीं होंगे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने गुरुवार को एक प्रेस वार्ता के दौरान इस बात की जानकारी दी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए कहा कि “इस बार के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में कोई भी विदेशी प्रमुख शामिल नहीं होंगे। यह फैसला कोरोना महामारी के मद्देनजर लिया गया है।”

बता दें कि इस बार गणतंत्र दिवस पर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 नवंबर को टेलीफ़ोन पर बातचीत कर आमंत्रण दिया था। लेकिन कोरोना का नया स्ट्रेन सामने आने के बाद उन्होंने अपना भारत दौरा रद्द कर दिया।

अब तक 10 बार बिना मुख्य अतिथि के मनाया जा चुका है गणतंत्र दिवस

देश आजाद होने के बाद से लेकर अब तक 10 अलग-अलग मौक़ों पर मुख्य अतिथि के बिना गणतंत्र दिवस मनाया जा चुका है। जानकारी के मुताबिक सन् 1952, 1953, 1956, 1957, 1959, 1962, 1964, 1966, 1967 और 1970 में बिना मुख्य अतिथि के गणतंत्र दिवस मनाया गया।

2018 में 10 आसियान देशों के प्रमुख रहे थे गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि

वहीं 2018 की गणतंत्र दिवस परेड पहला ऐसा अवसर था जब कई अतिथि मौजूद रहे थे। साल 2018 में 10 आसियान देशों के प्रमुख गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि रहे थे। उस मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ ब्रूनेई के सुल्‍तान हाजी-हसनल-बोल्किया मुइज्‍जाद्दीन वदाउल्‍लाह, इंडोनेशिया के राष्‍ट्रपति जोको विदोदो, फिलीपींस के राष्‍ट्रपति रोड्रिगो रोआ डूतरेत, कंबोडिया के प्रधानमंत्री हुन सेन, सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली सिएन लूंग, मलेशिया के प्रधानमंत्री दातो स्री मोहम्‍मद नजीब बिन तुन अब्‍दुल रज़ाक, थाईलैंड के प्रधानमंत्री जनरल प्रयुत छान-ओ-चा, म्‍यामां की स्‍टेट काउंसलर आंग सांग सू ची, वियतनाम के प्रधानमंत्री नग्‍युएन जुआन फूक और लाओ पीडीआर के प्रधानमंत्री थोंगलोंन सिसोलिथ मौजूद रहे थे। ग़ौरतलब हो 2018 में गणतंत्र दिवस के समारोह में 10 राष्ट्राध्यक्षों को मुख्य अतिथि बनाना एक तरह का रिकॉर्ड तो था ही, साथ ही यह इसलिए भी खास रहा क्योंकि उसी साल भारत-आसियान दोस्ती के 25 साल पूरे हुए थे।

07:41 PM: World’s largest vaccination program

07:03 PM: Manorama Yearbook

07:03 PM: Manorama Yearbook

05:00 PM: परीक्षण करने के बाद...

04:50 PM: दूसरों को खतरे में न डालें

04:30 PM: कोविड महामारी की मार...

03:50 PM: Covishield at Dimapur, Nagaland

03:35 PM: कोरोना टीकाकरण के लिए देश हो रहा है तैयार

03:00 PM: Covishield at Mizoram

02:10 PM: recovery rate improves

01:30 PM: वैक्सीन के कैसे साइड इफेक्ट हो सकते हैं?

12:55 PM: India Fights Back

12:25 PM: COVID-19 vaccine query

11:45 AM: vaccines allocated to all States/UTs.

11:00 AM: less than 20,000 Daily New Cases

10:15 AM: COVID-19 Updates

13 January 2021

01:15 PM: 96.51% स्वस्थ

12:45 PM: NATION GEARS UP FOR VACCINATION DRIVE

12:20 PM: COVID - 19 India Tracker

12:00 PM: सबसे पहले स्‍वास्‍थ्‍यकर्मियों को ही वैक्‍सीन क्यों दी जाएगी?

11:15 AM: Covaxin taken to Kurukshetra, Haryana

10:50 AM: COVID-19 Updates

10:10 AM: Testing Update

12 January 2021

06:10 PM: Covid - 19 Doctors Speak

05:15 PM: Vaccine scenario in India

04:25 PM: टीकाकरण की तैयारियां तेज

03:50 PM: lowest New Cases

02:45 PM: 'Covishield' at Chandigarh

02:15 PM: PM chairs meeting with CMs

01:40 PM: कोरोना की रफ्तार पड़ी धीमी

भारत में कोरोना की रफ्तार से राहत, 24 घंटे में 12 हजार 584 नए केस

देश में कोरोना के मरीजों की संख्या एक करोड़ चार लाख के पार पहुंच गई है। पिछले 24 घंटे में कोरोना के 12 हजार 584 नए मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़कर 1,04,79,179 पर पहुंच गई है। पिछले 24 घंटे में 167 लोगों की मौत हो गई। इसके साथ ही इस बीमारी से मरने वालों की संख्या 1,51,327 तक पहुंच गई है।

मंगलवार सुबह केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक देश में 2,16,558 एक्टिव मरीज हैं। वहीं, राहत भरी खबर है कि कोरोना से अब तक 1,01,11,294 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। जबकि देश का रिकवरी रेट बढ़कर 96.48 प्रतिशत हो गया है।

देश में पिछले 24 घंटे में 8 लाख से अधिक टेस्ट
संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए जहां 16 जनवरी से वैक्सीनेशन शुरू होने जा रहा है वहीं टेस्टिंग की रफ्तार अभी भी जारी है। देश में पिछले 24 घंटे में 08 लाख से अधिक कोरोना के टेस्ट किए गए हैं। आईसीएमआर के मुताबिक 11 जनवरी को 08,97,056 टेस्ट किए गए। अबतक देश में कुल 18,26,52,887 टेस्ट किए जा चुके हैं।

विश्व में एक दिन में छह लाख से अधिक लोग संक्रमित
वहीं भारत को छोड़ कर वैश्विक स्तर पर कोरोना की स्थिति पर गौर करें तो महामारी का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। एक दिन में विश्वभर में छह लाख से अधिक लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हुए है। अमेरिका की जॉन हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के विज्ञान एवं इंजीनियरिंग केन्द्र (सीएसएसई) की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक विश्व के 191 देशों में कोरोना वायरस से अब तक नौ करोड़ आठ लाख 73 हजार 878 लोग संक्रमित हुए हैं, जबकि 19 लाख 44 हजार 561 मरीज अपनी जान गंवा चुके हैं।

01:05 PM: recovery rate improves

12:30 PM: COVID-19 Vaccine reaches Hyderabad

12:10 PM: वैक्सीन की पहली खेप पुणे से रवाना

कोविशील्ड वैक्सीन की पहली खेप देश के अलग-अलग हिस्सों के लिए रवाना

देशभर में शनिवार से कोरोना टीकाकरण की शुरुआत हो रही है। टीकाकरण के लिए पुणे स्थिति सीरम इंस्टीट्यूट से कोविशील्ड वैक्सीन से लदे तीन ट्रक की पहली खेप आज पुणे एयरपोर्ट के लिए रवाना हुई। ये सभी वैक्सीन देश के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचाई जानी है।

पुणे जोन-5 की डीसीपी नम्रता पाटिल ने जानकारी देते हुए बताया कि वैक्सीन से लदे ट्रक को पहुंचाने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। इससे पहले कंपनी ने भारतीय परंपरा से पूजा की और उसके बाद ट्रक को रवाना किया।

वहीं जानकारी के मुताबिक पुणे एयरपोर्ट से आज कोविशील्ड वैक्सीन को लेकर 8 फ्लाइट देश के 13 अलग-अलग स्थानों के लिए रवाना होंगी। इसमें पहली फ्लाइट दिल्ली हवाई अड्डे के लिए रवाना हुई। हालांकि मुंबई के लिए वैक्सीन सड़क मार्ग से भेजी जाएगी।

बता दें कि पूरे देश में चार जगहों पर सेंट्रल स्टोरेज बनाए गए हैं जिनमें कोलकाता, मुंबई, चेन्नई और करनाल में सेंट्रल स्टोरेज बने हैं। पूरे देश के में सबसे पहले स्वास्थ्य कर्मियों को टीका लगाया जाना है। केंद्र सरकार की ओर से तैयार “वैक्सीन डाटाबेस रिकॉर्ड” के लिए मोबाइल एप्लीकेशन “को-विन” पर स्वास्थ्य कर्मियों की सूची अपलोड कर दी गई है। प्रत्येक स्वास्थ्य कर्मी को टीके की दो डोज दी जाएगी।

गौरतलब हो कि करीब एक अरब 30 करोड़ की विशाल आबादी वाले देश में समुचित तरीके से टीकाकरण अभियान पूरा करना देश के सामने बड़ी चुनौती है। ऐसे में केंद्र सरकार के साथ राज्यों का बेहतर तालमेल ही इस लक्ष्य को पूरा करने में मददगार साबित होगा।

11:30 AM: COVID-19 Updates

11:15 AM: Three Golden Rules

11:00 AM: 96.49% स्वस्थ

10:30 AM: Testing Update

10:00 AM: 'Covishield' on the go

11 January 2021

06:35 PM: Preparations Done for COVID-19 vaccines: PM

06:05 PM: PM on COVID-19 vaccine

05:45 PM: 30 करोड़ लोगो को मिलेगा वैक्सीन

05:35 PM: COVID vaccine

05:15 PM: LIVE: PM IN MEETING ON COVID - 19

05:05 PM: वैक्सीनेशन के लिए कोविन ऐप पर नहीं शुरू हुआ रजिस्ट्रेशन

भ्रामक खबरों में न फंसे, वैक्सीनेशन के लिए कोविन ऐप पर नहीं शुरू हुआ अभी रजिस्ट्रेशन

(468 Words)

जहां एक ओर कोरोना वायरस को हराने के लिए देश में वैक्सीन देने की तैयारी है, वहीं सोशल मीडिया पर वैक्सीन से जुड़ी कई तरह की अफवाहें और भ्रामक खबरें फैलाई जा रही हैं। कोई इसके रिएक्शन की बात कर रहा है तो कोई तो परिणाम को लेकर सवाल उठा रहा है। वैक्सीन से जुड़े कुछ ऐसे ही अफवाहों को दूर करके सफदरजंग अस्पताल, नई दिल्ली की डॉ गीता कमपानी ने कई महत्वपूर्ण सवालों के के जवाब दिए।

अब तक के ड्राई रन के परिणाम कैसे रहे?
पूरे देश में आठ जनवरी से दूसरा ड्राई रन हो रहा है। अब तक के परिणाम संतोषजनक रहे हैं। ट्रांसपोर्टेशन में कोई समस्या नहीं पायी गई है। वैक्सीन के लिए जरूरी तापमान को मेंटेन रखने में हम सफल हुए हैं।

सोशल मीडिया पर टीकाकरण को लेकर भ्रामक बातें फैलाई जा रही हैं, इनसे कैसे बचें?
सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरों के अलावा कोविन के नाम से अलग-अलग फर्जी ऐप भी बनाये गए हैं। उनके चक्कर में मत पड़ें। भारत सरकार के कोविन ऐप पर अभी रजिस्‍ट्रेशन शुरू नहीं हुआ है। उम्मीद है कि 10 दिन में रजिस्ट्रेशन व टीकाकरण शुरू हो जाएगा। इसकी जानकारी स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा आधिकारिक तौर पर दी जाएगी।

टीकाकरण की प्रक्रिया क्या होगी?
पहला चरण है कोविन ऐप पर रजिस्ट्रेशन करवाना। इसके बाद फोटो पहचान पत्र और आधार कार्ड से वेरिफिकेशन किया जाएगा। फिर वैक्सीन का इंजेक्शन दिया जाएगा और 30 मिनट तक व्यक्ति को ऑब्जर्वेशन में रखा जाएगा। यह देखने के लिए कि कहीं कोई त्वरित प्रभाव तो नहीं दिख रहे हैं। इसी प्रकार दूसरी डोज़ के लिए चार हफ्ते बाद बुलाया जाएगा।

क्या वैक्सीन लगवाने के बाद कोई रिएक्शन हो सकता है?
वर्तमान में बच्चों को जो वैक्सीन लगायी जाती है, उसमें भी हल्‍का बुखार, रैशेज़ या एलर्जी जैसे रिएक्शन होते हैं। ये बहुत कम समय के लिए होते हैं। कोविड-19 की वैक्सीन में भी अगर रिएक्शन हुआ तो उसका असर बहुत कम होगा। जैसे जिस जगह पर इंजेक्शन दिया जाएगा, वहां लाल पड़ जाये, या त्वचा सख्‍त पड़ जाये, खुजली हो, या हो सकता है 24 घंटे के लिए हल्‍का बुखार, शरीर में दर्द, सर्दी, खांसी आये, उसके लिए आप पैरासिटामॉल ले सकते हैं।

क्या वैक्सीन लगवाने वाले हर व्यक्त‍ि को र‍िएक्शन होगा?
नहीं, ऐसा नहीं है। दरअसल हर वैक्सीन में एक प्रोटीन कम्पोनेंट होता है, जो उसके सहायक के रूप में काम करता है, ताकि वैक्सीन का प्रभाव लंबे समय तक बना रहे। ऐसे लोग जिनको कुछ विशेष प्रकार के प्रोटीन से एलर्जी है, उनको वैक्सीन देने पर रिएक्शन ज्यादा हो सकता है। ऐसे लोग जिन्हें प्रोटीन कम्पोनेंट से बहुत अधिक एलर्जी है, वो ये वैक्सीन नहीं लगवायें तो बेहतर होगा। क्योंकि उन लोगों को एनाफिलेक्सिस हो सकता है। हालांकि इसके होने की बहुत कम संभावना है।

04:20 PM: कोविड-19 के संक्रमण को नियंत्रित करने में सफलता

03:35 PM: कोरोना वैक्सीन के लिए खुद को पंजीकृत करें

03:10 PM: Corona Virus Updates

02:45 PM: स्वास्थ्य विशेषज्ञों से जानें वैक्सीन के बारे में

संक्रमित लोग कब और कैसे लगवा सकते हैं वैक्सीन, बता रहे हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ

(471 words)

वैज्ञानिकों और भारत सरकार के अथक प्रयास के बाद आखिरकार वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के खिलाफ भारत ने वैक्सीन तैयार कर ली और वैक्सीनेशन के लिए दिन भी नियत कर दी है। 16 जनवरी से हमारे देश में दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान शुरू होगा। लेकिन वैक्सीन वितरण के दौर में भी खुद का बचाव करना जरूरी है और कोविड-19 से बचने के लिए नियमों को अपनाना जारी रखें।

वैक्सीन से जुड़े सवाल और उससे जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं के जानने के लिए प्रसार भारती ने अपने विशेष कार्यक्रम कोरोना जागरूकता श्रृंखला में लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज के डॉ. राजेंद्र के धमीजा से विशेष बातचीत की।

संक्रमित कब लगवा सकते हैं वैक्सीन
अगर कोई संक्रमित है, तो उसे वैक्सीन लगवानी चाहिए या नहीं इस बारे में डॉ धमीजा ने बताया कि अगर कोई संक्रमित है, तो सबसे पहले होम आइसोलेशन के नियमों का पालन करें। अगर अस्पताल में भर्ती हुए हैं, तो डॉक्टरों की निगरानी में रहें। जब तक संक्रमित हैं, तब तक बिलकुल बाहर नहीं जाना है, क्योंकि औरों के लिए भी रिस्क है। ऐसे में वैक्सीनेशन के लिए नहीं जाना है। जब संक्रमित के अंदर से वायरस खत्म हो जाए, तभी उसे वैक्सीनेशन के लिए जाना है। सबसे ध्यान देने वाली बात ये है कि वैक्सीन आने का ये अर्थ नहीं है कि बचाव के नियमों का पालन न करें। क्योंकि यह बहुत बड़ा अभियान है और इसमें समय भी लगेगा।

मॉडर्ना और फाइजर ने बनाई है पहली आरएनए वैक्सीन
वहीं वैक्सीन बनाने के लिए कई तरह के अलग-अलग टेक्नोलॉजी का प्रयोग किया गया है। ऐसे में आरएनए वैक्सीन कैसे काम करती है, इस बारे में उन्होंने कहा कि मैसेंजर आरएनए टेक्नोलॉजी से अब तक कई वैक्सीन बनायी गईं, लेकिन एक भी अप्रूव नहीं हुईं। यह पहली आरएनए वैक्सीन है, जिसे अनुमति मिली है, जिसे मॉडर्ना और फाइजर ने बनायी है। इसमें वायरस के जीनोम से आरएनए को निकाल कर शरीर में इंजेक्ट करते हैं। यह मैसेंजर आरएनए कोड हमारी कोशिकाओं को निर्देश देता है कि आप स्पाइक प्रोटीन बनाइये। तब हमारा शरीर उस स्पाइक प्रोटीन के विरुद्ध एंटीबॉडी बनाते हैं। तब जब वायरस अटैक करता है तब एंटीबॉडी उससे लड़ने में सक्षम होते हैं।

वायरल वेक्टर प्लेटफॉर्म कैसे करता है काम
एक दूसरे सवाल में में कि वैक्सीन बनाने वाला वायरल वेक्टर प्लेटफॉर्म कैसे काम करता है, इस बारे में डॉ धमीजा बताते हैं इसमें नुकसान नहीं पहुंचाने वाले वायरस को लेकर उसके जीनोम में सार्स कोविड-19 वायरस का आरएनए मैसेंजर डाला जाता है। फिर इसी हार्मलेस वायरस को शरीर में इंजेक्ट किया जाता है, जो हमारी कोशिकाओं को स्पाइक प्रोटीन) बनाने को कहता है। फिर इसके विरुद्ध हमारे शरीर में एंटीबॉडी बनने लगते हैं और उस दशा में जब असली कोविड वायरस हमला करने पर भी शरीर को प्रभावित नहीं कर पाता है।

02:15 PM: recovery rate improves

01:55 PM: UK strain of COVID-19

01:20 PM: COVID-19 Update

12:50 PM: 96.43% स्वस्थ

12:10 PM: अफवाहों पर मत जायें, पूरी तरह सुरक्षित हैं कोविड वैक्सीन : स्वास्थ्‍य विशेषज्ञ

अफवाहों पर मत जायें, पूरी तरह सुरक्षित हैं कोविड वैक्सीन : स्वास्थ्‍य विशेषज्ञ 

(435 words)

सोशल मीडिया पर वैक्‍सीन को लेकर फैलाई जा रहीं अफवाहों पर पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन आफ इंडिया के अध्‍यक्ष डॉ. के श्रीनाथ रेड्डी ने कहा है कि भारत में अप्रूव दोनों वैक्‍सीन पूरी तरह सुरक्षित हैं, लिहाज़ा किसी भी प्रकार की बातों पर विश्‍वास मत करें। रही बात सुरक्षा की हमारी वैक्सीन तीन कठिन चरणों से होकर गुजरी है।

प्रसार भारती से बातचीत में डॉ. श्रीनाथ ने क्लीनकल ट्रायल के बारे में बताया कि सबसे पहले यह देखा जाता है कि वैक्सीन कितनी सुरक्षित है। दूसरे फेज़ में देखा जाता है कि वैक्सीन देने के बाद वॉलेंटियर्स के शरीर में कितनी मात्रा में एंटीबॉडी विकसित हो रहे हैं। तीसरा चरण सबसे महत्वपूर्ण होता है, जिसमें हजारों की संख्‍या में लोगों को वैक्‍सीन दी जाती है और सेफ्टी के साथ-साथ यह देखा जाता है कि जिन लोगों को वैक्सीन नहीं दी गई है, उनके मुकाबले वॉलेंटियर्स कितने अधिक सुरक्षित हैं। हजारों लोगों पर चेक किया जाता है कि वैक्सीन सुरक्षित है कि नहीं।

वैक्सीन देने के कितने दिन बाद इम्‍यूनिटी विकसित हो जाती है?
इस सवाल पर डॉ. रेड्डी ने बताया कि वैक्सीन के दो डोज़ दिए जाएंगे, जिनके बीच चार हफ्ते का अंतर है। पहली डोज़ के दो या तीन हफ्ते में एंटीबॉडी बनने शुरू हो जाएंगे। पहले इंजेक्शन से हमारे शरीर में वायरस के ख‍िलाफ प्राइमिंग होती है। इस दौरान पूरी इम्‍यूनिटी जोर नहीं पकड़ पाती है। दूसरे इंजेक्शन को बूस्‍टर डोज़ कहते हैं। उसके दो हफ्ते के भीतर एंटीबॉडी अच्‍छी मात्रा में बन जाते हैं। यानी तब आपका शरीर पूरी तरह तैयार होता है वायरस से लड़ने के लिए।

वैक्सीन लगवाने के बाद अगर बुखार आये या एलर्जी हो तो क्या करें?
डॉ. रेड्डी ने जवाब दिया कि वैक्सीन लगवाने पर अगर बुखार आये तो आप पै‍रासिटामॉल ले सकते हैं। अगर एलर्जी होती है, तो नजदीकी डॉक्टन को दिखायें। एलर्जी के कई रूप होते हैं, इसलिए समय पर इलाज जरूरी है। लेकिन चिंता करने की बात नहीं है, अगर एलर्जी होती है, तो दस-पंद्रह मिनट में पता चलने लगता है।

तेजी से नियंत्रित हो रहे वायरस के पीछे टेस्टिंग को प्रमुख कारण बताते हुए डॉ. रेड्डी ने कहा कि हमारे देश ने टेस्टिंग के मामले में कीर्तिमान स्‍थापित किया है। अब तक 18 करोड़ लोगों का कोरोना टेस्‍ट किया जा चुका है। दरअसल किसी भी बीमारी, खासकर अगर तेजी से फैलने वाली बीमारी हो, तो उसकी पहचान जल्द से जल्द करना जरूरी होता है, ताकि संक्रमण का फैलाव नहीं हो। इससे बीमारी की पहचान करना भी आसान हो जाता है। पॉजिटिव निकलने पर कॉन्‍टैक्ट ट्रेसिंग करना आसान हो जाता है।

11:30 AM: वायरल वेक्टर प्लेटफॉर्म कैसे काम करता है?

11:00 AM: COVID-19 UPDATES

10:10 AM: Testing Update

10 January 2021

06:10 PM: Coronavirus Updates

05:00 PM: Stay safe

04:20 PM: online campaign to empower women

03:40 PM: Second largest manufacturer

03:02 PM: Vaccine Rollout

01:45 PM: COVID-19 Recent Updates

12:50 PM: 96.42% स्वस्थ

12:15 PM: कोविड-19 टीकाकरण

11:39 AM: COVID-19 Updates

11:10 AM: National Youth Parliament Festival-2021

10:59 AM: COVID-19 Updates:

9:03 AM: Indonesia Plane Crash

9 January 2021

05:50 PM: जारी रहेगा वैक्सीन पर शोध

टीकाकरण के दौरान भी जारी रहेगा वैक्सीन पर शोध : स्वास्थ्‍य विशेषज्ञ

(513 words)

केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की विषय विशेषज्ञ समिति की बैठकों के बाद मैसर्स सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के ‘कोविशील्ड’ और मैसर्स भारत बायोटेक के ‘कोवैक्सिन’ टीके को सीमित आपातकालीन उपयोग की अनुमति दे दी गई है। अभी तक भारत के अलग-अलग हिस्सों में इन टीकों के टीकाकरण प्रक्रिया के तीन सफल मॉक ड्रिल हो चुके हैं। लेकिन फिर भी लोगों के मन में इस प्रक्रिया को लेकर कुछ सवाल थे। इन दुविधाओं को दूर करने के सन्दर्भ में आकाशवाणी के एक रेडियो कार्यक्रम में डॉ एन एन माथुर ने इस टीकाकरण प्रक्रिया को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें बताईं।

उन्होंने बातचीत के दौरान कहा कि वो यह मान कर चल रहे हैं कि जिस किसी को भी वैक्सीन दी जाएगी, उसमें कोरोना के खिलाफ एंटीबॉडी विकसित हो जाएंगे। अब कितने प्रतिशत लोगों में होंगे यह शोध का विषय रहेगा। टीकाकरण के दौरान भी अध्‍ययन जारी रहेगा। अध्‍ययन में एकत्र किया जाने वाला डाटा पब्लिक डोमेन में भी आएगा और लोगों को बताया जाएगा कि वैक्सीन की एफिकेसी कितनी है।

कोरोना से ठीक हुए लोगों के लिए भी टीकाकरण जरुरी

एक बड़ा सवाल जो लोगों के मन में इस प्रक्रिया को लेकर है वो यह है कि जब देश में स्‍वस्‍थ होने वालों की दर 96% हो गई है, तो क्या सभी को टीका लेना जरूरी है? वक्ता से बात करते हुए लेडी होर्डिंग हॉस्पिटल के निदेशक डॉ माथुर ने बताया, “96 प्रतिशत रिकवरी रेट का मतलब, जितने लोगों को यह बीमारी हुई थी, उनमें 96 प्रतिशत लोग ठीक हो गए हैं। उसका मतलब यह नहीं है कि 96 प्रतिशत लोग प्रतिरक्षित हो गए हैं या उनके अंदर एंटीबॉडीज आ गए हैं। इसलिए वैक्सीन सभी के लिए जरूरी है।” उन्होंने यह भी बताया कि पहली डोज के बाद लोगों को उसी टीके की दूसरी डोज के लिए 4 हफ्ते के बाद बुलाया जायेगा।

टीकाकरण के लिए कोविन एप पर करवाना होगा पंजीकरण

वक्ता के पूछने पर डॉ माथुर ने बताया कि जब वैक्सीन आयेगी, तब सभी को कोविन ऐप पर पंजीकरण करवाना होगा। वहीं ऐप के अलावा कैसे पंजीकरण करा सकते हैं, यह भी जिला प्रशासन की ओर से अवगत कराया जाएगा। अगर लोग दी गई तिथि पर नहीं पहुंच पाते हैं, तो उनका नंबर फिर कितने दिन बाद आयेगा, यह सब सरकार बतायेगी।लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि जो तारीख दी जाए, उस पर जरूर पहुंचे क्यूंकि सरकार लोगों के लिए बहुत मुश्किल काम कर रही है।

प्रचुर मात्रा में एंटीबॉडीज विकसित करने के लिए दिये जाएंगे दो डोज

अभी तक जितनी भी वैक्सीन तैयार की गई हैं, उनका ट्रायल दो डोज़ के साथ ही किया गया है। तमाम परीक्षणों में यह पता चला है कि वैक्सीन के दो डोज़ के बाद ही अच्‍छी मात्रा में एंटीबॉडीज विकस‍ित होते हैं। डॉ माथुर ने बातचीत के दौरान बताया कि पहले कितनी मात्रा में एंटीबॉडी थे और वैक्सीन लगाने के बाद कितने हो गए, यह पता करने के लिए हमारे पास वक्त नहीं है। यह एक प्रोटोकॉल है, जिसके आधार पर हर व्यक्त‍ि को दो डोज लगेंगी, पहली साधारण एवं दूसरी बूस्‍टर।

04:45 PM: COVID-19: DOCTORS SPEAK

03:50 PM: Crossed 18 Crore Total Tests

03:00 PM: Covid Test in Educational Institutions

02:00 PM: वृद्ध लोग कैसे बढ़ाएं अपना इम्यूनिटी लेवल

वृद्धावस्था में कैसे रखें अपनी सेहत का ध्यान, जानिए हेल्थ एक्सपर्ट्स की राय

(319 Words)

उम्र के बढ़ने के साथ कई लोग बीमारियों की चपेट में आने लगते हैं। बताया जाता है कि वृद्धों के शरीर में बहुत कम इम्यूनिटी होती है। खासतौर पर कोरोना काल में यह पाया गया है कि कम इम्यूनिटी की वजह से वृद्ध लोगों को संक्रमण का अधिक खतरा है। ऐसे में यह बहुत जरूरी हो जाता है कि वृद्धावस्था की ओर बढ़ रहे लोग अपनी सेहत का खास ख्याल रखें। जानकार बताते हैं कि स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने से बीमारियों की संभावनाएं कम हो जाती हैं।

एम्स के असोसिएट प्रोफेसर डॉ प्रशून चटर्जी का कहना है कि वृद्धावस्था में रोगों से बचने के लिए बुजुर्गों को अपनी शारीरिक गतिविधियां बढ़ानी चाहिए। ऐसा करने से शरीर एक्टिव होता है। कोशिश करें कि आप अपने खानपान का ख्याल रखें। क्योंकि खानपान का ध्यान रखने से शरीर का इम्यूनिटी लेवल बढ़ाया जा सकता है। ऐसे भोजन को अपनी डाइट में शामिल करें जिनमें फोलिक एसिड, आयरन और विटामिन प्रचूर मात्रा में हों। नियमित तौर पर एरोबिक्स करें। साथ ही योग और प्राणायाम को भी डेली रूटीन में शामिल करने की कोशिश करें। इनके अलावा आप चाहें तो शारीरिक गतिविधियां बढ़ाने के लिए फिजियोथेरेपी का भी सहारा ले सकते हैं।

जीटीबी अस्पताल के मेडिसिन प्रोफेसर डॉ सुभाष गिरी के मुताबिक जिन लोगों को उम्र बढ़ने की वजह से बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है, उन्हें अपनी डाइट में ऐसे फूड आइटम शामिल करने चाहिए जिनमें प्रोटीन की मात्रा बहुत अधिक होती है। इसके साथ ही कोशिश करें कि आप ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन न करें जिनमें प्रचूर मात्रा में कार्बोहाइड्रेट होता है। नमक का सेवन कम-से-कम करें। वृद्धावस्था की ओर कदम बढ़ा रहे लोगों को विटामिन सी, डी और बी कॉम्पलेक्स के सप्लीमेंट का सेवन करना चाहिए। बताया जाता है कि इसका सेवन करने से इम्यूनिटी बढ़ाई जा सकती है। इम्यूनिटी लेवल अच्छा होने की वजह से कई प्रकार की बीमारियों और वायरस से बचने में मदद मिलती है।

01:00 PM: Milestone in Testing

12:15 PM: Recovery Rate

10:30 AM: Watch Live: PM addresses the Pravasi Bharatiya Divas Convention

10:25 AM: COVID-19 Updates

10:12 AM: वैक्सीन लगवाने के बाद क्या कोरोना के ख‍िलाफ एंटीबॉडी विकसित हो जाएंगे?

9:47 AM: Weather Report

9:32 AM: COVID-19 Testing Update

8 January 2021

02:30 PM: More Than 1 Crore Recoveries

01:30 PM: Covid-19 Updates

12:30 PM: वैक्सीन के ट्रांसपोर्टेशन को मंजूरी

वैक्सीन के ट्रांसपोर्टेशन को मंजूरी, आज से देश भर के 41 केन्द्रों में भेजी जाएगी दवाई

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देश में कोरोना टीकाकरण अभियान शुरू होने के कयासों के बीच शुक्रवार यानी आज से पूरे देश में एक साथ वैक्सीन के लिए ड्राई रन किया जाएगा। ड्राई रन की तैयारियों का जायजा लेने के लिए केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन गुरुवार को सभी प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्रियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात की। इस मौके पर डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि राज्यों से वैक्सीन ड्राई रन को लेकर फीडबैक मिले हैं और हमने इसके आधार पर जरूरी सुधार भी किए है। शुक्रवार से 33 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में वैक्सीन का ड्राई रन होगा।

सरकार ने वैक्सीन के ट्रांसपोर्टेशन की मंजूरी दी

इस बीच केंद्रीय मंत्री ने बताया कि शुक्रवार से ही कोरोना वैक्सीन के ट्रांसपोर्टेशन का काम शुरू कर दिया जाएगा। सरकार ने इस संबंध में मंजूरी दे दी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने महाराष्ट्र के पुणे को वैक्सीन वितरण का केंद्र बनाया है, यहीं से देश भर के 41 केंद्रों में वैक्सीन भेजी जाएगी। इसके लिए सरकार ने यात्री विमानों से वैक्सीन भेजने का काम भी शुरू कर दिया है।

महाराष्ट्र, केरल और छत्तीसगढ़ बढ़ रहे केस

वहीं स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र, केरल और छत्तीसगढ़ में कोरोना वायरस के मामलों में अचानक उछाल देखने को मिला है। इसको लेकर लोगों को सचेत रहने की आवश्यकता है। कोविड-19 के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखने के लिए लोगों को मास्क पहनना, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना बेहद जरूरी है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा कि शोध कार्य से लेकर वैक्सीन तक देश ने लंबी यात्रा की है। देश में दो कोरोना वैक्सीन को आपातकालीन उपयोग की मंजूरी मिल गई है। हम जल्द ही टीकाकरण अभियान शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि भारत में 10 वैक्सीन बन रही है, जिसमें से 7 का क्लिनिकल ट्रायल चल रहा है और 2 को आपातकालीन इस्तेमाल का अनुमति दी जा चुकी है।

11:30 AM: Increasing Recovery Rate

8:49 AM: India to chair 3 key committees of UNSC

8:31 AM: Centre to hold the 8th round of talks with the representatives of farmers

8:23 AM: India Fights Corona

8:11 AM: 2nd nationwide dry run

8:01 AM: 2nd nationwide dry run

Dry run for COVID19 Vaccination to be carried out in all the 33 districts across Assam today to test the preparedness. Earlier, dry run was conducted at Kamrup Metro, Nalbari and Sonitpur districts. Today dry run is being conducted at 3 health institutes in each district.

8:00 AM: Pravasi Bharatiya Divas

7 January 2021

6:01 PM: औपचारिक घोषणा

5:42 PM: OTA Gaya

5:13 PM: Khadi products in India

1:51PM: COVID-19 UPDATES

1:45 PM: COVID-19 UPDATES

11:45 AM: डबल डेकर मालगाड़ी को पीएम मोदी ने दिखाई हरी झंडी

डबल डेकर मालगाड़ी को पीएम मोदी ने दिखाई हरी झंडी, कहा- इसका लाभ किसानों को मिलेगा

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के न्यू रेवाड़ी-न्यू किशनगढ-मदार रेलखण्ड को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये राष्ट्र को समर्पित किया। इस दौरान प्रधानमंत्री न्यू किशनगढ से न्यू अटेली के लिए इलेक्ट्रिक से चलने वाली विश्‍व की पहली डबल स्टैक डेढ किलोमीटर लम्बी कंटेनर ट्रेन को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया।

इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा- ‘2021 के प्रारंभ से ही कई परियोजनाओं के लोकार्पण का सिलसिला चल रहा है। जब नए साल में देश का आगाज अच्छा है तो आने वाला समय और भी शानदार होना तय है।’

इस अवसर पर राजस्‍थान के राज्यपाल कलराज मिश्र, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और रेल, वाणिज्य एवं उद्योग तथा खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री पीयूष गोयल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे।

इस खंड के शुरू होने से राजस्थान और हरियाणा के इन इलाकों को होगा लाभ

उल्‍लेखनीय है कि पश्चिमी समर्पित माल वहन गलियारे (वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर) न्यू रेवाड़ी-न्यू मदार खंड हरियाणा (महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी जिलों में लगभग 79 किलोमीटर) और राजस्थान (जयपुर, अजमेर, सीकर, नागौर और अलवर जिलों में लगभग 227 किलोमीटर) में स्थित है। इसमें नौ नवनिर्मित डीएफसी स्टेशन शामिल हैं, जिनमें से छह- न्यू डबला, न्यू भगेगा, न्यू श्री माधोपुर, न्यू पचार मलिकपुर, न्यू सकून और न्यू किशनगढ़-क्रॉसिंग स्टेशन हैं। जबकि अन्य तीन- रेवाड़ी, न्यू अटेली और न्यू फुलेरा- जंक्शन स्टेशन हैं। इस खंड के शुरू होने से राजस्थान और हरियाणा के रेवाड़ी- मानेसर, नारनौल, फुलेरा और किशनगढ़ इलाके में स्थित विभिन्न उद्योगों को लाभ होगा और यह काठूवास में स्थित कॉनकोर के कंटेनर डिपो के बेहतर इस्तेमाल को भी संभव बनायेगा। यह खंड गुजरात में स्थित कांडला, पिपावाव, मुंधरा और दाहेज के पश्चिमी बंदरगाहों के साथ निर्बाध संपर्क सुनिश्चित करेगा। इस खंड के उद्घाटन के साथ, डब्ल्यूडीएफसी और ईडीएफसी (ईस्‍टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर) के बीच निर्बाध संपर्क संभव हो जायेगा। इससे पहले प्रधानमंत्री द्वारा 29 दिसंबर 2020 को ईडीएफसी के 351 किलोमीटर लंबेन्‍यू भाऊपुर-न्‍यू खुर्जा खंड को देश को समर्पित किया गया था।

डबल स्टैक लॉन्ग हॉल कंटेनर ट्रेन का परिचालन

डबल स्टैक लॉन्ग हॉल कंटेनर ट्रेन के परिचालन में 25 टन का बढ़ा हुआ एक्सल लोड होगा। इसे डेडीकेटेड फ्रेट कोरीडोर कार्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (डीएफसीसीआईएल) के लिए अनुसंधान डिजाइन और मानक संगठन (आरडीएसओ) के वैगन विभाग द्वारा डिज़ाइन किया गया है। यह डिजाइन क्षमता उपयोग और एक समान वितरित एवं स्थलवार लदान (पॉइंट लोडिंग) को अधिकतम स्तर पर ले जायेगा। कंटेनर इकाइयों के लिहाज से डब्ल्यूडीएफसी पर एक लॉन्ग हॉल डबल स्टैक कंटेनर ट्रेन में जुड़े ये वैगन भारतीय रेलवे की वर्तमान क्षमता की तुलना में चार गुना अधिक कंटेनर इकाइयों को ढो सकते हैं।

डीएफसीसीआईएल भारतीय रेलवे की पटरियों पर 75 किलोमीटर प्रति घंटे की मौजूदा अधिकतम गति के मुकाबले 100 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति से मालगाड़ियां चलाएगा, वहीं मालगाड़ियों की 26 किलोमीटर प्रति घंटे की मौजूदा औसत गति को बढ़ाकर डीएफसी पर 70 किलोमीटर प्रति घंटा भी किया जाएगा।

11:06 AM: New Rewari-New Madar section

10:56 AM: India’s 7th Trade Policy Review

India’s 7th Trade Policy Review began on 6 Jan, at the World Trade Organization in Geneva. TPR is an important mechanism under the WTO’s monitoring function and involves a comprehensive peer-review of the Member’s national trade policies. India’s last TPR took place in 2015.

10:51 AM: Sourav Ganguly discharged

10:23 AM: COVID-19

10:11 AM: COVID-19 Updates

10:00 AM: Flight operations at Srinagar

Flight operations at Srinagar International Airport resumed after four days, as flight service remained suspended due to heavy snowfall in Kashmir.

9:34 AM: COVID-19 Testing Update

6 January 2021

1:58 PM: MEA's Sri Lanka visit

1:39 PM: Cabinet approved the signing of MoU

Cabinet approved the signing of a Memorandum of Cooperation between the Government of India and Government of Japan on a Basic Framework for Partnership for Proper Operation of the System Pertaining to “Specified Skilled Worker”

12:27 PM: COVID-19 Update

12:20 PM: COVID-19 Update

12:20 PM: COVID-19 Update

12:01 PM: India's COVID19 recovery rate improves

11:33 AM: Status of Avian Influenza (Present outbreak)

Status of Avian Influenza (Present outbreak) AI has been reported from following States (at 12 epicentres)- Rajasthan(crow): Baran, Kota, Jhalawar MP(crow): Mandsaur, Indore, Malwa Himachal Pradesh(migratory birds): Kangra Kerala(poultry-duck): Kottayam, Allapuzha (4 epicentres).

Measures suggested to affected States include: strengthening biosecurity of poultry farms, disinfection of affected areas, proper disposal of dead birds/carcasses, timely collection & submission of samples for confirmation & further intensification of surveillance plan.

11:13 AM: COVID-19 Testing Update

11:09 AM: COVID-19 Update

5 January 2021

5:08 PM: Recoveries remains higher than new cases